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कभी था क्लर्क अब खुद को भगवान कहता है, कौन है ये बाबा जिसके यहां पड़ रहे हैं छापे

News18Hindi
Updated: October 21, 2019, 2:30 PM IST
कभी था क्लर्क अब खुद को भगवान कहता है, कौन है ये बाबा जिसके यहां पड़ रहे हैं छापे
कथित कल्कि भगवान के आश्रम से आयकर विभाग के छापे में 500 करोड़ रुपए की संपत्ति बरामद हुई है.

70 वर्षीय विजय कुमार (Vijay Kumar) ने खुद को भगवान विष्णु के 10वें अवतार 'कल्कि भगवान' (Lord Kalki) घोषित किया था. 30 साल पहले वो एक लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में क्लर्क की नौकरी करता था. नौकरी छोड़कर बाबा बना है.

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  • Last Updated: October 21, 2019, 2:30 PM IST
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आयकर विभाग (Income Tax) की छापेमारी से चर्चा में आए कल्कि भगवान (Lord Kalki) के आश्रम से 500 करोड़ से अधिक संपत्ति बरामद हुई है. कल्कि भगवान के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु स्थित आश्रम में आयकर विभाग ने 16 अक्टूबर को छापेमारी की थी. दरअसल कल्कि भगवान विष्णु के दसवें अवतार को कहा जाता है. हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार धर्म की रक्षा करने के लिए भगवान विष्णु का दसवां अवतार कल्कि के रूप में कलयुग में होगा. प्रश्न उठता है कि अपने को कल्कि भगवान घोषित करने वाला ये बाबा है कौन?

बता दें कि कल्कि महाराज वास्तव में 70 वर्षीय विजय कुमार हैं. जिन्होंने खुद को भगवान विष्णु का 10वां अवतार 'कल्कि भगवान' घोषित किया है. एजेंसियों की जांच से पता चला है कि करीब 30 साल पहले विजय कुमार एक लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में क्लर्क थे. बाद में उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर जीवाश्रम नाम के एक आश्रम की स्थापना की.

क्लर्क की नौकरी छोड़कर विजय कुमार भगवान कल्कि बन गया है.


विजय कुमार ने अध्यात्म के रास्ते को अपना

इसके बाद विजय कुमार ने कर्नाटक के चित्तूर में एक यूनिवर्सिटी की स्थापना की. 1990 आते-आते विजय कुमार ने अध्यात्म के रास्ते को अपना लिया और खुद को भगवान विष्णु का दसवें अवतार कल्कि घोषित किया. अध्यात्म के जरिए बाबा कल्कि ने रियल स्टेट के क्षेत्र में भी कदम रखा और अपने साम्राज्य को विदेशी सीमाओं तक फैलाया.

आरोप है कि कथित कल्कि बाबा ने अपने ट्रस्टों के जरिये दर्शन और आध्यात्मिक ट्रेनिंग देने के बहाने विदेशियों से पैसा बनाया. आयकर विभाग की छापेमारी में बड़े पैमाने में विदेशी करेंसी भी बरामद की गई है. बाबा पर रसीदों में हेरफेर जरिए कालेधन को सफेद करने का भी आरोप लगा है.

भगवान कल्कि के आश्रम से बड़े पैमाने पर विदेशी करेंसी बरामद की गई है.

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अकूत संपत्ति वाले बाबा का रसूखदार लोगों से संबंध
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आयकर विभाग ने छापेमारी में 25 लाख अमेरिकी डॉलर भी बरामद किये हैं. इसके अलावा 88 किलो सोना और ज्वेलरी भी जब्त की गई है. जिसकी बाजार में कीमत करीब 26 करोड़ रुपए बताई जा रही है. साथ ही 5 करोड़ रुपए मूल्य के हीरे भी एजेंसी ने प्राप्त किए हैं. कल्कि बाबा से कई बड़ीं फिल्मी हस्तियां और रसूखदार लोगों से संबंधों के बार में भी पता चला है. बाबा के ट्रस्ट में उनकी पत्नी पद्मावती और बेटा एनकेवी कृष्णा भी साझेदार हैं.

16 अक्टूबर की कार्रवाई पर आयकर विभाग ने कहा कि इनकम टैक्स की धारा 1961 के तहत आयकर विभाग ने बीते 16 अक्टूर को अवैध कंपनियों और ट्रस्ट्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. ऐसी खुफिया जानकारी मिली थी कि दर्शन और आध्यात्म के विभिन्न आवासीय परिसर में पिछले एक साल से वेलनेस कोर्स और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं.

नकद रुपए के अतिरिक्त सोना और हीरे की भी बरामदगी की गई है.


प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए विदेशी मुद्रा की उगाही
इन आवासीय पाठ्यक्रम के लिए विदेशी ग्राहकों को आकर्षित करके बड़े पैमाने पर विदेशी मुद्रा में शुल्क उगाहा जा रहा है. साथ ही बडे पैमाने पर विदेशी निवेश और आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु की संपत्तियों से प्राप्त इनकम की रसीदों को छुपाया जा रहा था. आयकर विभाग ने कल्कि भगवान के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु स्थित ठिकानों से 500 करोड़ से अधिक की प्रापर्टी बरामद की है.

ऐसा ही एक मामला गुजरात से भी सामने आया था. जहां एक सरकारी अधिकारी ने अपने को भगवान विष्णु का दसवां अवतार कल्कि घोषित किया था. उसने दावा किया था कि वह दुनिया को बदलने के लिए तपस्या कर रहा है और इसलिए वह अपनी ड्यूटी नहीं कर सकता.

बाबा पाठ्यक्रम के नाम पर विदेशी करेंसी की उगाही करता था.


गुजरात में सरदार सरोवर पुनर्वास एजेंसी में सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर पद पर कार्यरत रमेशचंद्र फेफर को ऑफिस नहीं आने पर नोटिस दिया गया था. जिसके जवाब में उसने कहा था कि उसकी तपस्या के चलते पिछले 19 सालों से राज्य में अच्छी बारिश हो रही है. पत्रकारों से बातचीत में रमेश चंद्र ने कहा कि मार्च 2010 में एक दिन ऑफिस में काम करते हुए उसे एहसास हुआ कि वह भगवान का 10वां अवतार कल्कि है. इतना ही नहीं उनके पास दैवीय शक्तियां भी हैं.

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First published: October 21, 2019, 2:19 PM IST
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