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जब NCP का जन्म भी नहीं हुआ था तब BJP के साथ शरद पवार ने किया था गठबंधन

News18Hindi
Updated: November 23, 2019, 9:22 PM IST
जब NCP का जन्म भी नहीं हुआ था तब BJP के साथ शरद पवार ने किया था गठबंधन
1985 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान शरद पवार की कांग्रेस (समाजवादी) और भारतीय जनता पार्टी ने एक गठबंधन के तले चुनाव लड़ा था.

जब विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election 1985) का वक्त आया तो बीजेपी (BJP) शरद पवार (Sharad Pawar) की अगुवाई वाले प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक फ्रंट का हिस्सा बन गई थी. महाराष्ट्र की राजनीति में इसे एक दिलचस्प गठबंधन के रूप में देखा जाता है.

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  • Last Updated: November 23, 2019, 9:22 PM IST
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मुंबई. महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) और अजित पवार (Ajit Pawar) के शपथ लेने के साथ ही ये अब बहुमत साबित करने को लेकर चर्चा होने लगी है. शरद पवार (Sharad Pawar) साफ कह रहे हैं कि अजित पवार के कदम की कोई जानकारी नहीं थी. उनका साफ कहना है कि देवेंद्र फडणवीस सदन में बहुमत नहीं साबित कर पाएंगे.



महाराष्ट्र के हालिया घटनाक्रम से अगर हटकर अगर शरद पवार के राजनीतिक करियर पर नजर डालने पर पता चलता है कि उन्होंने गठबंधन के लिए दिलचस्प प्रयोग किए थे. आज बीजेपी के विरुद्ध और कांग्रेस के साथ खड़े दिख रहे शरद पवार ने 80 के दशक में एक बेहद दिलचस्प गठबंधन बनाया था, जिसके वो नेता थे. ये बात 1985 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के समय की है जब शरद पवार ने राज्य में कांग्रेस विरोध की राजनीति को चरम पर पहुंचाया था.

कांग्रेस से अलग होकर बने थे मुख्यमंत्री

शरद पवार 1967 में 27 साल की उम्र में महाराष्ट्र विधानसभा के भीतर पहुंचे थे और मात्र दस साल के भीतर वसंत दादा पाटिल की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार को हटाकर महाराष्ट्र के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने थे. 1978 में मुख्यमंत्री बनने के लिए शरद पवार ने तब जनता पार्टी का साथ लिया था. 1978 के विधानसभा चुनाव से पहले इंदिरा गांधी की अगुवाई वाली कांग्रेस (इंदिरा) से टूटकर कांग्रेस (यू) बनी थी. इसकी अगुवाई यशवंत राव चह्वाण कर रहे थे. शरद पवार इसी धड़े का हिस्सा थे.

जनता पार्टी के काफी प्रयासों के बावजूद बहुमत नहीं मिला लेकिन वो सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. चुनाव बाद कांग्रेस के दोनों धड़ों ने मिलकर सरकार बनाई जिसमें मुख्यमंत्री बने वसंतदादा पाटिल. शरद पवार उस सरकार में मंत्री थे. कुछ समय बाद शरद पवार 44 विधायकों के साथ सरकार से अलग हो गए और जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाई. उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली जिसका नाम रखा कांग्रेस (समाजवादी). शरद पवार ने जनता पार्टी के साथ मिलकर प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक फ्रंट (Progressive Democratic Front) बनाया था. शरद पवार राज्य के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने.


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1980 में एआर अंतुले की सरकार
शरद पवार दो साल तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे लेकिन 1980 में लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी फिर से प्रधानमंत्री बनीं. उसी साल राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी. इंदिरा गांधी ने अब्दुल रहमान अंतुले को मुख्यमंत्री बनाया. शरद पवार अपनी पार्टी इंडियन नेशनल कांग्रेस (समाजवादी) के अध्यक्ष बन गए. 1984 में वो पहली बारामती से सांसद बने. लेकिन अगले ही साल राज्य में विधानसभा हुए. शरद पवार एक बार फिर राज्य में सरकार बनाने की कोशिशों में लग गए थे.

1985 के विधानसभा चुनाव
इससे ठीक एक साल पहले लोकसभा चुनावों के दौरान पहली बार बीजेपी और शिवसेना ने साथ चुनाव लड़ा था. बीजेपी को पूरे देश में बुरी हार मिली थी और वो सिर्फ दो सीटों पर सिमट कर रह गई थी. शिवसेना ने मुंबई की दो सीटों पर चुनाव लड़ा था और दोनों ही जगह उसे हार का सामना करना पड़ा था. जब विधानसभा चुनाव का वक्त आया तो बीजेपी शरद पवार की अगुवाई वाले प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक फ्रंट का हिस्सा बन गई थी. महाराष्ट्र की राजनीति में इसे एक दिलचस्प गठबंधन के रूप में देखा जाता है. इस गठबंधन में शरद पवार की कांग्रेस (समाजवादी) के अलावा जनता पार्टी और बीजेपी शामिल थे. गठबंधन ने 284 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन सरकार बनाने के जरूरी आंकड़े से काफी पीछे रह गया. गठबंधन को 103 सीटें हासिल हुई थीं और शरद पवार की कांग्रेस (समाजवादी) को 54 सीटें मिली थीं. इसके बाद शरद पवार राज्य में नेता प्रतिपक्ष बन गए थे.



फिर कांग्रेस में लौटे
विधानसभा चुनाव के दो साल बाद शरद पवार कांग्रेस में फिर लौट गए थे. बताते हैं कि तब उन्होंने कहा था कि वो शिवसेना के राज्य में उभार की वजह से कांग्रेस में लौट रहे हैं. उस समय उन्होंने कहा था कि महाराष्ट्र में कांग्रेस की संस्कृति को बचाना बेहद आवश्यक है. फिर 1988 में वो राज्य के सीएम भी बने. और अगले सालों में और भी कई पद संभाले. 1999 में शरद पवार ने कांग्रेस से अलग होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी बनाई थी.
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First published: November 23, 2019, 7:25 PM IST
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