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आज ही के दिन नेताओं पर जूते फेंकने की हुई थी शुरुआत, अमेरिकी राष्ट्रपति को पड़ा सबसे पहला जूता

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Updated: December 14, 2019, 11:03 AM IST
आज ही के दिन नेताओं पर जूते फेंकने की हुई थी शुरुआत, अमेरिकी राष्ट्रपति को पड़ा सबसे पहला जूता
अमेरिका पर गुस्साई इराकी जनता ने जगह-जगह पोस्टर लगवा दिए

14 दिसंबर 2008 को जॉर्ज बुश (George Bush) पर फेंका जूता उसी प्रेसवार्ता (press conference) तक सिमटा नहीं रहा, बल्कि अमेरिका (america) पर गुस्साई इराकी (Iraq) जनता ने जगह-जगह पोस्टर लगवा दिए- इनमें बुश के चेहरे पर चप्पल पड़ी हुई थी. इसके तुरंत बाद कॉपीकैट घटनाएं पूरी दुनिया में होने लगीं.

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  • Last Updated: December 14, 2019, 11:03 AM IST
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12 साल पहले तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश बगदाद में एक प्रेसवार्ता में सवालों के जवाब दे रहे थे. तभी एक इराकी पत्रकार मुंतजर-अल-जैदी अपनी जगह से उठा और एक के बाद दो जूते बुश पर दे मारे. उसके शब्द थे- ये इराक की तरफ से तुम्हें 'फेयरवेल किस' है...! इसके बाद पत्रकार को तुरंत वहां से हटा लिया गया, लेकिन वो जल्द ही अरब मीडिया में हीरो बन गया.

14 दिसंबर 2008 को बुश पर फेंका जूता उसी प्रेसवार्ता तक सिमटा नहीं रहा, बल्कि अमेरिका पर गुस्साई इराकी जनता ने जगह-जगह पोस्टर लगवा दिए- इनमें बुश के चेहरे पर चप्पल पड़ी हुई थी. इसके तुरंत बाद कॉपीकैट घटनाएं पूरी दुनिया में होने लगीं. इनमें यूरोप, उत्तरी अमेरिका, चीन, इरान, टर्की और ऑस्ट्रेलिया थे. भारत में भी तब से ये सिलसिला चला आ रहा है.



इससे पहले भी जूते मारने की घटनाएं होती रही होंगी, लेकिन ये पहला वाकया था जो पूरी मीडिया में वायरल हो गया. इसके बाद से नेताओं को उनके भूले वादे याद दिलाने का ये एक तरीका बन पूरी दुनिया में फैल गया. भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में ये सिलसिला चल निकला. किन-किन नेताओं पर जूतों, अंडों-टमाटरों या मिर्च पाउडर की बौछार हुई, इसकी एक बानगी पढ़ें.2009
उस पत्रकार के बाद एक और पत्रकार जरनैल सिंह ने एक प्रेसवार्ता के दौरान तत्कालीन गृहमंत्री पी चिदंबरम पर जूता फेंका. पत्रकार ने 84 के दंगों से जुड़ा एक सवाल पूछा था, जिसके गोलमोल जवाब पर गुस्साए जरनैल हिंस ने अपना एक जूता निकाला और गृहमंत्री को दे मारा.

हरियाणा में साल 2009 में कांग्रेसी नेता नवीन जिंदल पर जूता फेंका गया. जूता फेंकने वाला एक रिटायर्ड शिक्षक था. हालांकि जूता निशाने से चूक गया और एक पार्टी कार्यकर्ता को जा लगा. भड़के हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने जूता पड़ते ही तुरंत उसे हमलावर की ओर उछाल दिया. यहां निशाना दोबारा चूका और एक अन्य पार्टी सदस्य को लग गया. बाद में शिक्षक को पकड़ लिया गया. शिक्षक जिंदल पर गुस्सा था क्योंकि उसके पुत्र को नौकरी नहीं मिल सकी थी.

इसके तुरंत बाद मध्य प्रदेश के कटनी में भाजपा नेता लालकृष्‍ण आडवाणी की ओर चप्‍पल फेंकी गई. चप्पल मारने के पीछे हमलावर की मंशा सामने नहीं आ सकी. साल 2009 में ही तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर जूता फेंकने की कोशिश की गई. वे अहमदाबाद में एक आम सभा को संबोधित कर रहे थे. हालांकि जूता अपने निशाने से चूक गया.



2010
तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की बर्मिंघम यात्रा के दौरान सरदार शमीम ख़ान नाम के 50 वर्षीय एक व्यक्ति ने उन पर जूते फेंके और उन्हें 'हत्यारा' कहा. वहीं 2010 को जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर जूता फेंका गया. जूता फेंकने वाले की पहचान एक पुलिस अफसर के रूप में हुई जो कश्मीर के भारत का हिस्सा बने रहने के खिलाफ था.

2011
इस साल फरवरी में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पर लंदन में पाकिस्तानी मूल के एक व्यक्ति ने जूता उछाला. कॉमनवेल्थ में गड़बड़ी के खिलाफ चेयरमैन सुरेश कलमाड़ी को कोर्ट ले जाया जा रहा था, तब एक व्यक्ति ने अपनी काली चप्पल कलमाड़ी पर फेंकी. ये घटना मध्यप्रदेश की है.

2012
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर देहरादून में एक चुनावी रैली के दौरान जूता फेंकने की घटना हुई. घटना के बाद भी राहुल रैली में बने रहे. उन्होंने कहा- अगर कोई सोचता है कि जूता उछालने पर मैं भाग जाऊंगा, तो वे गलत हैं. राहुल मैदान छोड़कर नहीं भागता.

2013
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पर एक पाकिस्तानी वकील तजम्मुल हक ने तब जूता फेंका, जब वे विभिन्न मामलों में बरी होकर कोर्ट से बाहर निकल रहे थे. कराची का ये वकील चिल्ला रहा था कि मुशर्रफ पाकिस्तान में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. मुशर्रफ को जूता सीधा नाक पर जाकर लगा.



2014
15 अगस्त को प्रकाश सिंह बादल (तत्कालीन पंजाब के मुख्यमंत्री) की ओर कथित रूप से जूता उछाला गया था. तब वे एक राजनीतिक कॉन्फ्रेंस में थे. कहा गया था कि जूता एक बेरोज़गार युवक ने फेंका था, जिसकी पहचान विक्रम सिंह के रूप में हुई थी.

2015
5 जनवरी को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की ओर भी जूता उछाला गया था.

2016
28 जनवरी को नीतीश कुमार (बिहार के मुख्यमंत्री) पर जूता फेंका गया था. वो जूता, मंच पर बैठे नीतीश तक नहीं पहुंच सका. जूता फेंकने वाले शख्स की पहचान पीके राय के रूप में हुई थी. वह समस्तीपुर का रहने वाला बताया गया था.

2017
जनवरी में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल एक सार्वजनिक सभा में लोगों से बात कर रहे थे कि तभी सभा से एक व्यक्ति ने अपना जूता बादल पर उछाल दिया. वो इस बात पर नाराज था कि 2016 में सिखों की पवित्र किताबों की कथित रूप से बेअदबी की गई थी.

2018
दुनिया के कई हिस्सों में 'जूता मारो अभियान' चला. एक धार्मिक सभा को संबोधित करने के दौरान पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ पर जूता फेंका गया. अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप को नापसंद करने वालों ने एक बार सार्वजनिक स्क्रीन पर ट्रंप को देखते ही उसपर जूते-चप्पलों की बौछार कर दी. वहीं भारत में भी 20 नवंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जब दिल्ली सचिवालय के अपने चैंबर से बाहर निकल रहे थे, तभी एक शख्स ने उन पर मिर्च पाउडर फेंक दिया.

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First published: December 14, 2019, 11:03 AM IST
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