• Home
  • »
  • News
  • »
  • knowledge
  • »
  • उल्कापिंड के अवशेष ने खोले राज, पृथ्वी पर जीवन शुरू होने के मिले अहम संकेत

उल्कापिंड के अवशेष ने खोले राज, पृथ्वी पर जीवन शुरू होने के मिले अहम संकेत

पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत के अनेक मत हैं और उनके भी अपने वैज्ञानिक आधार हैं पर पूरी तरह से प्रमाणित नहीं हैं.

पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत के अनेक मत हैं और उनके भी अपने वैज्ञानिक आधार हैं पर पूरी तरह से प्रमाणित नहीं हैं.

पता चलता है कि पृथ्वी (Earth) पर वह पदार्थ उल्कापिंड (Meteorite) के जरिए आए जिनसे पृथ्वी पर जीवन शुरू होना संभव हो सका.

  • Share this:
नई दिल्ली: आखिर पृथ्वी पर जीवन (life on earth) कहां से आया? यह एक ऐसा सवाल है जिसे वैज्ञानिकों को सालों से उलझा कर रखा है. कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी पर जीवन बाहर से नहीं बल्कि यहीं पर पनपा था. लेकिन अब उस धारणा को समर्थन करने वाले कुछ ऐसे सुराग मिले हैं जो यह साबित कर सकते हैं कि पृथ्वी पर जीवन बाहर से ही आया था. वैज्ञानिकों को पृथ्वी पर पाए गए उल्का पिंड (Meteorite) के अवशेषों में ऐसे प्रमाण मिले हैं.

सूक्ष्मजीवन शुरू करने वाले पदार्थों की उपस्थिति
वैज्ञानिकों को उन आदर्श हालातों के प्रमाण मिले हैं जनमें पृथ्वी पर सूक्ष्मजीवन पनपना शुरू हुआ था. इनमें उन्हें  हमारे सौरमंडल की शुरुआत में प्रचुर सोडियम वाले क्षारीय तरल पदार्थों को मौजूदगी के प्रमाण मिले हैं. शोधकर्ताओं को यह प्रमाण उस उल्कापिंड के अवशेष में मिले हैं जो अरबों साल पहले हमारे सौरमंडल के क्षुद्रग्रहों की पट्टी में बना था.

क्या मिला उलकापिंड के अवशोषों में
यह उल्कापिंड वैज्ञानिकों को हमारे ग्रह पर साल 2000 में मिला था. कनाडा की मैकमास्टर यूनिवर्सिटी और दुनिया के अन्य शोधकर्ताओं की टीम ने एक चट्टान में ऐसे खनिज कण ढूंढे जिनके साथ प्रचुर सोडियम वाले क्षारीय तरल पदार्थ भी थे. शोधकर्ताओं के मुताबिक यह अमीनो एसिड के सिंथेसिस करने के लिए अनुकूल हालात हैं जिनकी वजह से 4.5 अरब साल पहले पृथ्वी पर सूक्ष्म जीवन शुरू हुआ था.

asteroid
अरबों साल पहले बड़ी संख्या में उल्कापिंड पृथ्वी पर गिरे थे. (AP)


कहां मिले इस उल्कापिंड के अवशेष
इस नमूने को टैगिश लेक मीटयोराइट कहा जा रहा है.यह कनाडा के यूकोन में पाया गया था. शोधकर्ताओं ने एटम प्रोब टोमोग्राफी तकनीक का उपयोग कर चट्टान पर से नौनोमीटर आकार के कुछ कण उठाए थे. इस उल्कापिंड में कैल्शियम, मैगनीशियम और सोडियम तब बने जब यह सौरमंडल के क्षुद्रग्रह की पट्टी में 4.5 अरब साल पहले मौजूद था. यह शोध अमेरिका के प्रोसीडिंग्स ऑफ नेशनल एकेडमी साइंस में प्रकाशित हुआ है.

तो ऐसे बना सौरमंडल में वातावरण
इस पदार्थ में मौजूद परमाणुओं की खास संरचना से पता चला है कि हमारे सौरमंडल में कभी नम क्षारीय वातारण था. इसमें प्रचुर मात्रा में सोडियम था. इन संरचनाओं के माध्यम से पता चला कि हमारे सौर मंडल में उस समय के रासायानिक वातावरण में और हमारी पृथ्वी में सूक्ष्म जीवन में संबंध था. वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी पर अरबों साल पहले बड़ी मात्रा में क्षुद्रग्रह गिरे थे. इन चट्टानों के टुकड़ों से धरती पर न केवल पानी आया, बल्कि जीवन की शुरूआत करने वाले अणु भी आए. जिनके केमिकल रिएक्शन से अंततः अमीनो एसिड बने और उसके बाद जीवन की शुरुआत हुई.

कई सवालों के नहीं मिल सके जवाब
अब हमें पता चल गया है कि यह पदार्थ कहां से आए थे शोधकर्ताओं की टीम में शामिल यॉर्क यूनिवर्सिटी के बेथ लिमेर का कहना है कि अमीनो एसिड पृथ्वी पर जीवन का आधार हैं. इसके बाद भी हमें काफी कुछ जानने की जरूरत है कि ये सबसे पहले हमारे सौरमंडल में बने कैसे. शोधकर्ताओं को यह जानना है कि उस समय किस तापमान और पीएच के माहौल में ये अणु बने. इसके अलावा शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्हें यह तो पता है कि पहले हमारे सौरमंडल में पानी बहुतायत में था, लेकिन  उस समय के तरल पदार्थों में अमीनो एसिड कैसे बने और फिर सूक्ष्म जीवन कैसे शुरू हुआ यह पता नहीं चल सका है.

asteroid
कहा जाता है कि उल्कापिंडों से ही पृथ्वी पर जीवन शुरू करने वाले पदार्थ आए.


लेकिन इतनी अहम जानकारी मिल ही गई
इस शोध में कुछ सवालों का जवाब मिला जैसे कि तब सौरमंडल में कम अम्लीयता थी. उन तरल पदार्थों में तापमान करीब 80 डिग्री सेल्सियस के आसपास था. शोध से इस धारणा को बल को मिला है कि पृथ्वी पर जीवन के हालात बाहर से आए थे.

यह भी पढ़ें:

जल्द ही इंटरनेट की स्पीड 5G से भी होगी तेज, इस आविष्कार ने जगाई उम्मीद

जानिए क्या है डार्क मैटर और क्यों अपने नाम की तरह है ये रहस्यमय

चीनी रॉकेट के अवशेष अटलांटिक महासागर में गिरे, जानिए क्या थी इसमें खास बात

मंगल पर है पानी, फिर जीवन होने की संभावना है कम, जानिए क्यों है ऐसा

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज