कोरोना वायरस को मारेगा यह Reusable Mask, जानिए कैसे काम करता है ये

कोरोना वायरस को मारेगा यह Reusable Mask, जानिए कैसे काम करता है ये
इजराइल के शोधकर्ताओं का बनाया मास्क कम से कम 20 बार तो दोबारा उपयोग में लाया ही जा सकता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इजराइल (Israel) के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा मास्क (Mask) बनाया है जिसके वायरसों को मार कर फिर से उपयोग में लाया जा सकेगा.

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हाइफा, (इजरायल): कोरोना वायरस (Corona virus) का संक्रमण कम नहीं हो रहा है, जबकि इसको लेकर तमाम तरह के शोध चल रहे हैं. इसी बीच बहुत से शोधों ने इसकी रोकथाम के लिए मास्क (Mask) और सोशल डिस्टेंसिंग की अहमियत पर बार-बार जोर दिया है. इसमें मास्क को बहुत कारगर माना गया है, लेकिन इसके रखरखाव और एक बार उपयोग करने के बाद दोबारा उपयोग में कई समस्याएं हैं. इसका समाधान इजराइल (Israel) के शोधकर्ताओं ने रीयूजेबल मास्क (Reusable Mask) बना कर निकाला है.

कया खास बात होगी इस मास्क की
इजरायली शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने एक रीयूजेबल यानि कि बार-बार उपयोग में लाया जा सकने वाले मास्क बना लिया है. इस मास्क की खासियत यह होगी कि यह मोबाइल फोन चार्जर से ऊर्जा लेकर कोरोना वायरस को गर्मी से मार देगा. हाफिया की टेनियन यूनिवर्सिटी की शोधकर्ताओं की टीम के प्रमुख याइर इन-इली ने बताया, “इस मास्क की विसंक्रमण प्रक्रिया 30 मिनट का ही समय लेगी. और उपयोग करने वालों को मास्क तब इस्तेमाल नहीं करना होगा जब यह चार्चर से जुड़ा होगा.

कैसे करेगा यह काम
इस मास्क का एक यूएसबी पोर्ट होगा जो पावर सोर्स से जुड़ेगा जैसे कि एक मोबाइल फोन चार्जर से जुड़ता है. इस चार्चर से मास्क को अंदर की कार्बन फाइबर की परत 70 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो जाएगी जो वायरस को मारने के लिए काफी होगी. इन-इली का कहना है कि इस वैश्विक महामारी के चलते दुनिया भर में बहुत मांग में रहे प्रचलित डिस्पोजेबल मास्क न तो आर्थिक रूप से और न ही पर्यावरण के लिहाज से उपयुक्त है. उन्होंने कहा, “हमारे लिए जरूरी था कि मास्क ऐसा हो कि उसे दोबारा उपयोग में लाया जा सके और जो आसान भी हो. इसका हमारी तरफ से ये समाधान है.



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मास्क पहने को कई जगहों पर अनिवार्य किया गया है. .


लेकिन एक संदेह यह भी
प्रोफेसर एलोन मोसेज  जो येरुशलम के हादसाह मेडिकल सेंटर में संक्रामक रोगों के विशेषत्र हैं, ने कहा कि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि आधे घंटे तक 70 डिग्री  गर्मी से तो कोरोना वायरस मर ही जाएगा. लेकिन इसकेसाथ ही प्रोफेसर मोसेस का कहना है कि  बार-बार गर्म करने से मास्क का पेपर या फैब्रिक की संक्रमण रोकने की क्षमता पर असर हो सकता है.

इस समस्या का भी है समाधान
ईन इली ने कहा कि टेस्टिंग केदौरान प्रोटोटाइप मास्क को 20 बार गर्म किया गया था. हर बार आधे घंटे के लिए. लेकिन इसका मास्क पर कोई असर नहीं पड़ा. उन्होंने कहा कि हम बिना किसी जोखिम के कुछ दर्जन बार उपयोग की गारंटी तो दे ही सकते हैं. यह मास्क मानक एन95 मास्क की तरह है जिसमें सामने एक वाल्व होता है और उसके साथ बैंड हैं जो पीछे सिर पर लगते हैं.

क्या कीमत होगी इसकी
शोधकर्ताओं ने इसके पेटेंट का आवेदन अमेरिका में मार्च के महीने के अंत में ही कर दिया था.  अब वे इस निजी क्षेत्र के सहयोग से व्यवसायिक तौर पर बाजार में लाने की तैयारी कर रहे हैं.  शोधकर्ताओं का कहना है कि वे इस मास्क की कीमत बाजार में उपलब्ध डिस्पोजेबल मास्क से एक डॉलर ऊपर रखेंगे.

Corona virus
कई लोगों को मास्क पहनने से लेकर उसका रखरखाव झंझट लगता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


इस तरह के मास्क की बहुत जरूरत भी महसूस की जा रही है. क्योंकि आमतौर पर लोग मास्क के रखरखाव की झंझटों से बचना चाहते हैं, लेकिन मास्क का उपयोग बंद करना सर्वथा अनुचित होगा, खास तौर पर जब आधे से कहीं ज्यादा संक्रमण वाले लोगों को पता ही नहीं है कि वे संक्रमित हैं. ये लोग संक्रमण को अनजाने में तेजी से फैला रहे हैं. ऐसे में मास्क के प्रयोग से संक्रमण की संभावना बहुत ही कम हो जाएगी.

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