वैज्ञानिकों को मिला बहुत ही बड़ा ब्लैकहोल, रोज खा जाता है एक सूर्य

वैज्ञानिकों को मिला बहुत ही बड़ा ब्लैकहोल, रोज खा जाता है एक सूर्य
यह अब तक का सबसे भूखा, सबसे विशालकाय ब्लैकहोल है. (NASA/JPL-Caltec)

वैज्ञानिकों ने ऐसा ब्लैकहोल (Black Hole) खोजा है जो अब तक का खोजा गया सबसे बड़ा (Biggest), सबसे भारी (heaviest) और सबसे भूखा ब्लैकहोल है.

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ब्रह्माण्ड में इस समय लाखों की संख्या में ब्लैकहोल (Black Hole) होंगे. लेकिन कुछ ब्लैकहोल खास हो जाते हैं क्योंकि वे दूसरों से बहुत ही ज्यादा अलग होते हैं इसी तरह का एक ब्लैकहोल खगोलविदों (Astronomers) ने हाल ही में खोजा है जो कई मायनों में दूसरों से काफी अलग है, लेकिन इसकी खास बात यह बताई जा रही है कि यह रोज एक सूर्य (Sun) को खा जाता है.

क्या है इसकी खासियत
अंतरराष्ट्रीय खगोलविदों की एक टीम ने अपने नए शोध में पाया है कि J2157 नाम का यह ब्लैकहोल अब तक के ज्ञात ब्लैकहोल में से सबसे तेजी से बढ़ने वाला है. इतना ही नहीं यह बहुत ज्यादा बड़ा है और बहुत ज्यादा भूखा भी. अध्ययन के नतीजे मंथली नोटिसेस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी में प्रकाशित हुए हैं.

कितना बड़ा और भारी है यह
ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के अगुआई में हुए इस शोध में पाया गया है कि इस ब्लैकहोल का भार हमारे सूर्य से 3.4 करोड़ गुना ज्यादा है और यह एक सूर्य के बराबार भार के आकाशीय पिंडों को अपने अंदर रोज समेट लेता है. इस अध्ययन के लेखकों में से एक डॉ क्रिस्टोफर ओंकेन का कहना है कि  इस ब्लैकहोल का वजह हमारी गैलेक्सी मिल्की वे के केंद्र में स्थित ब्लैकहोल से 8 हजार गुना ज्याद बड़ा है. यदि मिल्की वे के इस ब्लैकहोल को इतना बड़ा होना है तो उसे हमारी गैलेक्सी के तीन चौथाई तारों को निगलना होगा.



 



कितना पुराना है यह ब्लैकहोल
J2157 पहली बार साल 2018 में इसी टीम ने खोजा था. डॉ ओंकेन का कहना है कि शोधकर्ता इस ब्लैकहोल को उस समय देख रहे हैं जब ब्रह्माण्ड केवल 1.2 अरब साल पुराना था.  यह ब्लैकहोल शुरुआती समय के ब्लैकहोल में से सबसे विशालकाय ब्लैकहोल है. यह समय हमारे ब्रह्माण्ड की वर्तामान उम्र का 10 प्रतिशत समय है. वैज्ञानिकों के लिए यह भी शोध का विषय है कि इतनी जल्दी इतना विशालकाय ब्लैकहोल कैसे विकसित हो गया.

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नया रिकॉर्ड बनाने की ओर
यूरोपीयन साउदर्न ऑबजर्वेटरी (ESO) के फ्याआन बियान, जो इस अध्ययन का हिस्सा भी हैं, का कहना है कि कोई ब्लैकहोल कितना कुछ निगल सकता है यह इस पर निर्भर करता है कि पहले से उसका भार कितना है. इस लिए जिस तेजी से यह पदार्थ निगल रहा है , उससे लगता है कि यह नया रिकॉर्ड बनाने की ओर है.

Black hole
हर गैलेक्सी के केंद्र में कहीं एक ब्लैकहोल पाया जाता है, लेकिन यह ब्लैकहोल अपनी गैलेक्सी के बारे में कौतूहल जगा रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


कितनी दूर है यह हमसे
रिपोर्ट के मुताबिक अध्ययनकर्ताओं की टीम ने ESO के वेरी लार्ज टेलीस्कोप (VLT) के आंकड़ों का उपयोग कर यह सारी जानकारी हासिल की. यह ब्लैकहोल होम 15A (Holm 15A) गैलेक्सी के अंदर है जो हमारी पृथ्वी से 70 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्थित है.

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गैलेक्सी के बारे में करनी होगी पड़ताल
डॉ ओंकेन ने कहा, “इतना विशाल ब्लैकहोल मिलने के बाद हम इस बात से उत्साहित हैं कि हम उस गैलेक्सी के बारे में क्या जान सकते हैं जिसमें यह पनप रहा है. क्या यह गैलेक्सी ब्राह्माण्ड की शुरुआत के समय की सबसे विशालकाय गैलेक्सी है या ब्लैकहोल ने अपने आसपास की ज्यादा ही वस्तुओं को निगल लिया था. यह जानने के लिए हमें और गहराई से पड़ताल करनी होगी.”
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