वैज्ञानिकों ने खोजे फॉसफोरस समृद्ध तारे, जानिए क्यों माना जा रहा है इन्हें अहम

वैज्ञानिकों ने खोजे फॉसफोरस समृद्ध तारे, जानिए क्यों माना जा रहा है इन्हें अहम
पहली बार इतने तारों में एक साथ फॉस्फोरस की विशाल मात्रा पायी गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शोधकर्ताओं ने ऐसे तारों (Stars) को खोजा है कि जिनमें फॉसफोरस (Phosporus) बहुतायत मात्रा में पाया गया है. यह इस तरह की पहली खोज है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 9, 2020, 9:37 PM IST
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कहा जाता है कि ब्रह्माण्ड (Universe) में जो कुछ भी बना है उसमें से ज्यादातर तारों (Stars) से ही बना है. क्योंकि सबसे पहले तारों को ही निर्माण हुआ था और फिर उसके बाद अलग प्रक्रियाओं से ग्रह, उपग्रह और अन्य पिंडों का निर्माण हुआ था. हाल ही में शोधकर्ताओं ने 15 ऐसे तारों (Stars) की खोज की है जिनमें फॉस्फोरस (Phosphorus) बहुत अधिक मात्रा में हैं. यह नई पड़ताल तारों के अध्ययन को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है.

और भी बहुत से तत्व मिले हैं इन तारों में
ऐसा नहीं है कि इन तारों में केवल फॉस्फोरस (Phosphorus)  ही बहुत अधिक बना है. इसके अलावा इन तारों में ऑक्सीजन (Oxygen), मैग्नीशियम (Magnesium), सिलिकॉन (Silicon), एल्यूमीनियम (Aluminum), और सीरियम (Cerium) भी बहुतायत में पाए गए हैं. नेचर साइंस में प्रकाशित इस शोध में कहा गया है कि विश्लेषण के बाद शोधकर्ताओं ने पाया है कि इस रासायनिक स्वरूप की व्याख्या हमारे अभी तक की तारों के विकास की जानकारी से नहीं हो सकती है.

कितनी अहम है यह जानकारी
पृथ्वी पर जीवन पांच मुख्त तत्वों पर निर्भर हैं. ये तत्व हैं कार्बन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सल्फर और फॉस्फोरस. इनमें से फॉस्फोरस की पृथ्वी पर जीवन के सभी रूपों मे डीएनए और आरएनए  के निर्माण में अहम भूमिका है. खोजे गए तारों में फॉसफोरस की मात्रा का पाया जाना हमारी गैलेक्सी मिल्की वे में इसकी उत्पत्ति को समझने में मददगार हो सकता है.


नए अवलोकन की संभावनायह खोज इंस्टीट्यूटो डि एस्ट्रोफिसिका डि कैनारियास (IAC) और यूनिवर्सीटी ऑफ ला कोरुना के शोधकर्ताओं ने की है. इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे शोध के प्रथम लेखक और IAC शोधकर्ता थॉमस मैसरोन ने कहा, “इन नतीजों से पता चलता है कि हम न केवल न तरह के पिंड का सामना कर रहे हैं बल्कि इनकी खोज से तारों के अंदर होने वाली नई भौतिक क्रियाओं और नाभकीय प्रतिक्रियाओं के अवलोकन की संभावना भी खुल जाती है.”सौरमंडल में और भी हो सकते थे पृथ्वी जैसे ग्रह, क्या गुरू ग्रह है इसकी वजह         फॉस्फोरस की उत्पत्ति के बारे में मिल सकते हैं सुरागवहीं एक अन्य शोधकर्ता एनिबल गार्सिया हेर्नान्डेज का कहना है कि यह खोज फॉस्फोरस के उत्पत्ति के बारे में अहम सुराग दे सकती है जो कि जीवन के आधारभूत तत्वों में से एक है. वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्रह्माण्ड में हाइड्रोजन और बहुत सारा हीलियम ही ऐसे दो तत्व हैं जिनका निर्माण तारों के अंदर नहीं हुआ है. इसके अलावा हर कार्बन से लेकर भारी धातुओं तक का निर्माण तारों के अंदर ही हुआ है.


वैज्ञानिकों ने स्लोगन डिजिटल स्काय सर्वे के सार्वजनिक आंकडों से बहुत सारे इन्फ्रारेड स्पैक्टम का अध्ययन किया. इससे हमारी ही गैलेक्सी मिल्की वे के इन तारों के बारे में पता चल सका. आमतौर पर तारे से आने वाली रोशनी के स्पैक्ट्रम विश्लेषण से ही पता चलता है कि इन तारों में किन पदार्थों की बहुलता है, लेकिन अभी तक किसी भी विश्लेषण पद्धति से वैज्ञानिक फॉस्फोरस की इतनी बड़ी मौजूदगी का पता नहीं लगा सके थे.

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शोधकर्ताओं का यह मानना है कि यह अध्ययन साफ करता है कि विभिन्न विषयों के वैज्ञानिकों को कितने समन्वय के साथ काम करने की जरूरत है. इसमें खगोलविदों और कम्प्यूटेशन विशेषज्ञों को मिल कर काम करने की ज्यादा जरूरत है.
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