Coronavirus: इन दिनों दुनियाभर के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों के क्या हालात हैं

मुस्लिमों के धर्मस्थल मक्का, मदीना अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं
मुस्लिमों के धर्मस्थल मक्का, मदीना अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं

कोविड-19 (COVID-19) फैलने के साथ दुनियाभर में लोगों के धार्मिक तौर-तरीके बदले हैं. इसके साथ ही बहुत से धार्मिक स्थलों (religious places) की तस्वीर भी बदल गई है. वे लगभग वीरान पड़े हुए हैं.

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ज्यादातर धर्मों में इकट्ठा होने और प्रसाद बांटने जैसी परंपराएं रही हैं. लेकिन अब कोरोना का प्रोटोकॉल इसपर पाबंदी लगा रहा है. यही वजह है दुनियाभर में जैसे-जैसे कोरोना का संक्रमण फैलता गया, धार्मिक स्थलों की भीड़ कम होती गई. संकट गहराने के बाद सभी प्रमुख तीर्थस्थलों ने अपने यहां श्रदालुओं का आना भी बंद करवा दिया.

धार्मिक स्थलों को बंद करने की एक और भी वजह रही. कई देशों में देखा गया कि धार्मिक जगहें ही इस वायरस के फैलने का कारण बन रही थीं. जैसे, दक्षिण कोरिया में कोरोना संक्रमण के आधे से ज्यादा मामले एक ही चर्च (Shincheonji Church of Jesus) से जुड़े हुए माने जा रहे हैं. उस चर्च की एक महिला सदस्य कोरोना संक्रमित थी और ये बात पता होने के बाद भी चर्च ने धार्मिक सभाएं जारी रखीं, जिसके बाद हजारों लोग इस वायरस से संक्रमित हो गए. महिला मरीज की पहचान गुप्त रखने के लिए उसे पेशेंट 31 नाम दिया गया है. माना जा रहा है कि कोरिया में आए हर 5 में से 1 मामला उसी महिला मरीज के कारण आया है. तहकीकात के बाद Seoul Metropolitan Government ने उस चर्च के खिलाफ हत्या की कोशिश की फॉर्मल शिकायत दर्ज की. इसके अलावा भी कई मामले आए हैं, जिनमें धार्मिक स्थानों पर लोंगों का जमा होना इस वायरस के फैलने की वजह बना है. यही वजह है कि खुद दुनियाभर के प्रमुख धार्मिक स्थान अब किसी समारोह या उत्सव से बच रहे हैं.

कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए मुस्लिमों के सबसे बड़े धर्मस्थल मक्का को सैनेटाइज करने के लिए बंद कर दिया गया था. बाद में इसे खोला तो गया लेकिन कोरोना के डर से लोग उमरा के लिए कम ही पहुंच रहे थे. अब सऊदी अरब ने उमरा के लिए आए वीजा रद्द करने के साथ ही ऐतिहातन उमरा को भी बंद कर दिया है. मक्का, मदीना अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं ताकि भीड़ इकट्ठी न हो. ये भी हो सकता है कि इस साल हज न हो पाए. 629 CE के बाद से अब तक केवल 4 बार ही हज रुका है, इनमें से दो बार प्लेग और कॉलरा (हैजा) इसकी वजह बने.



रोम स्थित वेटिकन सिटी में अब इतवार की धार्मिक सभी भी बंद हो चुकी है

रोम स्थित वेटिकन सिटी में जनवरी के आखिर तक हर हफ्ते पोप फ्रांसिस (रोमन कैथोलिक चर्च के प्रमुख) की सभा में हजारों लोग जमा होते थे. पोप खुद जाकर लोगों से मिलते और उनसे हाथ मिलाते थे. अब पोप वर्चुअल कार्यक्रम कर रहे हैं. यहां तक कि Sunday sermon का भी लाइव प्रसारण होने लगा है.

कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते वेनिस शहर का सेंट मार्क्स स्क्वेयर (St. Mark's Square) भी सूना पड़ा है, जबकि आम दिनों में यहां रोज 30 हजार से ज्यादा टूरिस्ट आते थे. इस बीच इटली में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या सवा लाख से ज्यादा हो चुकी है, वहीं मौत की दर भी यहां दूसरे देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा (15,887) है. कैथोलिक धर्म मानने वालों के मिलने-जुलने के तौर-तरीकों में भी बदलाव आया है. जैसे बुरी तरह से कोरोना संक्रमण झेल रहे अमेरिका में चर्च में आने पर हाथ मिलाने, गले लगने या प्याला बांटने जैसी प्रथाओं को लेकर गाइडलाइन जारी हो चुकी है. अटलांटा, होस्टन, मेरीलैंड और ओकलाहामा में चर्चा आने-जाने वालों के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग को लेकर सख्त हिदायतें हैं ताकि कोरोना का संक्रमण फैलने से कम किया जा सके.

यहूदी धर्म में भी जब लोग Synagogue के भीतर आते हैं तो Mezuzah (एक प्रतीक, जिनपर पवित्र बातें लिखी होती हैं) को छूते या चूमते हैं. इससे संक्रमण की आशंका को देखते हुए इजराइल के प्रमुख David Lau ने एक स्टेटमेंट जारी किया, जिसमें लोगों से उसे न छूने की अपील की गई है. वैसे इजराइल में कोरोना संक्रमण का मामला 8,600 पार कर चुका है. इस बीच आई कई स्थानीय रिपोर्ट बताती हैं कि संक्रमित हुए मरीजों में आधे से ज्यादा वे हैं, जो ultra-Orthodox हैं. इसके बाद से यहां हंगामा मचा हुआ है, जिसमें ultra-Orthodox समूह का कहना है कि उन्हें साजिश के तौर पर बीमारी फैलाने के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. टाइम्स ऑफ इजराइल में इस आशय की एक खबर छपी है.

इजराइल में संक्रमित हुए मरीजों में आधे से ज्यादा वे हैं, जो ultra-Orthodox हैं


कंबोडिया स्थित अंगकोर वाट (Angkor Wat) मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित दुनिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है. इस मंदिर को देखने के लिए हर साल लगभग 2 मिलियन लोग आते हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से यहां आने वाले लोगों को संख्या काफी कम हुई है. वैसे साउथईस्ट एशिया के इस देश को कोरोना संक्रमण के मामले में काफी संभला हुआ देश माना जा रहा है, जहां अबतक 114 लोग ही पॉजिटिव आए हैं.

भारत में भी बीते 2 हफ्तों में संक्रमण के मामलों में तेजी आई है. यही वजह है कि यहां भी खास-खास धार्मिक स्थलों को अलग से बंद करने की घोषणा करनी पड़ी. जैसे महाराष्ट्र के शिरडी साईं मंदिर को 17 मार्च से श्रद्धालुओं के लिए अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है. इसी बीच महाराष्ट्र में कोरोना से प्रभावितों की संख्या देशभर में सबसे ज्यादा 781 हो चुकी है, यहां तक कि मौत की संख्या भी यहां सबसे ज्यादा है. भारत में ही पंजाब का अमृतसर शहर अपने स्वर्ण मंदिर के लिए मशहूर है. यहां हमेशा देशी-विदेशी सैलानियों की भीड़ लगी रहती है लेकिन कोरोना वायरस के चलते अब स्वर्ण मंदिर सुनसान पड़ा है.

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