यह लड़की 40 लोगों की जान बचाने वाली हीरो है या हत्यारी! जर्मनी-इटली में छिड़ी बहस

जर्मनी की नजर में वो 40 लोगों की जान बचाने वाली हीरो है, पूरा जर्मनी उसके समर्थन में आ गया है, लेकिन इटली के लिए वो हत्या की कोशिश करने वाली अपराधी है

News18Hindi
Updated: July 2, 2019, 1:31 PM IST
यह लड़की 40 लोगों की जान बचाने वाली हीरो है या हत्यारी! जर्मनी-इटली में छिड़ी बहस
करोला, जिस जर्मनी हीरो मानता है लेकिन इटली में उस पर हत्या के प्रयास का आरोप दर्ज हुआ है
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Updated: July 2, 2019, 1:31 PM IST
जर्मनी और इटली के बीच एक लड़की को लेकर बहस छिड़ गई है. इटली उसे हत्या की कोशिश करने का अपराधी मानता है तो जर्मनी के लोग मान रहे हैं कि उसने 40 लोगों की जान बचाकर मानवता के लिए सबसे बड़ा काम किया है.

उस लड़की का नाम करोला है. 31 साल की करोला फिलहाल इटली की जेल में है. उसने उन 40 आप्रवासियों की जान बचाई जो इटली में घुसने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन जब वो ऐसा कर रही थी तो उसका सामना इटली पुलिस से हुआ. पुलिस का कहना है कि उसने पुलिसकर्मियों की जान खतरे में डाल दी थी.

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इटली, जर्मनी और फ्रांस का मीडिया करोला से जुड़ी खबरों से भरा पड़ा है. जर्मनी में हर कोई उसकी तारीफ कर रहा है. फ्रांस में भी उसके बारे में कुछ ऐसा ही कहा जा रहा है लेकिन इटली में सरकार की ओर से उसके खिलाफ वक्तव्य आए हैं.

करोला इटली की जेल में है लेकिन जर्मनी में वो हीरो बन चुकी है.


करोला को लेकर दो देश आमने-सामने
करोला पर मुकदमा दर्ज होने और उसे जेल में डाले जाने के बाद जर्मनी और इटली के बीच बहस छिड़ गई है.करोला पर 50 हजार यूरो का जुर्माना लगाया जा सकता है. लिहाजा जर्मनी में उसके लिए चंदा इकट्ठा किया जा रहा है. कुल मिलाकर उसके लिए अब तक 12 लाख यूरो यानी करीब 10 करोड़ रुपये इकट्ठा किया जा चुका है.
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करोला ने लीबिया के तट से 53 आप्रवासियों की जान बचाई थी. 13 लोगों को खराब स्वास्थ्य के आधार पर इटली ने देश में आने की इजाजत दे दी लेकिन बाकी लोगों की जान बचाने के लिए करोला दो हफ्ते तक पानी में रही.

ये है वो सी-वाच जहाज, जिसे लेकर करोला आप्रवासियों को बचाने निकल पड़ी थी और उसने दो हफ्ते समुद्र में बिताए


दो हफ्ते तक पानी में रही
दरअसल इटली ने समुद्र के रास्ते शरणार्थियों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया है. ऐसे में बहुत से शरणार्थी इटली की जलसीमा वाले समुद्र में फंसे हुए हैं. जर्मनी के एक एनजीओ के लिए काम करने वाली करोला जहाज लेकर अफ्रीकी शरणार्थियों के समूह को बचाने पहुंची. करीब दो हफ्ते पानी में रहने के बाद वो इटली की जलसीमा में पहुंचीं.

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इटली की पुलिस का आरोप
इटली की पुलिस ने उसके जहाज का पीछा किया लेकिन करोला जहाज को लेकर आगे बढ़ती रहीं. इटली पुलिस का आरोप है कि करोला ने अपने जहाज से पुलिस की गश्ती नाव को टक्कर मारने की कोशिश की. उन्हें गिरफ्तार किया गया. उन पर साथ ही इटली के लाम्पेदूसा पोर्ट पर बिना इजाजत घुसने का भी आरोप है. करोला पर मानव तस्करों की मदद की भी जांच शुरू कर दी गई है.

करोला के वकील का कहना है कि इटली की पुलिस का कहना गलत है. उसका इरादा किसी को मारने का नहीं था.


फ्रांस से भी ठनी
इस मामले ने इटली, फ्रांस और जर्मनी के बीच तनाव की स्थिति भी बना दी है. इटली की सत्ताधारी दक्षिणपंथी दा लीगा पार्टी के नेता साल्विनी ने करोला के काम को आपराधिक कृत्य और एक्ट ऑफ वॉर बताया. तो जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रांक वाल्टर स्टाइनमायर का कहना है कि लोगों की जान बचाने वाले किसी व्यक्ति को अपराधी नहीं माना जा सकता. फ्रांस से भी आप्रवासियों को लेकर ही इटली का तनाव बढ़ गया है.

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First published: July 2, 2019, 12:56 PM IST
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