लाइव टीवी

सेना की एक 'चूक' ने अयातुल्ला खामनेई को ईरान का दुश्मन बना दिया!

News18Hindi
Updated: January 13, 2020, 11:55 AM IST
सेना की एक 'चूक' ने अयातुल्ला खामनेई को ईरान का दुश्मन बना दिया!
ईरानी लोगों के नए उग्र प्रदर्शन ने सरकार को बुरी तरह फंसा दिया है.

रविवार को पूरे दिन तेहरान युनिवर्सिटी (Tehran University) में प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों का एक ग्रुप नारे लगा रहा था-'हमारा दुश्मन अमेरिका में नहीं बल्कि यहां है.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 13, 2020, 11:55 AM IST
  • Share this:
मिलिट्री कमांडर कासिम सुलेमानी (Qasem Soleimani) की हत्या के बाद ईरान में जो अमेरिका विरोधी माहौल बना था अब वो वहां की सरकार के ही खिलाफ हो गया है. दरअसल जब से यात्री विमान गिराये जाने की जिम्मेदारी ईरानी सरकार ने ली है तब से ही तेहरान में प्रदर्शन (Protests In Tehran) शुरू हो गए हैं. रविवार को पूरे दिन तेहरान युनिवर्सिटी में प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों का एक ग्रुप नारे लगा रहा था-'हमारा दुश्मन अमेरिका में नहीं बल्कि यहां है'. प्रदर्शनकारियों का इशारा देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई की तरफ है. प्रदर्शनकारी अली खामनेई के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो के मुताबिक प्रदर्शकारियों ने तेहरान के आजादी स्क्वायर से प्रदर्शन यात्रा निकाली.

कुछ स्थानीय निवासियों ने समाचार एजेंसी रायटर को बताया कि पहले तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से भी आग्रह किया कि आप हमारे प्रोटेस्ट में शामिल हो जाएं. लेकिन बाद में उन्होंने प्रशासन और सरकार पर गुस्सा निकालना शुरू कर दिया. अयातुल्ला अली खामनेई की तरफ इशारा करके 'तानाशाही मुर्दाबाद' के नारे लगने लगे. दरअसल ईरानी लोगों का गुस्सा इस बात पर है कि बदले की आग में हमने अपने ही निर्दोष नागरिक मार दिए.

डोनाल्ड ट्रम्प, ईरान, ईरानी सेना, क़ासम सोलीमनी, क़ासम एकमात्रानी मृत, संयुक्त राज्य अमेरिका,donald trump, iran, iranian army, Qasem Soleimani, qasem soleimani dead, United states
कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद पूरा देश ईरान सरकार के साथ खड़ा नजर आ रहा था.


प्लेन क्रैश की घटना आने के कुछ समय बाद ही अमेरिका और कनाडा जैसे देश ये कहने लगे थे कि प्लेन को ईरान ने मार गिराया है. लेकिन ईरानी सेना और सरकार इस बात की जिम्मेदारी नहीं ले रही थी. शनिवार को ईरानी मिलिट्री ने इसकी जिम्मेदारी ली और इसके बाद से ही लोगों का गुस्सा बढ़ता चला गया.

ईरान के उदारवादी माने जाने वाले अखबार एतेमाद ने सरकार ने 'माफी और इस्तीफे' की मांग की है. अखबार का कहना है कि लोग मांग रहे हैं कि जो भी इस घटना का जिम्मेदार है उसे अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. ईरानी लोगों के नए उग्र प्रदर्शन ने सरकार को बुरी तरह फंसा दिया है. एक तरफ तो सरकार कासिम सुलेमानी जैसे कमांडर की हत्या की वजह से झटके में हैं वहीं दूसरी तरफ वो आर्थिक दिक्कतों का सामना भी कर रही है क्योंकि अमेरिका उस आर्थिक प्रतिबंध बढ़ाए जाने का पक्षधर है.

प्रदर्शन से सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई समेत सरकार की दिक्कतें काफी बढ़ गई हैं. प्रदर्शनकारी सरकार को ही देश का दुश्मन बता रहे हैं.
प्रदर्शन से सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई समेत सरकार की दिक्कतें काफी बढ़ गई हैं. प्रदर्शनकारी सरकार को ही देश का दुश्मन बता रहे हैं.


बीते साल देश में ईंधन का मूल्य बढ़ाए जाने के मुद्दे पर आंदोलन हो गया था और दो हफ्तों तक लगातार प्रदर्शन हुए थे. इस प्रदर्शन के दौरान के 15 सौ लोगों के मारे जाने की खबर थी जो इस्लामिक ईरान के चालीस साल के इतिहास में सबसे बड़ी घटना मानी जा रही थी. हालांकि इस आंकड़े को लेकर मतभेद है. ईरानी सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसे बढ़ा-चढ़ाकर बताया था.अब इस बार के भी प्रदर्शन के दौरान भी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने की खबरें आ रही हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे लेकर ट्वीट भी किया है. उन्होंने लिखा है-'ये संदेश ईरान के नेताओं के लिए है. प्रदर्शनकारियों की हत्या मत कीजिए. हजारों लोगों को पहले ही या तो जेल में डाला जा चुका है या मारा जा चुका है. दुनिया देख रही है. सबसे बड़ी बात अमेरिका देख रहा है. इंटरनेट बहाल कीजिए और फिर खबरों को स्वतंत्र घूमने दीजिए.'

'ईरान के दुश्मन बदला चाहते हैं'
ईरान द्वारा प्लेन को मार गिराए जाने की स्वीकारोक्ति के बाद कनाडा में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं. टोरंटो में करीब 2 हजार लोगों ने एक शोक सभा में हिस्सा लिया. इस सभा में कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि हम तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक मृत लोगों को न्याय नहीं मिल जाता है. वहीं अयातुल्लाह अली खामनेई के नजदीकी अली शिराजी ने कहा है कि ईरान के दुश्मन एक 'चूक' को भुनाकर देश को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें:-

 जब अमेरिकी सेना ने अपने ही विमानों पर दाग दिए मिसाइल और सैकड़ों लोग मारे गए

मौत से पहले पूरी दुनिया के लिए एक लिफाफे में ‘सस्पेंस’ छोड़ गए ओमान के सुल्तान

सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीर में इंटरनेट शटडाउन पर क्यों दिया इतना 'सख्त फैसला'

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 13, 2020, 11:19 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर