मंगल पर जल्दी ही उगाई जा सकेगी सलाद, इस शोध से वैज्ञानिकों को बंधी उम्मीद

मंगल पर जल्दी ही उगाई जा सकेगी सलाद, इस शोध से वैज्ञानिकों को बंधी उम्मीद
अंतरिक्ष में लंबे समय तक रखे गए बीजों से पौधे निकल आए हैं. यह एक बड़ी सफलता है.

छह महीने तक अंतरिक्ष में रखे बीजों (seeds) से धरती पर पौधे उगाने में सफलता मिली है. इससे वैज्ञानिकों के लगता है कि मंगल (Mars) पर भी पौधे उगाए जा सकते हैं.

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नई दिल्ली:  हमारे वैज्ञानिक पृथ्वी से बा (out of space) हर अंतरिक्ष में जीवन को ही नहीं ढूंढ रहे हैं. वे इस बात का भी अध्ययन कर रहे हैं, क्या अंतरिक्ष में या किसी अन्य ग्रह पर पृथ्वी जैसे जीवन के अनुकूल हालात पैदा किए जा सकते हैं या नहीं. यह एक बहुत ही बड़ा और लंबा काम है, लेकिन इस दिशा में एक अहम कदम बढ़ाते हुए वैज्ञानिकों ने इस बात का सफल अध्ययन किया है कि अगर किसी सलाद के बीज (Seeds of Salad) कुछ महीनों तक अंतरिक्ष में रहें तो उन पर क्या असर होगा.

क्या था यह अध्ययन
नए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर सलाद के कुछ बीजों को एक-दो नहीं बल्कि छह महीनों तक रखा और उसके बाद धरती पर वापस लाकर उन्हें उगाकर उसमें आए बदलावों का अध्ययन किया.  शोध में पाया गया कि ये बीज सामान्य रूप से ही पौधे बने, केवल उनकी वृद्धि की गति ही कुछ कम हुई.

Plant
इन पौधों की वृद्धि की गति में ही फर्क पड़ा है. (प्रतीकात्मक फोटो)

कितने बीजों का ले जाया गया अंतरिक्ष


ब्रिटेन के अंतरिक्ष यात्री टिम पीके ISS पर अपने साथ दो किलो के सलाद के बीज अपने साथ ले गए थे.  वहां इन बीजों ने पृथ्वी के मुकाबले सौ गुना ज्यादा विकिरण अवशोषित किया जिसमें खतरनाक अल्ट्रावॉलेट किरणें भी शामिल हैं जो हमारी धरती तक नहीं पहुंच पाती है.

फिर धरती पर कितने पौधे उगाए गए
जब ये बीज धरती वापस आए तो विभिन्न स्कूलों के छह लाख बच्चों ने इन इस प्रयोग में भाग लिया जो यूके स्पेस एजेंसी के सौजन्य से आयोजित किया गया था. इन बच्चों ने इन बीजों से पौधे उगाए और उनकी देखभाल की. उन्होंने इस पौधों की तुलना उन पौधों से भी की जिनके बीज पृथ्वी पर ही थे.

क्या रहा अंतर
इस अध्ययन से एजेंसी ने पाया कि अंतरिक्ष से वापस आने वाले बीजों के पौधे धीरे बड़े हुए. ये अपनी उम्र के प्रति ज्यादा संवेदनशील थे. इससे यह साफ हुआ कि यदि बीजों को यात्रा के दौरान सही संरक्षण मिला तो उन्हें अंतरिक्ष या दूसरे ग्रह पर उगाना संभव है. इस शोध के नतीजे लाइफ वैज्ञानिक जर्नल में प्रकाशित हैं. शोध में माना गया है कि अंतरिक्ष यात्रा के दौरान ये बीज नष्ट नहीं हुए.

Mars
अब उम्मीद है कि मंगल पर हम बीज पहूंचाने के बाद हम वहां पौधे भी उगा सकेंगे.


यह आगे लिए एक बड़ा कदम
इंडिपेंडेन्ट की रिपोर्ट के मुताबिक शोध लंदन के बायोलॉजिकल साइंस विभाग के डॉ जेक कैंडलर की अगुआई में यह शोध किया गया था. उनका कहना है कि इस तरह के उच्च गुणवत्ता के बीजों का अंतरिक्ष में लेकर जाना  हमारे आने वाले मंगल और अन्य अंतरिक्ष अभियानों के लिए अहम है. डॉ जेक का मानना है कि यह मंगल जैसेग्रहों पर पौधे उगाने की दिशा में एक आगे बढ़ने वाला कदम है.

और भी कारक हैं, लेकिन ...
वहीं एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि बीजों पर अंतरिक्ष में प्रभाव डालने वाले कारक सूक्ष्म गुरुत्व, ऑक्सीजन की कमी, नमी में कमी और तापमान में बहुत अधिक अंतर हो सकते हैं. लेकिन यूरोपीय स्पेस एजेंसी के जेसन हाटन का कहना है कि विकिरण ने ही इन बीजों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया होगा. फिर भी इस शोध ने बीजों के रखरखाव और उनके अकुरण पर अंतरिक्ष के प्रभावों के बारे में वैज्ञानिकों को अहम जानकारी तो दे ही दी है.

क्या उम्मीद बंधी है
इस अध्ययन के नतीजों से यह उम्मीद भी बंधी है कि अब हम पौधों के बीज मंगल ग्रह तक ले जाकर वहां पौधे उगा सकते हैं. बेशक अभी तक कि मिली जानकारी के अनुसार मंगल पर पौधे उगाना तो बहुत दूर, उन्हें वहां रखना तक संभव न हो, लेकिन वैज्ञानिक मंगल के इन हालातों ने निराश नहीं हैं.

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