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CAA और NRC को लेकर सोशल मीडिया यूं बना जंग का मैदान

News18Hindi
Updated: January 22, 2020, 7:35 PM IST
CAA और NRC को लेकर सोशल मीडिया यूं बना जंग का मैदान
सीएएए विरोधी प्रदर्शनों में इस बार युवाओं ने उन प्लेटफॉर्म्स का भी इस्तेमाल किया जहां आम तौर पर बीजेपी की सोशल मीडिया पकड़ कमजोर मानी जाती है.

CAA और NRC को लेकर जारी प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया (Social Media) पर भी लंबी जंग लड़ी गई है. युवाओं ने इस वर्चुअल वर्ल्ड में तकरीबन सभी प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया है. परंपरागत प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook) और ट्विटर (Twitter) के अलावा इस बार इंस्टाग्राम (Instagram) और टिकटॉक (TikTok) का भी खूब इस्तेमाल हुआ.

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CAA और NRC को लेकर देश में कई जगह प्रदर्शन जारी हैं. दिल्ली का शाहीन बाग तो इन प्रदर्शनों का केंद्र बिंदु बन गया है. बीते 15 दिसंबर को जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे तब आकांक्षा नाम की एक लड़की (बदला हुआ नाम) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर CAA और NRC विरोधी पोस्ट्स की झड़ी लगा दी थी. लेकिन वो अकेली नहीं थी. ऐसे छात्रों और लोगों की संख्या हजारों में है जिन्होंने सोशल मीडिया पर इस कानून के विरोध में लंबी लड़ाई लड़ी है.

टिकटॉक का भी इस्तेमाल
सीएएए विरोधी प्रदर्शनों में इस बार युवाओं ने उन प्लेटफॉर्म्स का भी इस्तेमाल किया जहां आम तौर पर बीजेपी की सोशल मीडिया की पकड़ कमजोर मानी जाती है. जैसे युवाओं ने चीनी कंपनी बाइटडांस के ऐप टिकटॉक का खूब इस्तेमाल किया. ये ऐप बड़े शहरों से ज्यादा छोटे शहरों में मशहूर है और इसका इस्तेमाल धड़ल्ले के साथ किया जाता है. इसके अलावा इंस्टाग्राम पर बीजेपी की उपस्थिति कमजोर मानी जाती है. हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फॉलोवर्स की संख्या इस प्लेटफॉर्म पर करोड़ों में है.

socialmedia

सोशल मिडिया पर निगाहें
एक तरफ जहां इस कानून को लेकर पोस्ट्स की बाढ़ आई हुई थी वहीं दूसरी तरफ इसको लेकर सरकारी कार्रवाई भी हुई. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर हुईं 15 हजार पोस्ट्स के सिलसिले में पुलिस ने करीब 76 FIR दर्ज कीं. करीब 100 लोगों की गिरफ्तारियां हुईं. इनमें ट्विटर की 6612, फेसबुक की 8577 और यूट्यूब की 155 पोस्ट के साथ अन्य प्रोफाइल पोस्ट को लेकर कार्रवाई हुई. पुलिस के मुताबिक उन्हीं पर कार्रवाई हुई जो भ्रामक जानकारी देकर आम लोगों को बरगलाने की कोशिश कर रहे थे.

एक अखबार में प्रकाशित खबर में दिल्ली पुलिस के मुख्य प्रवक्ता मंदीप सिंह रंधावा ने कहा था कि पुलिस न सिर्फ फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया अकाउंट पर नजर रख रही है. बल्कि व्हाट्सऐप ग्रुप में फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों पर भी निगाह रखी जा रही है.सोशल मीडिया ट्रेंड्स
दिलचस्प रूप से जामिया में हुए विरोध प्रदर्शन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल इंस्टाग्राम का हुआ. युवाओं ने सोशल मीडिया के इस प्लेटफॉर्म पर थोक में वीडियो, लिखित पोस्ट्स और तस्वीरें अपलोड कीं. वहीं अगर ट्विटर की बात की जाए तो बीते एक महीने के दौरान शायद ही ऐसा कोई दिन गुजरा जब #RejectCAA_NRC_NPR, #AntiCAA_NRC_NPR ट्रेंडिंग में न रहे हों. यहां तक कि कई बार वैश्विक ट्विटर ट्रेंड में भी ये हैशटैग शामिल रहे.

ट्विटर एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म माना जाता है जहां पर कई समूह ट्रेंडिंग के जरिए अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हैं. हैशटैग का इस्तेमाल कर ये ग्रुप अपनी बात बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं. अगर इस लिहाज से देखा जाए तो सीएए और एनआरसी का विरोध कर रहे समूहों ने काफी हद तक सफलता पाई है.

कई बड़े कलाकारों ने लगातार किए ट्वीट
सीएए और एनआरसी के विरोध में वैसे तो कई बड़े और नामी कलाकारों ने प्रदर्शन किया. लेकिन दो डायरेक्टर इस लिस्ट में सबसे आगे रहे. अनुराग कश्यप और अनुभव सिन्हा. दोनों ही निर्देशकों ने सिलसिलेवार ढंग से लगातार सीएएस विरोधी ट्वीट्स किए. अनुराग कश्यप का हर ट्वीट हजारों बार रिट्वीट हुआ और बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचा.

पीएम मोदी ने किया था ट्वीट
नागरिकता संशोधन बिल को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारियों पर हिंसा भड़कने के बाद खुद पीएम मोदी ने ट्वीट कर लोगों शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की थी. उन्होंने लिखा था कि ये शांति, एकता और भाईचारा बनाए रखने का समय है.





उन्होंने सभी से भ्रामक जानकारियों से दूरी बनाने की अपील की थी. पीएम मोदी ने हिंसक प्रदर्शन पर ट्वीट करते हुए लिखा कि समय की मांग है कि हम सभी भारत के विकास और प्रत्येक भारतीय, विशेषकर गरीब, दलित और हाशिए के सशक्तिकरण के लिए मिलकर काम करें. हम निहित स्वार्थ समूहों को हमें विभाजित करने और अशांति पैदा करने की अनुमति नहीं दे सकते.

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First published: January 22, 2020, 5:51 PM IST
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