एक उभयचर में मिला वैज्ञानिकों को सांप जैसा जहर, बहुत अजीब और अलग है यह जीव

एक उभयचर में मिला वैज्ञानिकों को सांप जैसा जहर, बहुत अजीब और अलग है यह जीव
यह जीव सांप जैसा दिखता है लेकिन इसकी विशेषताएं बहुत ही अलग हैं

हाल ही वैज्ञानिकों ने एक ऐसा उभयचर (Amphibian) जीव खोजा है जिसमें सांप (Snake) की तरह जहर भरा होता है, लेकिन यह कई मामलों में बहुत ही अलग है.

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जहरीले जीवों (Poisonous creatures) की बात होते ही हमारा ध्यान सबसे पले सांप (Snakes) की ओर जाता है. लेकिन सांप के अलावा भी और बहुत  जीव होते हैं, जैसे बिच्छू, छिपकली, आदि जो जहरीले होते हैं. लेकिन आमलोगों में सबसे ज्यादा खौफ शायद सांप का ही होता है. हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक और जहरीला जीव खोजा है जो दिखता भी सांप जैसे है, लेकिन सांप नहीं हैं.

सांप नहीं लेकिन उसमें होता है जहर
दरअसल वैज्ञानिकों की एक टीम ने एक नई प्रजाति का जीव खोजा है जो सांप नहीं है लेकिन उसका जहर सांप के जहर जैसा ही घातक है. ब्राजील और अमेरिका के वैज्ञानिकों की टीम ने इस उभयचर (Amphibian) की प्रजाति को खोजा है. जिसके मुंह में जहर की ग्रंथि है. इसका नाम रिंग्ड कैसिलियन (ringed caecilian) है इसका वैज्ञानिक नाम सिफोनोप्स एनुलाटस  (Siphonops annulatus) है.

कहां पाए जाते हैं ये जीव
इस जीव की खास बात यह है कि देखने में सांप जैसा ही दिखता है.  ये उभयचर अफ्रीका, एशिया और अमेरिका की उष्णकटिबंधीय (Tropical) जलवायु में पाए जाते हैं. ये पानी में या खुद के बनाए बिल में रहते हैं. वे करीब –करीब अंधे होते हैं और चलने-फिरने के लिए ये अपने मुंह के हिस्से की संवेदनशीलता का इस्तेमाल करते हैं.



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ये जीव सांप की तरह काट कर जहर नहीं फैला पाते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


उभयचर की एक खास प्रजाति है यह जीव
उटाह स्टेट यूनिवर्सियटी के प्रोफेसर और इस शोध के सहलेखक एडमंड बुच ब्रोडी (चू) ने बताया कि आमतौर पर हमें लगता है कि मेंढक जैसे उभयचर हानिकारक नहीं होते लेकिन कई उभयचर ऐसे होते हैं जो अपने अंदर जहर भरे होते हैं और शिकार से बचने के लिए उनकी चमड़ी में जहर होता है.

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कैसे बचाव करते हैं शिकारी से ये खुद को
साल 2018 में टीम ने ऐसी प्रजाति के बारे में पता लगाया था जिसका सांप जैसा शरीर था और वह दो जगह से पदार्थ निकालती है. एक मुंह और दूसरा पूंछ. यह जीव म्यूकस जैसे तरल पदार्थ अपने मुंह से निकालता है जिससे वह जमीन के अंदर आसानी से घुस सके और पूंछ निकलने वाला जहर उसे शिकारी से बचाने में मदद करता है.

Snake
सांप की तरह इन उभयचरों में भी जहर की ग्रंथियां होती हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)


कहां होता है इनमें जहर
साओ पाओलो में बूटैनटैन इंस्टीट्यूट मं स्ट्रक्चरल बायोलॉजी लैब के निदेशक और इस शोध के वरिष्ठ लेखक डॉ कार्लोस जेरेड का कहना है कि हम इन कैसिनियन्स के बारे में यह नहीं जानते थे कि उनमें एक छोटी से तरल पदार्थ से भरी एक ग्रंथियां भी हैं जो उनके ऊपर और नीचे के जबड़े में होती हैं. ये लंबी ग्रंथि उनके चम्मच के आकार के दातों के आधार पर आकर खुलती है.

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केमिकल टेस्ट से मिली यह जानकारी
इनकी प्रजनन सक्रियता काफी कम होती है और उनका जीवविज्ञान हैरान भरी बातों से भरा हुआ है. यह शोध आईसाइंस में प्रकाशित हुआ है.  इन जीवों के बारे में और जाननेके लिए टीम ने  उनकी ग्रंथि में पाए जाने वाले पदार्थ का बायोकैमिकल टेस्ट किया. इस जांच से पता चला कि  उसमें फॉस्फोलिपेस ए2 एंजाइम नाम का एक फैट प्रोटीन होता है जो कई जहरीले जानवरों में पाया जाता है. डॉ जैरेड का कहना है कि ये उभयचर जीव के काटने से जहर नहीं फैलता लेकिन हां ये इन पर हमला करने वाले को काटते जरूर हैं.
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