वैज्ञानिकों ने पहली बार देखी अनोखी घटना, ब्लैकहोल के विलय से निकला प्रकाश

वैज्ञानिकों ने पहली बार देखी अनोखी घटना, ब्लैकहोल के विलय से निकला प्रकाश
सुपरमासिव ब्लैकहोल के पास हुए दो अन्य ब्लैकहोल के विलय के समय ही बहुत ज्यादा मात्रा में प्रकाश निकलने की घटना हुई. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

एक सुपरमासिव ब्लैकहोल (Supermassive Black hole) के बाहर दो ब्लैकहोल के विलय (Merger) की घटना के साथ ही उसी जगह से एक ज्वाला (Flare) का प्रकाश भी निकला. शोधकर्ताओं का कहना है कि यह ज्वाला विलय से ही निकली.

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पिछले कई सालों से ब्लैकहोल (Black Hole) वैज्ञानिकों के लिए कौतूहल का विषय रहे हैं. यूं तो हम ब्लैकहोल के बारे में अप्रत्यक्ष रूप से काफी कुछ जान चुके हैं. लेकिन अब भी उनके जन्म सहित काफी बातों का खुलासा नहीं हो सका है. हाल ही में हुए शोध के आधार पर अंतरराष्ट्रीय खगोलविदों की टीम को लगता है कि उन्हें लगता है कि उन्होंने एक ब्लैकहोल के विलय  की प्रक्रिया के दौरान प्रकाश(Light) को निकलते देखा है. अगर यह सिद्ध हो सका तो यह इस तरह की पहली घटना होगी.

कई संभावनाओं के रहते माना गया कि
यह हैरानी की बात यह है कि ब्लैकहोल तो अपने अंतर प्रकाश सहित सभी कुछ अपने अंतर खींच लेते हैं. ऐसे में विलय की घटना के दौरान उससे प्रकाश बाहर कैसे आ सकता है. इस बारे में कई तरह के मत होने की संभावनाएं है, लेकिन शोधकर्ताओं का मानना है की एक प्रकाश विलय की घटना के दौरान ही आया है.

क्या था यह अध्ययन
कैलिफोर्निया में कैलटेक ज्विकी ट्रांजिट फैसिलिटी के वैज्ञानिक ने इस अभूतपूर्व घटना को देखा,. वे दो ब्लैक होल के टकराव से आईं गुरत्व तरंगों और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों का अध्ययन कर रहे थे. हालांकि यह अभ सिद्ध नहीं हुआ है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना कि वे अगले कुछ सालों तक इस घटना का अध्ययन करते रहेंगे जिससे इस घटना की पुष्टि हो सके. माना जा रहा है कि यह ब्लैक होल की उत्पत्ति के बारे में नई जानकारी प्रदान करने वाली घटना साबित हो सकती है.



कब अवलोकित की गई थी यह घटना
कैलेटेक में एस्ट्रोनॉम के रिसर्च प्रोफेसर मैथ्यू ग्राहम की अगुआई में हुए शोध के नतीजे फिजिकल रीव्यू लैटर्स जर्नल में प्रकाशित हुई है. इस अध्ययन के मुताबिक पिछले साल 21 मई को अमेरिका स्थित लेसर इंचरफेरोमीर ग्रैविटेशनल वेव ऑबजर्वेटरी (LIGO) और इटली की वर्गो ऑबजर्वेटरी, दोनों ने गरुत्व तरंगें पकड़ी थीं जिन्हें S190521 नाम दिया गया था. ये तरंगें सुदूर अंतरिक्ष में दो ब्लैकहोल के टकराने से पैदा हुई थीं.

Black Hole
देो ब्लैकहोल के विलय से प्रकाश निकलना अब तक असंभव माना जा रहा था. (फोटो: रायटर्स)


उसी समय एक ज्वाला का निकलना
उसी समय ZTE ने एक ज्वाला या इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकरण को पकड़ा था जो एक सुदूर सक्रिय सुपरमासिव ब्लैकहोल जिसे J1249+3449 कहा गया है, निकली थी. यह उसी जगह से आई थी जहां से गुरुत्व तरंग आई थी. इस घटना से यह सवाल पैदा हुआ कि ब्लैकहोल के इस टकराव से प्रकाश कैसे आ सकता है जबकि ब्लैकहोल तो प्रकाश तक को अपने अंदर समेट लेते  हैं.

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क्या वजह हो सकती है ज्वाला निकलने की
इस अध्ययन का हवाला देते हुए CNET की रिपोर्ट का कहा है कि ब्लैकहोल का मर्जर यानि विलय सुपरमासिव ब्लैकहोल के पास की एक्रीशन डिस्क में हुआ था. एक्रीशन डिस्क ब्लैकहोल के पास गैस, धूल और तारे का वह समूह होता है जो ब्लैकहोल का तेजी से चक्कर लगाता है.अध्ययन के सह लेखक बैरी मैक्केर्नान ने कहा, “इस तेजी से घूमती गैस के रिएक्शन के कारण ही यह चमकदार ज्वाला निकली होगी जो टेलीस्कोपों को नजर आई होगी.”

Blckhole
यह घटना ब्लैकहोल के बारे में बहुत सारी जानकारी दे सकती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)(प्रतीकात्मक तस्वीर)


लेकिन शोधकर्ताओं ने मानी यह वजह
रिपोर्ट में प्रमुख लेखक ग्राहम के हवाले से कहा गया, “यह ज्वाला उसी समय और उसी जगह पर पैदा हुई होगी जब गुरुत्व तरंगों की घटना हुई होगी. हमारे अध्ययन में हमने निष्कर्ष निकाला है कि यह ज्वाला ब्लैकहोल के विलय का नतीजा हो सकती है, लेकिन हम अभी तक दूसरी संभावनाओं को खारिज नहीं कर पाए हैं.”

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माना जा रहा है कि अगर इस बात की पुष्टि हो गई जैसा शोधकर्ता कह रहे हैं तो यह किसी ब्लैकहोल का पहला ऑप्टिकल ऑबजर्वेशन (अवलोकन) होगा. इसके अलावा अगर इस विलय की पुष्टि हुई तो नए ब्लैकहोल का भार हमारे सूर्य के भार से 150 गुना ज्यादा होगा.
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