30 साल पहले मिले Fossil पर हुआ नया खुलासा, Fracture नहीं Cancer था डायनासोर को

30 साल पहले मिले Fossil पर हुआ नया खुलासा, Fracture नहीं Cancer था डायनासोर को
शोधकर्ताओं ने जीवाश्म का सीटी स्कैन कर पाया कि उसे कैंसर था. (प्रतीकात्मक तस्वीर, रायटर्स)

साल 1989 में मिले डायनासोर (Dinosaur) के जीवाश्म (Fossil) का विस्तृत अध्ययन कर पाया गया कि उसे एक खास तरह का कैंसर (Cancer) था, जिसे फ्रैक्चर (Fracture) समझ लिया गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 5, 2020, 6:27 PM IST
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माना जाता है कि कैंसर (Cancer) की बीमारी इंसानों में बहुत पहले से, शायद शुरू से ही रही है. लंबे समय से कैंसर के कई रूप भी सामने आए हैं, और अब भी इसका कोई शर्तिया इलाज नहीं निकल सका है या इसकी कोई वैक्सीन नहीं बन सकी है. लेकिन एक शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि आज से तीस साल पहले जिस डायनासोर (Dinosaur) के जीवाश्म (Fossil) की हड्डी में उन्हें फ्रैक्चर (Bone Fracture) का पता लगा था, वास्तव में वह एक कैंसर का ट्यूमर (Tumour) था.

क्या मिला था 30 साल पहले
साल 1989 में जब वैज्ञानिकों ने सींग वाले डायनासोर का पहला जीवाश्म निकाला था, तब उन्हें उसकी एक खराब पैर हड्डी मिली थी  जिसके बारे में उस समय कहा गया था कि वह ठीक हो चुका पैर था. सेंट्रोसॉरस (Centrosaurus) नाम का यह जीवाश्म वैज्ञानिकों को कनाडा के अलबर्टा प्रांत के डायनासोर प्रोविसिंयल पार्क में मिला था.

क्या थी वास्तव में वह बीमारी
ताजा परीक्षण में शोधकर्ताओं का कहना है कि वास्तव में वह कुछ और था. उन्होंने पाया है कि उस डायनासोर की यह खराबी वास्तव में ऑस्टियोसारकोमा (osteosarcoma) था. यह एक खास तरह का कैंसर होता है जो तेजी से बढ़ने वाली हड्डियों में होता है. इस कारण से यह सेंट्रोसॉरस जो 7.6 करोड़ साल पहले जीवित था, पहला ऐसा केस है जो कैंसर पीड़ित डायनासोर का है.



कैसे होते थे सेंट्रोसॉरस
20 फुट यानि 6 मीटर लंबा सेंट्रोसॉरस चार पैरों वाला, पौधों को खाने वाला क्रिटेशियस युग का डायनासोर था जिसकी नाक के आगे लंबा सींग था और इसकी गर्दन के ऊपर भी दो छोटे नुकीले सींग था. कनाडा में टोरोंटो के रॉयल ओन्टारियो म्यूजियम के जीवाश्मविज्ञानी और इस अध्ययन के एक शोधकर्ता डेविड इवान्स का कहना है कि इसके छोटे पैर की हड्डी में एक सेब से भी बड़े आकार की ट्यूमर की गांठ थी.

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डायनासोर जैसे विशाल जीव भी कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित हुआ करते थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर, रायटर्स)


डायनासोर जैसे जीवों को भी होता था कैसर
यह अध्ययन लैसेट ओन्कोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुआ है. इवान्स ने कहा, “यह सेंट्रोसॉरस बहुत कमजोर रहा होगा और कैंसर से मरने से पहले लंगड़ा कर चल रहा होगा. इस पड़ताल से पता चलता है कि डायनासोर कितना भी विशाल या शक्तिशाली लगता हो, वे भी उसी तरह से बीमारियों के शिकार होते जैसे आज के इंसान और जानवर होते हैं. डायनासोर किसी मिथक क्रूर जानवर की तरह लगते हैं, लेकिन वे भी जीवित और सांस लेने वाले जानवर थे जो चोट और बीमारियों जैसे खौफनाक अनुभवों से गुजरते थे.”

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बहुत ही दुर्लभ मामला है ये
चूंकि बहुत से ट्यूमर नरम ऊतकों (Tissues) में होते हैं, इसलिए उनका तुरंत जीवाश्मीकरण नहीं होता है. किसी जीवाश्म में कैंसर पाए जाने का यह अपने आप में बहुत ही दुर्लभ प्रमाण है. इस अध्ययन के सहलेखक डॉ मार्क क्रोथेल का कहना है कि इस तरह से कैंसर का पाया जाना कोई नई बात तो नहीं है, लेकिन यह बहुत पुराना मामला है. फिर भी यह समस्या सभी जानवरों में हो सकती है.

क्या होती है यह ओस्टियोसारकोमा बीमारी
क्रोथेल ने बताया कि ओस्टियोसारकोमा आमतौर पर तेजी से बढ़ती हड्डियों में होती है और यह बच्चों और युवाओं में पाया जाने वाला रोग होता है. आम तौर पर डायनासोर भी इस बीमारी का जोखिम होता होगा क्योंकि उनकी हड्डी भी बहुत तेजी से बढ़ती है. यह ट्यूमर हड्डी को खराब कर देता है . आम लोगों में इसके इलाज में केमियोथैरेपी और सर्जरी का उपयोग होता है जिसमें कभी-कभी पीड़ित हड्डी वाला हिस्सा काटना भी पड़ता है.

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डायनासोर में हड्डियों का विकास तेजी से होता है, इसलिए उसे यह बीमारी हुई. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


कैसे पता लगाया इसका
शोधकर्ताओं ने इस ट्यूमर की पुष्टि हाइ रिजोल्यूशन वाले सीटी स्कैन और ट्यूमर के महीन हिस्सों को माइक्रोस्कोप के अध्ययन के जरिए की थी. इवान्स ने कहा, “हम न केवल यह दर्शा सके कि हड्डियों के ऊतकों में ऑस्टियोसारकोमा है, लेकिन यह भी पता लगा सके कि वह कहां तक फैला था. इससे फ्रैक्चर की पूर्व धारणा गलत साबित हुई.”

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इस पड़ताल के बाद भी शोधकर्ताओं का मानना है कि इस कैंसर पीड़ित डायनासोर की मौत कैंसर से नहीं हुई होगी. इसका जीवाश्म वैज्ञानोकं को बहुत सारे सेंट्रोसॉरस डायनासोर के साथ मिला है जिससे यह अनुमान लगाया गया है कि पूरा का पूरा समूह ही बाढ़ की चपेट में आने से डूब कर मर गया होगा.
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