सौरमंडल में और भी हो सकते थे पृथ्वी जैसे ग्रह, क्या गुरू ग्रह है इसकी वजह

सौरमंडल में और भी हो सकते थे पृथ्वी जैसे ग्रह, क्या गुरू ग्रह है इसकी वजह
शोध में पता चला है कि हमारे सौरमंडल में पृथ्वी जैसे और भी ग्रह होने चाहिए थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शोध में पाया गया है कि हमारे सौरमंडल (Solar System) में एक ही जीवन के अनुकूल ग्रह (Habitable Planet) होना असामान्य बात है जबकि इसमें ऐसे छह ग्रह हो सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 1, 2020, 5:05 PM IST
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पृथ्वी के बाहर जीवन की तलाश (Life outside earth) वैज्ञानिकों के लिए अब केवल पसंदीदा विषय ही नहीं रहा. इस विषय पर बहुत से शोध चल रहे हैं. इस तरह की खोजों से वैज्ञानिक पृथ्वी पर जीवन (Life on Earth) की शुरुआत कैसे हुई और पृथ्वी पर जीवन के अनुकूल हालात कैसे विकसित हुए जैसे कई सवालों के जवाब भी तलाश कर रहे हैं. ताजा शोध में पता चला है कि सुदूर सौरमंडलों (Solar System) में इस बात की प्रबल संभावना है कि वहां कई ऐसे ग्रह हों जहां जीवन हो.

बाह्यग्रहों पर होते हैं बहुत अध्ययन
पृथ्वी से दूर बाह्यग्रहों पर तो कई तरह के अध्ययन हुए हैं. इस विषय पर भी कई तरह के मॉडल्स बने हैं कि ब्रह्माण्ड, हमारी गैलेक्सी में ऐसे कितने सौरमंडल हो सकते हैं जहां न केवल जीवन हो बल्कि बुद्धिमान जीवन (Intelligent life) भी हो.

एक से अधिक ऐसे ग्रह
इन नए शोध में जो सबसे अहम बात निकल कर आई है वह यह के ब्रह्माण्ड में जहां भी जीवन संभावित ग्रह (Habitable Planets) होंगे, उनके सौरमंडल में ऐसे एक नहीं बल्कि कई जीवन संभावित ग्रह हो सकते हैं जबकि हमारे सौरमंडल में जो इस तरह का केवल एक ग्रह है यह एक असामान्य बात है.



कितने अहम हैं ऐसे ग्रह
जीवन संभावित क्षेत्र वाले ग्रहों की वैज्ञानिकों को हमेशा से ही तलाश रही है. यह ग्रह अपने सूर्य से खास दूरी पर होते हैं. जिसके कारण यहां पर पानी तरल रूप में, ठोस धरती और वायुमंडल में ठहरने वाली हवा के होने के पूरे आसार होते हैं. इस क्षेत्र को गोल्डीलॉक जोन (Goldilocks Zone) भी कहा जाता है. इससे दूर या इससे पास होने वाले ग्रहों में हालात जीवन के अनुकूल होने की संभावना नहीं के बराबर ही होती है.

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हमारे सौरमंडल में केवल पृथ्वी पर ही जीवन की अनुकूलता की स्थितियां हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


केवल एक ही ऐसा ग्रह क्यों
इस नए अध्ययन करने के लिए वैज्ञानिक पास के एक ग्रहों के सिस्टम, जिसे ट्रपिस्ट-1 (Trappist-1) कहते हैं, से प्रेरित हुए. इस सौरमंडल में कम से कम तीन ऐसे ग्रह हैं जो जीवन संभावित क्षेत्र (Habitable Zone) में हैं. एस्ट्रोनॉमिकल जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के प्रमुख लेखक एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट स्टीवन केन ने कहा, “इससे हमें हैरानी हुई कि आखिर जीवन संभावित क्षेत्र में कितने ग्रह हो सकते हैं और हमारे सौरमंडल में केवल एक ही ऐसा ग्रह क्यों है? यह हमें सही नहीं लगा.”

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क्या किया गया अध्ययन
किसी सौरमंडल के जीवन संभावित क्षेत्र में कितने ग्रह हो सकते हैं. इसी विचार के आधार पर शोधकर्ताओं को एक मॉडल बनाया जिसमें उन्होंने अलग अलग तारों के ग्रहों का सिम्यूलेशन बनाया. इसमें उन्होंने लाखों करोड़ों सालों तक ग्रह आपस में कैसे अंतरक्रिया करेंगे यह पता लगाया.

कितने ग्रह हो सकते हैं एक सौरमंडल में
शोधकर्ताओं ने पाया कि हमारे सूर्य जैसे तारे के पास छह ऐसे ग्रह हो सकते हैं, जिसमें से हर एक ग्रह में तरल पानी और जीवन के अनुकूल अन्य परिस्थितियां हो सकती हैं. दूसरे तरह के तारों के पास तो ऐसे सात ग्रह हो सकते हैं. इससे ज्यादा ग्रह होने पर वे क दूसरे के बहुत पास आकर उनकी कक्षाएं प्रभावित कर देंगे.

क्यों एक ही ग्रह है हमारे सौरमंडल में
इस शोध ने इस तथ्य पर भी प्रकाश डाला कि हमारे सौरमंडल में एक ही जीवन संभावित ग्रह है और शोधकर्ताओं ने इसकी वजह की भी पड़ताल की. उन्होंने पाया कि इसका एक कारण हमारे सौरमंडल के ग्रहों का ओवल के आकार (अंडाकार) में सूर्य की परिक्रमा लगाना है. अगर वे और नियमित और वृत्ताकार परिक्रमा करते तो हमारे ग्रहों की कक्षा ज्यादा स्थिर होतीं.

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हमारे सौरमंडल में पृथ्वी जैसे और ग्रहों के न होने का कारण गुरू ग्रह है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


गुरू ग्रह कैसे है जिम्मेदार
हमारे सौरमंडल के इतना कम जीवन संभावित होने का एक कारण गुरू ग्रह भी है. यह ग्रह हमारे सौरमंडल के बाकी ग्रहों को मिलाकर होने वाले वजन से भी ढाई गुना ज्यादा वजनी है. इसने ही अपने आसपास के  अंतरिक्ष में  गड़बड़ी कर रखी है. केन का कहना है कि इसने दूसरे ग्रहों की कक्षा को बिगाड़ कर रखा है.

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यह अध्ययन दुनिया भर में उपयोग में लाए जा रहे टेलीस्कोप के अवलोकन से मिली जानाकरी के आधार पर ब्रह्माण्ड के बारे में जानने में मददगार हो सकता है.
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