जानिए नेप्च्यून के आकार के इस नए बाह्यग्रह की खोज क्यों उत्साहित हैं वैज्ञानिक

वैज्ञानिकों को पहली बार ऐसा बाह्यग्रह (Exoplanet) मिला है जिसमें अध्ययन की इतनी अधिक संभावनाएं हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

वैज्ञानिकों को पहली बार ऐसा बाह्यग्रह (Exoplanet) मिला है जिसमें अध्ययन की इतनी अधिक संभावनाएं हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

पृथ्वी (Earth) के बाहर जीवन की खोज की कवायद में ऐसा बाह्यग्रह (Exoplanet) खोजा गया है जिसमें वैज्ञानिकों के लिए शोध (Research) की एक साथ बहुत सारी संभावनाएं हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 10, 2021, 12:04 PM IST
  • Share this:

खुद हमारी पृथ्वी (Earth) और उस पर जीवन की उत्पत्ति के रहस्यों के जानना का अध्ययन कर रहे हैं. इसके लिए वे हमारे सौरमंडल (Solar System) से दूर बाह्यग्रहों (Exoplanets) का विशेष तौर पर अध्ययन करते हैं जिससे उन ग्रहों के हालात का अध्ययन कर सकें जिसमें पृथ्वी के जैसी स्थितियां हों या विकसित हो रही हों. ऐसे ही एक अध्ययन का मौका अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं के एक समूह को मिला है. उन्होंने एक ऐसे बाह्यग्रह की खोज की है जिसका वायुमंडल तैयार हो चुका है और अध्ययन के पूरी तरह से मुफीद है.

नेप्च्यून के आकर का ग्रह

इस अध्ययन में नासा के जेट प्रपल्शन लैबोरेटरी और यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू मैक्सिकों के वैज्ञानिक भी शामिल हैं. शोधकर्ताओं ने एन शीतोष्ण नेप्चूयन के आकार का बाह्यग्रह खोजा है जो अपने एम श्रेणी के बौने तारे का चक्कर केवल 24 घंटे में लगा लेता है. इस खोज वैज्ञानिक बहुत उत्साहित हैं क्योंकि इस  बाह्यग्रह में शोध के बहुत सारे अवसर मौजूद हैं. इसका एक परिपक्व वायुमंडल है, तारा छोटा है और यह सिस्टम पृथ्वी से बहुत तेजी से दूर जा रहा है.

इन आंकड़ों का उपयोग
यह अध्ययन द एस्ट्रोनॉमिकल जर्नल में प्रकाशित होने वाला है. TOI-1231 b की खोज एक फोटोमैट्रिक आंकड़ों का उपयोग कर की गई है जो नासा के ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट (TESS) से लिए गए थे. इसके असलावा चिली में लास कैम्पानास ऑबजर्वेटरी में मैगेलन क्ले टेलीस्कोप के प्लैनेट फाइंडर स्ट्रैटोस्कोप (PFS) के अवलोकनों को भी शामिल किया है.

ऐसे की जाती है खोज

प्लैनेट फाइंडर स्ट्रैटोस्कोप(PFS) ऐसे परीष्कृत उपकरण है जो बाह्यग्रहों को उनके तारे पर पड़ने वाला गुरुत्व प्रभाव से पहचान करता है. जब ग्रह अपने तारे का चक्कर लगाता है तो तारे की गति में निश्चित समय के साथ अंतर आ जाता है. इससे वैज्ञानिकों को ग्रह की मौजूदगी का पता चलता है और वे ग्रह के भार और उसकी कक्षा की जानकारी भी जुटा पाते हैं.



Space, Solar system, Earth, Exoplanet, TESS, Atmosphere, TOI-1231 b, TOI-1231,
बाह्यग्रह (Exoplanet) की खोज में नासा के TESS टेलीस्कोप के आंकड़ों की मदद ली गई थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

टेस के बाह्यग्रह के अध्ययन की तकनीक

नासा का टेस टेलीस्कोप हर गोलार्द्ध को 13 सेक्टर में बांटता है और 28 दिन तक उसका अवलोकन करता है. इस तरीके से टेस ने तारे के आगे से गुजरने वाले ज्यादातर ग्रहों की खोज की है. यह तकनीक बड़े और छोटे ग्रहों दोनों को खोजने मे कारगर साबित हुई है जो सूर्य के आकर के तारों से लेकर कम भार वाले एम श्रेणी के आकार के तारों के ग्रह होते हैं.

NASA का दावा- नए सौर प्रस्फोट हो सकते हैं सूर्य के रहस्य सुलझाने में मददगार

इस श्रेणी के तारों से फायदा

एम श्रेणी के तारों को लाल बौना तारा भी कहा जाता है. ऐसे तारे हमारी मिल्की वे गैलेक्सी के 70 प्रतिशत तारे होते हैं. इनका आकार और भार कम होता है. इनकी चमक भी कम होती है जिसकी वजह से इनके ग्रहों की पहचान करना आसान हो जाता है. एक बाह्यग्रह के दो चक्करों का अवलोकन जरूरी है जिससे उसके बारे में अन्य जानकारी मिल सके. TOI-1231b का कक्षा काल 24 दिन का है.

Space, Solar system, Earth, Exoplanet, TESS, Atmosphere, TOI-1231 b, TOI-1231,
उन बाह्यग्रहों (Exoplanet) का अध्ययन आसान हो जाता है जो लाल तारे का चक्कर लगाते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: @ESO)

अध्ययन के लिए मुफीद

TOI-1231 b आकार और घनत्व में नेप्च्यून के जैसा लेकिन उससे कुछ छोटा है फिर भी माना जा रहा है कि इसका वायुमंडल भी नेप्च्यून की तरह गैसीय होगा. बड़ा ग्रह और उसके तारे के छोटे होने से इसका अध्ययन अच्छे से किया जा सकता है. शोधकर्ता यह जानने का प्रयास भी कर रहे हैं कि भविष्य के किस तरह के अंतरिक्ष अभियान इसके वायुमंडल की बाहरी परत और उसकी गैसों की जानकारी दे सकते हैं.

रूसी स्पेस एजेंसी प्रमुख ने दी ISS छोड़ने की धमकी, यह जताई आशंका

वैज्ञानिकों में उत्साह

इस ग्रह का तापमान 60 डिग्री सेल्सियस है जिसेस यह अब तक के अवलोकित किए जा सकने वाले खोजे गए  छोटे बाह्यग्रहों में सबसे ठंडा है. यहां पर ऊंचे बादल हो सकते हैं जिससे उसके वायुमंडल में मौजूद गैसों के बारे में जानना मुश्किल हो सकता है. लेकिन एक दूसरे ठंडे ग्रह के साथ ऐसा नहीं हुआ. इस वजह से वैज्ञानिक TOI-1231 b को लेकर उत्साहित हैं कि यहां पानी के बादल भी हो सकते हैं.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज