ISIS के खात्मे के दावे के बाद उठा सवाल- कहां गया इस्लामिक स्टेट का सरगना बगदादी?

अमेरिका को बार-बार ये चिंता क्यों सता रही है कि बगदादी अब भी जिंदा है?

News18Hindi
Updated: March 24, 2019, 2:04 PM IST
ISIS के खात्मे के दावे के बाद उठा सवाल- कहां गया इस्लामिक स्टेट का सरगना बगदादी?
अमेरिका को बार-बार ये चिंता क्यों सता रही है कि बगदादी अब भी जिंदा है?
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Updated: March 24, 2019, 2:04 PM IST
सीरिया से इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के खात्मे का ऐलान हो गया है. बताया जा रहा है कि सीरिया में मौजूद ISIS के आखिरी किले को नेस्तनाबूद कर दिया गया है. इसी के साथ दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन के जड़ से उखाड़ फेंकने का दावा किया जा रहा है. सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्स ने इस बाबत बयान जारी करते हुए कहा कि तथाकथित आईएसआईएस के खिलाफत को तबाह कर दिया गया है. ऐसे में पहला सवाल यह उठ रहा है कि आईएस का प्रमुख अबू बक्र अल-बगदादी कहा गया है.

जिंदा है बगदादी, इराक में है छिपा?
असल बात यह है कि अब भी अमेरिकी सेना व अमेरिकी विशेषज्ञ खूफिया एजेंसियों के लिए यह एक रहस्य मात्र है कि आईएसआईएस का मुखिया बगदादी कहां है. पहले कई बार बगदादी के एयरस्ट्राइक में मारे जाने का दावा किया जाता रहा है. हालांकि खुद अमेरिका के कई सेना विशेषज्ञ मानते हैं कि बगदादी अब भी जिंदा है और वह इराक में ही कहीं छिपा हुआ है.

SDF ने हजारों आईएसआईएस लड़ाकों को मारा पर बगदादी को नहीं पकड़ पाए

सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्स ने अलग-अलग अभियानों में हजारों आईएसआईएस लड़ाकों के मारने का दावा किया. इसके साथ ही आईएसआईएस के कई हजार समर्थकों को पकड़े जाने का दावा किया. लेकिन आज तक फोर्स आईएसआईएस के सरगना बगदादी के करीब नहीं पहुंच पाई, जबकि सीरिया और इराक दोनों ही देशों में अनगिनत लोगों को हिरासत में लिया पूछताछ की.

यहां तक कि आज भी सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्स ने साल 2018 से लेकर अभी तक गिरफ्तार किए गए कई ISIS लड़ाकों और उनके प्रति सहानुभूति रखने वालों को गिरफ्त में लिए हुए है, लेकिन किसी से भी बगदादी का पता नहीं उगलवा पाई है.

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अमेरिकी विशेषज्ञों को भी आज भी आईएसआईएस से खतरा महसूस हो रहा है. वे ये मानने को तैयार नहीं है कि बगदादी अब जिंदा नहीं है. यूएस मिलिट्री के केंद्रीय कमांड ने एक बयान में कहा है, 'आईएसआईएस के पास आज भी इतनी क्षमता है कि वह मीडिल ईस्ट ही नहीं इसके बाहर भी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में सक्षम है.'

रूसी बमबारी में बगदादी के मारे जाने की खबर तैरी थीं चैनलों पर
जून 2017 में आईएसआईएस सरगना बगदादी के मारे जाने की खबर चलाई थी. हालांकि खुद रूस की सरकार ने इसकी जांच किए जाने को कहा था. रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि वो बगदादी के मारे जाने की खबर की जांच कर रहा है. लेकिन वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके.

एक सीरीयाई न्यूज चैनल पर बगदादी के मरने की खबर के चलने के बाद रूसी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि वो अभी इसकी पुष्टि नहीं कर सकता. उसकी बमबारी में आईएसआईएस के कई टॉप कमांडर्स मारे गए थे, जिनमें बगदादी भी हो सकता है.

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रूस के रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया था कि यह हमला आईएस के गढ़ रक्का के पास किया गया था और वहां आईएस नेता अबू बकर अल बगदादी भी मौजूद था. सेना कई तरीकों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वो मारा गया है या नहीं. लेकिन रूसी सेना इस मामले में बगदादी के मारे जाने की कोई पुख्ता सबूत नहीं दे पाई.

 



आठ बार किया जा चुका है बगदादी की मौत का दावा
अबू बक्र अल बगदादी के कई नाम थे जैसे इब्राहिम अव्वाद इब्राहिम अली बद्री उर्फ अबू बकर अल बगदादी उर्फ इनविजिबल शेख उर्फ डॉ इब्राहिम. लेकिन पहचान सिर्फ एक थी. वो पहचान थी दुनिया के सबसे दुर्दांत आतंकी संगठन के सरगना की. तभी अमेरिका ने बगदादी के सिर पर करीब 164 करोड़ रुपये का ईनाम रखा था. लेकिन बगदादी का आजतक पता नहीं चल सका है.

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उसकी मौत की खबरें आठ बार आ चुकी हैं. लेकिन एक भी खबर की पुष्टि कभी नहीं हो सकी. आज भी अमेरिका ये मानता है कि बगदादी जिंदा है.

इसकी बड़ी वजह ये है कि बगदादी ने न सिर्फ इराक, सीरिया, साइप्रस, जॉर्डन, लेबनान, फिलिस्तीन और टर्की मिलाकर इस्लामिक अमीरात बनाने का सपना देखा बल्कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान पर कब्जा कर ‘द इस्लामिक स्टेट ऑफ खोरासान’ भी बनाना चाहता था. ऐसे मास्टरमाइंड के चुपचाप छिपे रहने पर कोई भरोसा नहीं कर सकता है. क्योंकि बगदादी ने जिस तरह से इस्लामिक स्टेट के साम्राज्य को खड़ा किया वो किसी के लिए भी समझ पाना इतना आसान नहीं है.

2014 में पहली बार लोगों के सामने आया था बगदादी
2014 में गर्मियों के महीने में आईएस आतंकी बगदादी और इब्राहिम अल बदरी पहली बार जनता के सामने आए थे, जब आईएस ने इराक और सीरिया पर कब्जा करने की शुरूआत की थी.

बगदादी द्वारा आतंकियों के एक ग्रुप को मैसेज भेजा गया, जिसमें खिलाफत की स्थापना के लिए बुलावा आया था. यूएस डिपार्टमेंट ने अल बगदादी को विश्व आतंकवादी के रूप में घोषित किया.

मौलवी से आईएस का सरगना कैसे बना बगदादी?
साल 2003 में बगदादी इराक के समारा की एक मस्जिद में मौलवी था लेकिन अमेरिकी हमले के बाद बगदादी के भीतर बगवात सांस भर रही थी. बगदादी को विद्रोह भड़काने के आरोप में दक्षिणी इराक के बक्का कैंप में चार साल तक जेल में रखा गया था. बक्का की बदनाम जेल में अलकायदा के कुख्यात आतंकवादी भी बंद थे. बगदादी की धार्मिक बातों और विद्रोहियों तेवरों के विरोधाभास ने जेल के आतंकियों का ध्यान अपनी तरफ खींचा.

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अलकायदा के कई कमांडरों से बगदादी की नजदीकी बढ़ने लगी और इसी जेल से बगदादी उस इस्लामिक राज्य का ब्लू प्रिंट अपने जेहन में तैयार कर चुका था जिसे अंजाम देने के लिये वो जेल से छूटने के इंतजार में बेकरार था. साल 2010 में बगदादी की रिहाई की हुई. 16 मई 2010 को बगदादी ने आईएस की बतौर मुखिया कमान संभाली. इराक और सीरिया के शहरों पर कब्जों के बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

बगदादी की धमकियां इराक और सीरिया से बाहर निकलने लगीं. बगदादी दुनिया पर हमलों की धमकी देने लगा. उसकी ताकत ही उसका गुरूर बन चुकी थी. लेकिन जब धीरे धीरे इस्लामिक स्टेट का खात्मा होना शुरू हुआ तो बगदादी की मौत की खबरों ने भी जोर पकड़ा.

अब कहां है बगदादी
अब जब आईएसआईएस के खात्मे का दावा किया जा रहा है तो खुद अमेरिका को इस बात अंदेशा है कि अब भी बगदादी जिंदा है और इराक में कहीं छिपा हुआ है.

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