Coronavirus: पास बैठे तो 6 महीने की कैद या भरना पड़ सकता है लाखों का जुर्माना

Coronavirus: पास बैठे तो 6 महीने की कैद या भरना पड़ सकता है लाखों का जुर्माना
संक्रमण कम करने के लिए पब्लिक प्लेस पर लोगों से सेफ डिस्टेंट पर बैठने की अपील की गई है

सिंगापुर (Singapore) में कोरोना वायरस (COVID-19) के बढ़ते मामलों के बीच एक नया नियम आया है. इसके अनुसार एक-दूसरे के पास बैठने पर 6 महीने की कैद या लगभग 5 लाख 24 हजार रुपयों का जुर्माना हो सकता है.

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  • Last Updated: March 28, 2020, 11:38 AM IST
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सिंगापुर (Singapore) में कोरोना वायरसम (COVID-19) के बढ़ते मामलों के बीच एक नया नियम आया है. इसके अनुसार एक-दूसरे के पास बैठने पर 6 महीने की कैद या लगभग 5 लाख 24 हजार रुपयों का जुर्माना हो सकता है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) दुनिया के सारे देशों पर हमला बोल चुका है. अबतक लाइलाज रहे इस वायरस के संक्रमण की रफ्तार कम करने के लिए सारे ही देश अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. जैसे सिंगापुर हेल्थ मिनस्ट्री ने हाल ही में एक नया नियम निकाला है. 27 मार्च को Ministry of Health Singapore ने एक सर्कुलर जारी किया. इसके अनुसार COVID-19 का संक्रमण कम करने के लिए पब्लिक प्लेस पर लोगों से सेफ डिस्टेंट पर बैठने की अपील की गई है. सिंगापुर की Multi-Ministry Taskforce के अनुसार लॉकडाउन न करके ये तरीका भी अपनाया जा सकता है ताकि अर्थव्यवस्था को नुकसान भी न हो और इंफेक्शन भी न फैले.

इसके तहत स्कूल-कॉलेज, रेस्त्रां या दफ्तर में दो लोगों के बीच कम से कम 1 मीटर की दूरी जरूरी है. अगर कोई भी शख्स एक अपनी जगह छोड़कर किसी के पास जाता है और 1 मीटर के तय दायरे को क्रॉस करता है तो उसे अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा. ऐसे में उसे 6 महीने की जेल या 5 लाख 24 हजार रुपयों का जुर्माना देना पड़ सकता है. ये नियम फिलहाल 30 अप्रैल तक के लिए लागू रहेगा.



सिंगापुर सरकार ने बार और नाइटक्लब भी बैन कर दिए हैं




सिंगापुर सरकार ने बार और नाइटक्लब भी बैन कर दिए हैं. साथ ही ये नियम भी बनाया है कि एक बार में एक जगह पर 10 से ज्यादा लोग जमा नहीं हो सकते हैं. बता दें कि सिंगापुर में कोरोना वायरस का पहला मामला 23 जनवरी को आया था. अब तक यहां पर 732 केस पॉजिटिव आए हैं जो दूसरे देशों के मुकाबले काफी कम है. इसकी वजह यहां पर ज्यादा से ज्यादा जांच होना और बेहद कड़े क्वेरेंटाइन नियम हैं. हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद यहां भी बीमारी का दूसरा स्टेज आ चुका है. ऐसे में सरकार और भी कड़े कदम उठा रहा है. सिर्फ गुरुवार को ही यहां पर 52 कन्फर्म मामले दर्ज हुए. इनमें से 28 लोगों की ट्रैवल हिस्ट्री थी यानी वे प्रभावित देशों से घूमकर आए थे.

दूसरे देशों में भी पास खड़ा होने पर या जानबूझकर सार्वजनिक जगहों पर खांसने-छींकने पर क्रिमिनल चार्जेज लगाए जा रहे हैं. जैसे फिलीपींस में कोरोना वायरस के संबंध में गलत जानकारियां देने या फैलाने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो चुका है. इस बारे में Philippine National Police (PNP) ने 17 फरवरी को बताया कि एक अस्पताल के बारे में गलत जानकारी देने के बाद उस शख्स को पकड़ा गया. Penal Code 154 के तहत उस पर कार्रवाई की गई. इसके बाद खुद फिलीपींस के कानून मंत्री ने National Bureau of Investigation को आदेश दिया कि कोरोना के मामले में इस तरह की गलत जानकारियां देने वालों की खोज की जाए और उन पर कार्रवाई हो.

जानबूझकर सार्वजनिक जगहों पर खांसने-छींकने पर क्रिमिनल चार्जेज लगाए जा रहे हैं


एक मामला अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में सामने आया. Reuters में छपी एक खबर के मुताबिक न्यू जर्सी के 50 साल के जॉर्ज फाल्कन के ऊपर इसी तरह के चार्जेज लगे हैं. न्यू जर्सी के अटार्नी जनरल के दफ्तर ने इस बात की पुष्टि की है. दरअसल जॉर्ज रविवार की शाम सुपरमार्केट में थे. वहां पर एक कर्मचारी ने उनसे फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखने को कहा तो कथित तौर पर जॉर्ज उस कर्मचारी के पास जाकर खांसने लगे. बाद में हंसते हुए उन्होंने कहा कि मैं कोरोना वायरस इंफेक्टेड हूं.उनकी इस हरकत के बाद सुपर मार्केट ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया. जॉर्ज पर कार्रवाई की मांग की गई. इसके बाद जॉर्ज पर आतंकी हमले की कोशिश समेत कई आपराधिक चार्ज लगे. बीमारी की गंभीरता को हल्के तौर पर लेने के लिए सख्ती दिखाने के प्रतीक के तौर पर ये किया जा रहा है.

साउथ कोरिया भी वायरस से बुरी तरह से प्रभावित देशों में है. यहां पर भी कुछ ऐसा ही देखने में आया है. यहां अब तक 9,137 मामले आ चुके हैं. दक्षिण कोरिया में भी कुछ ऐसा ही देखने में आ रहा है. माना जा रहा है कि यहां के एक चर्च में काम करने वाली कोरोना मरीज ने लगभग 5 हजार लोगों को संक्रमित किया है. मरीज की पहचान गुप्त रखने के लिए उसे पेशेंट 31 नाम दिया गया है. चर्च का नाम Shincheonji Church of Jesus है. 61 साल की महिला इसी चर्च की सदस्य थी.

साउथ कोरिया भी वायरस से बुरी तरह से प्रभावित देशों में है


कोरिया के Taegu शहर की ये महिला 7 फरवरी को अस्पताल गई जहां खुद उसने ही किसी भी जांच से इनकार कर दिया. न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार दूसरी बार भी अस्पताल जाने पर उसने यही किया, जबकि वो खुद ही लगातार गले में दर्द और बुखार की शिकायत कर रही थी. 17 फरवरी को हालत बिगड़ने पर जांच हुई तो उसे कोरोना पॉजिटिव पाया गया. चर्च ने इस दौरान बहुत गैरजिम्मेदाराना व्यवहार दिखाया. महिला के आने-जाने के बारे में सब कुछ सीक्रेट रखा क्योंकि वो वहां की सदस्य थी. Seoul Metropolitan Government ने उस महिला के अलावा चर्च के खिलाफ भी हत्या की कोशिश की फॉर्मल शिकायत दर्ज की है.

चीन के हुबई प्रांत, जहां से कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैला, वहां भी Public Security Department ने एक नोटिस जारी किया है. इसके अनुसार अगर कोई सार्वजनिक जगहों पर थूकता या बिना मास्क खांसता दिखे तो उस पर आपराधिक मुकदमा चलेगा. इसके अलावा अगर कोई संदिग्ध कोरोना की जांच से इनकार करता है या अस्पताल में इलाज के दौरान सहयोग नहीं करता दिखे तो वो भी इसी दायरे में आता है. 30 जनवरी से ही चीन के हुबई में ये लागू हो चुका है.

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