इंग्लैंड में भी बनाई गई सिख सैनिक की मूर्ति, जानिए क्यों

सिख सैनिक की कांस्य प्रतिमा 10 फुट ऊंची है

News18Hindi
Updated: November 10, 2018, 11:48 AM IST
इंग्लैंड में भी बनाई गई सिख सैनिक की मूर्ति, जानिए क्यों
सिख सैनिक की मूर्ति (image: facebook)
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Updated: November 10, 2018, 11:48 AM IST
इंग्लैंड के शहर स्मेथविक (Smethwick) में पहले विश्व युद्ध में शहीद हुए हजारों सिख सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई. जिसके लिए यहां सिख सैनिक की 10 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा का 4 नवंबर को अनावरण किया गया. यह मूर्ति छह फुट ऊंचे ग्रेनाइट बेस पर बनी है.

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इस मूर्ति को 'लायंस ऑफ ग्रेट वार' मोनुमेंट नाम दिया गया है. सिख सैनिक की प्रतिमा को बनाने का खर्च स्मेथविक में मौजूद गुरुनानक गुरुद्वारे ने उठाया है.

गुरुद्वार के प्रेज़ीडेंट जतिंदर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ये मूर्ति पहले विश्व युद्ध में ब्रिटेन के लिए लड़े भारतीयों के सम्मान में बनी है. मूर्ति को मूर्तिकार ल्यूक पेरी ने तैयार किया है. मूर्ति के सैनिक को पगड़ी पहनाई, बंदूक थमाई गई है.

मूर्ति अनावरण का वीडियो-



मूर्ति के बनवाने और उसकी देखभाल की जिम्मेदारी लेने वाले गुरुनानक गुरुद्वारे की तरफ से कहा गया कि उन्हें 'सिख और ब्रिटिश' होने पर गर्व है.

प्रेज़ीडेंट जतिंदर सिंह ने बीबीसी से कहा, 'हम उन बहादुर पुरुषों के बलिदान के सम्मान में इस स्मारक का अनावरण करने पर गर्वित हैं, जो हजारों मील की यात्रा कर, उस देश के लिए लड़ने आए. जो कि उनका था ही नहीं.'

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कांस्य से बनी मूर्ति का अनावरण प्रथम विश्व युद्ध की 100वीं वर्षगांठ (11 नवंबर 2018) से पहले किया. स्थानीय वेस्ट मिडलैंड्ंस कलाकार ल्यूक पेरी को गुरुद्वारे ने बतौर मेहनताना 30,000 पाउंड (£) दिए. मूर्ति के पास बैठने और प्रकाश की व्यवस्था भी की गई.



बर्मिंघम के MP प्रीट गिल ने मूर्ति अनावरण के मौके पर कहा कि जब मैं ढाई साल पहले वहां का काउंसलर था, तब स्कल्प्टर ल्यूक पेरी ने इसे बनाने की सलाह दी थी.

बता दें कि ब्रिटिश इंडियन आर्मी में सिखों का खास रोल रहा. 1.5 मिलियन भारतीय पहले विश्व युद्ध में ब्रिटेन के लिए लड़े थे जिसमें 20 फीसदी सिख समुदाय से थे. उसमें से बहुत से पंजाब के किसान थे. जिन्हें ब्लैक लॉयन्स कहा गया.

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मूर्ति तोड़े जाने की कोशिश
4 नवंबर को अनावरण हुई सिख सैनिक की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की खबर भी एक हफ्ते के भीतर आई. मूर्ति के पास लिखे 'Great War' पर काली लकीर खिंची मिली. और साथ ही 'Sepoys no more' यानी 'भारतीय सिपाही नहीं रहे' भी लिखा मिला. जिसकी चर्चा लोगों ने सोशल मीडिया पर भी की.



मूर्ति अनावरण -


मूर्ति अनावरण की जानकारी-



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