जाने शरीर के उस नए 'अंग' के बारे में, जो सालभर पहले खोजा गया था

जाने शरीर के उस नए 'अंग' के बारे में, जो सालभर पहले खोजा गया था
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वैज्ञानिकों ने इंसान के शरीर में एक नए अंग की पहचान की थी. अभी लगातार इस पर काम हो रहा है

  • News18India
  • Last Updated: April 3, 2019, 11:34 AM IST
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वैज्ञानिकों ने एक साल पहले इंसान के शरीर में एक नए अंग की पहचान की थी. जिसे इंटरस्टिशियम नाम दिया गया था. हालांकि वैज्ञानिकों के बीच सालभर से इसे लेकर ये बहस भी लगातार चलती रही है कि इसे नया अंग माना भी जाए या नहीं.

इस अंग को पहले शरीर के उत्तकों के बीच की खाली जगह में भरा तरल माना जाता था लेकिन अब इंसानी शरीर में उत्तकों के बीच तरल से भरी इन खाली जगहों को नया अंग मान लिया गया है.इस तरह से 'इंटरस्टिशियम' इंसानी शरीर का 80वाँ अंग माना जाएगा.

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हालांकि मतभेद इसी बात पर है कि तरल से भरी खाली जगह को कैसे अंग मान लिया जाए.  वैसे वैज्ञानिक सही तरीके से इसके काम के तौरतरीके के बारे में अध्ययन कर रहे हैं. ताकि पता किया जा सके क्या ये वाकई ये कोई खास काम करता है. हालांकि आयरलैंड स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ लिमरिक की शोध कहती है कि यह अंग हमारे पाचन तंत्र का हिस्सा है.


ये समंदर की तरह है

अभी तक ये माना जाता था कि मानव के शरीर में सिर्फ 79 अंग हैं. वैज्ञानिकों का दावा है कि 'इंटरस्टिशियम' से कैंसर का पता लगाने में मदद मिल सकती है. जर्नल 'नेचर' के मुताबिक, इस अंग की संरचना समन्दर की तरह है. जिस तरह समन्दर की लहरों में उतार चढ़ाव होते हैं वैसे ही कुछ इस अंग के साथ है.



दरअसल, यह अंग  आंत, फेफडे, रक्त नलिका और मांसपेशियों, के नीचे भी मिलते हैं. यह अंग काफी लचीले होते हैं इन अंगों में प्रोटीन की मोटी लेयर होती है, वैज्ञानिकों के हिसाब से ‘इंटरस्टिशियम’शरीर के टीशूज को बचाव का काम करते हैं.

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