वैज्ञानिकों मिला दुनिया का सबसे बड़ा उड़ने वाले पक्षी का जीवाश्म

डायनासोर (Dinosaur) के विलुप्त (Extinct) होने के बाद के समय के एक पक्षी (Bird) का जीवाश्म (Fossil) मिला है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
डायनासोर (Dinosaur) के विलुप्त (Extinct) होने के बाद के समय के एक पक्षी (Bird) का जीवाश्म (Fossil) मिला है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

वैज्ञानिकों ने डायनासोर (Dinosaur) के युग के बाद के एक पक्षी (Bird) का जीवाश्म (Fossil) हासिल किया है जो इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा पक्षी हो सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 6:52 AM IST
  • Share this:
डायनासोर (Dinosaur) के छह करोड़ साल पहले विलुप्त (Extinct)  होने के बाद पृथ्वी के कई इलाकों में बड़े पक्षियों (Big Birds) का राज आ गया था. लाखों करोड़ों साल पहले के जीवन की बहुत सारी जानकारी जीवाश्मों (Fossils) में से निकालने के बाद भी जीवाश्मविज्ञानियों को नए जीवीश्म चौंकाते रहते हैं. ऐसा ही एक जीवाश्म एक विशाल पक्षी का मिला है जो डायनासोर के बाद के समय पाया जाता था.

कितना बड़ा था यह पक्षी
इस बार यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया बर्केले के जीवाश्म शोधकर्ताओं को मिला है वह 21 फीट ऊंचा और हॉकसॉ की जैसे दांतों वाला जीव था जो पृथ्वी के दक्षिणी महासागरों के ऊपर विचरण किया करता था.

इतिहास का सबसे लंबा पक्षी
इसी सप्ताह साइंटिफिक रिपोर्ट जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शामिल जीवाश्मविज्ञानियों का कहना है उन्होंने इतिहास का सबसे लंबी प्रजाति का पक्षी खोजा है. पेलागोर्निथिड्स के रूप में पहचाने गए इस पक्षी का जीवाश्म साल 1980 के दशक में अंटार्कटिका के इलाके में पाया गया था.



शिकार के अनुकूल दांत और चोंच
दो प्रागैतिहासिक पक्षियों के इस जीवाश्म में शोधकर्ताओं को उनकी पैरकी हड्डी, जबड़े की हड्डी मिले हैं जो अंटार्कटिका के सेमॉर द्वीप में मिला था. पेलागोर्निथिड्स को हड्डियों वाले दातों के तौर पर भी जाना जाता है क्योंकि उनकी सॉ जैसे दांत और लंबी चोंच हुआ करती थी जिससे वे मछलियों और स्क्विड का शिकार किया करते थे.

Dinosaur, birds, Fossil, Extinct
डायनासोर (Dinosaur) के विलुप्त (Extinct) होने के बाद इस प्रजातियों के पक्षियों का राज रहा. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


सबसे विशाल नमूना
बर्कले शोधकर्ताओं ने जीवाश्म के आकार का मापन कर पाया कि पैर की हड्डी पेलागोर्निथिड्स समूह के विलुप्त प्रजातियों में सबसे विशाल नमूना है. उनका कहना है कि जबड़े की हड्डी जितने बड़ी है उससे यह हड्डी अब तक के इस समूह वाले पक्षियों में सबसे विशाल पक्षी की लगती है.

भेड़ियों से लेकर मगरमच्छ तक के जैसे दिखते थे व्हेल के पूर्वज- भारतीय शोध

कितने पुराने जीवाश्म थे ये
इस शोध के प्रमुख शोधकर्ता पीटर क्लोएस का कहना है कि ये अंटार्कटिका जीवाश्म इयोसीन युग के न केवल दुनिया के सबसे बड़े उड़ने वाले पक्षी हो सकते हैं, बल्कि दुनिया में अब तक सबसे बड़े खूंखार पक्षी भी थे. शोधकर्ताओं ने पाया की जीवाश्म कम से कम 5 करोड़ साल पुराना था. जबकि जबड़े की हड्डी करीब चार करोड़ साल पुरानी है.

birds,Mass Extinction, species,
उस जमाने में उड़ने वाले बड़े पक्षी (Birds) बड़ी संख्या में हुआ करते थे, लेकिन यह सबसे बड़ा था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


डायनासोर के बाद
इससे पता चला कि यह पक्षी सेनेजोइक युग के थे जो पृथ्वी पर एक क्षुद्रग्रह के टकराने के बाद का समय था. इस क्षुद्रग्रह के टकराने के बाद ही डायनासोर करीब करीब पूरी तरह से नष्ट हो गए थे. शोधकर्ताओं ने बताया कि उनकी खोज से पता चला है कि इस जीव का पंख ही 5 से 6 मीटर बड़े थे. इससे जाहिर है कि ये पक्षी जल्दी से विशाल आकार में विकसित हो गए और लाखों सालों तक इन्होंने महासागरों पर राज किया था.

इंसान नहीं, इस वजह से मारे गए थे दक्षिण पूर्व एशिया का विशाल जानवर

पेलागोर्निथिड्स को प्राय: एल्बैट्रॉस से जोड़कर देखा जाता है जिन्हें महासागर पार करने के लिए जाना जाता है. लेकिन  पेलागोर्निथिड्स एल्बैट्रॉस से आकार में दोगुने रहा करते थे. अध्ययन से यह पता चला कि इन जीवों में बहुत विविधता आ गई थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज