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पांच किलोमीटर में फैली वो सल्तनत, जहां गुजारे के लिए मछलियां पकड़ता है राजा

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo-pixabay)

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo-pixabay)

दुनिया का सबसे छोटा ये मुल्क (smallest kingdom of world) लगभग 5 किलोमीटर के दायरे में फैला है और यहां का राजा रेस्त्रां ...अधिक पढ़ें

    आज जबकि अधिकांश देश अपनी-अपनी सीमाओं के विस्तार में लगे हैं और लगातार खुद को परमाणु शक्ति संपन्न कर रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी मुल्क हैं, जो अपनी बेहद छोटी सीमा में ही खुश हैं. ऐसे देशों में सबसे ऊपर है किंगडम ऑफ टवोलारा (Kingdom of Tavolara). इटली के सार्डीनिया प्रांत के पास बसा ये छोटा सा द्वीप दुनिया का सबसे छोटा साम्राज्य है. केवल 5 किलोमीटर में फैले इस द्वीप की और भी कई खासियतें हैं, जो इसे दुनिया के किसी भी देश से अलग बनाती हैं.

    द्वीप की कहानी शुरू होती है साल 1807 से, जब वर्तमान राजा Antonio, जिसे टोनियो के नाम से भी जाना जाता है, के दादा के दादा Giuseppe Bertoleoni इटली से भागते हुए इस द्वीप पर पहुंचे. दरअसल उन्होंने दो बहनों से एक साथ शादी की थी और द्विपत्नीत्व के आरोप से बचना चाहते थे. इसी भागमभाग में वे इस सुनसान द्वीप पर पहुंचे. पहुंचते ही वे यहां घर बनाने और बसने में जुट गए. द्वीप के जंगलों में घूमते हुए उन्हें एक खास बात पता चली. द्वीप सूना तो था लेकिन वहां की खासियत थी कि वहां सुनहरे दांतों वाली बकरियां पाई जाती थीं. जल्द ही सुनहरे दांतों वाली इन अनोखी बकरियों की बात फैलने लगी और लोग द्वीप पर शिकार के लिए आने लगे. तब शिकार में मदद करते हुए गुसेप के बेटे पाओलो अपने-आप को द्वीप का राजा बताते. धीरे-धीरे टवोलारा को अलग बादशाहत माना जाने लगा. उस दौरान द्वीप पर कुल 33 लोग रहने लगे थे और इस तरह से पाओलो उन 33 लोगों के राजा बन गए.

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    द्वीप के शासक Giuseppe Bertoleoni का पूरा परिवार, जिनकी वजह से इसे जाना जाने लगा


    खुद को राजा मानते हुए पाओलो ने अपनी वसीयत में लिखा कि उनकी कब्र पर मुकुट लगाया जाए. इस राजा ने जीते-जी कभी क्राउन नहीं पहना था लेकिन मौत के बाद कब्र पर मुकुट लगाया गया. ऐसी ही अनोखी बातों की वजह से और खासकर सुनहरे दांतों वाली बकरियों की वजह से द्वीप जाना जाने लगा. यहां तक कि कई देशों ने टवोलारा के राजाओं के साथ शांति समझौते भी किए. हालांकि ये प्रतीकात्मक समझौते ही थे क्योंकि कुछ लोगों के द्वीप से किसी राजा को कोई खतरा नहीं था.

    लगभग 5 किलोमीटर की लंबाई-चौड़ाई के इस द्वीप में एक बार क्वीन विक्टोरिया की ओर से जहाज भी भेजा गया था. ये 19वीं सदी की बात है, जब क्वीन ने दुनियाभर की सल्तनत के राजाओं की तस्वीरें जमा करने की सोचीं. तब एक जहाज टवोलारा भी आया था और पूरे शाही खानदान की दो तस्वीरें खींची गई थीं. इनमें से एक तस्वीर सालों तक ब्रिटेन के बकिंघम पैलेस (Buckingham Palace) में सोने मढ़े फ्रेम में सजी रही थी, जिसपर लिखा था- दुनिया का सबसे छोटा साम्राज्य. दूसरी फोटो द्वीप के अकेले रेस्त्रां में सजी हुई है. वर्तमान राजा एंटोनियो ( Antonio Bertoleon) आने वाले सैलानियों को बड़े ही चाव से ये तस्वीर दिखाता और किस्से सुनाता है. यही वजह है कि बहुत से लोग खासतौर पर अलग कहानी सुनने के लिए इटली से आते हैं. वैसे Tavolara, Island of the Kings किताब में इस द्वीप के बसने और एक अलग देश बनने की पूरी कहानी मिलती है.

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    राजा ने जीते-जी कभी क्राउन नहीं पहना था लेकिन मौत के बाद उनकी कब्र पर प्रतीक के तौर पर मुकुट लगाया गया


    द्वीप के अकेले रेस्त्रां की कहानी भी काफी दिलचस्प है. इसे एंटोनियो और उसका शाही परिवार चलाता है. ये लोग इटली से इस द्वीप तक लगभग रोज फेरी लगाते हैं और रेस्त्रां में जरूरी सामान लाते- ले जाते हैं ताकि सैलानियों को उनकी पसंद से खिलाया-पिलाया जा सके. टोनियो और उनके भतीजे फेरी सर्विस चलाते हैं, तो उनका दूसरा भतीजा समुद्र में मछलियां पकड़ता है. फिलहाल यहां राजा को मिलाकर कुल 11 लोग रहते हैं. यानी राजा का परिवार ही उसकी प्रजा भी है.

    वैसे तो तकनीकी तौर पर देखा जाए तो इस द्वीप पर दिनभर रहने वाला सारा शाही खानदान इटली का नागरिक है. हालांकि इटली ने भी इस द्वीप को अपना हिस्सा नहीं माना है इसलिए टवोलारा को टोनियो अपना ही साम्राज्य मानते हैं. अधिकतर वक्त टी-शर्ट और हाफ पैंट में रहने वाले टोनियो ने कभी क्राउन नहीं पहना और उनके पास शाही संपत्ति के नाम पर छोटा सा रेस्त्रां और कुछ किलोमीटरों के दायरे में फैला सूना द्वीप ही है.

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    Tags: Buckingham Palace, Fisheries, Italy, Queen elizabeth II

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