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जानिए, दुनिया के 5 सबसे स्वस्थ देशों में क्या है कोरोना की हालत

सबसे सेहतमंद देश स्पेन भी कोरोना से प्रभावित देशों में आ चुका है
सबसे सेहतमंद देश स्पेन भी कोरोना से प्रभावित देशों में आ चुका है

दुनिया के सबसे सेहतमंद देश (world's healthiest country) में दोपहर के खाने के बाद सोना सबसे जरूरी है. स्पेन (Spain) के लोग मानते हैं कि इससे तनाव और अवसाद (stress and depression) घटता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 9, 2020, 11:57 AM IST
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सबसे सेहतमंद देश की बात करें तो उसमें सिर्फ संतुलित खाने की आदत ही नहीं, बल्कि देश में पीने के साफ पानी की उपलब्धता, फिजिकल एक्टिविटी और यहां तक कि कमर का आकार भी देखा जाता है. Bloomberg Healthiest Country Index ने ऐसे कई पैमानों के आधार पर 169 देशों का ओवरऑल स्वास्थ्य देखा. इसमें पाया गया कि स्पेन दुनिया का सबसे स्वस्थ देश है.

ब्लूमबर्ग ने World Health Organisation, UN Population Division और World Bank के आंकड़ों का विश्लेषण किया. इसमें स्पेन जैसे देश का सबसे स्वस्थ होना खुद विशेषज्ञों के लिए हैरानी की बात थी क्योंकि ये देश अल्कोहल, स्मोकिंग और अपनी नाइट लाइफ के लिए जाना जाता है. इसके बावजूद 92.75 प्रतिशत औसत आयु के साथ ये देश सबसे स्वस्थ देश माना जा सकता है. विश्लेषकों ने स्पेनिश लोगों की जीवनशैली का अध्ययन किया तो पाया कि तमाम उटपटांग आदतों के बावजूद यहां पर स्वस्थ जीवनशैली मेंटेन की जाती है.

सबसे पहले तो यहां खाना छोटे-छोटे हिस्सों में खाया जाता है. इसके लिए यहां पर एक खास किस्म का स्नैक या एपेटाइजर मिलता है जिसे Tapas कहते हैं. ये छोटा सा मील होता है, जो तमाम स्पेनिश लोगों की जीवनशैली का हिस्सा है. इसके अलावा खाने के बाद दोपहर का सोना जिसे siesta कहते हैं, भी हर स्पेनिश के लिए जरूरी है. माना जाता है कि इससे तनाव कम होता है और रात में कम सोने का मौका मिले तो उसकी भरपाई हो जाती है. स्पेन के लोग पूरे यूरोप में सबसे ज्यादा पैदल चलने वाले माने जाते हैं. 37% से भी ज्यादा स्पेनिश अपने दफ्तर या कॉलेज पैदल जाते हैं.



स्पोर्ट एक्टिविटी यहां हर उम्र और जेंडर के लिए निर्धारित है

साथ ही इस देश में universal healthcare program काफी कामयाब है, जिसके तहत देशवासियों के स्वास्थ्य की जांच और इलाज शामिल हैं. हालांकि ये और बात है कि फिलहाल ये सबसे स्वस्थ मुल्क भी कोरोना की जद में है, और 674 मामलों के साथ दुनियाभर में संक्रमित देशों की सूची में 8वें नंबर पर है.

इस हेल्थ इंडेक्स में इटली 91.59% औसत आयु के साथ दूसरे नंबर का स्वस्थ देश है. हालांकि अभी कोरोना वायरस से प्रभावित देशों में इटली 7,375 मामलों और 366 मौतों के साथ दूसरे नंबर पर है. लेकिन ओवरऑल सेहत की देखें तो इटली के लोगों की जीवनशैली स्वस्थ मानी जा सकती है. यहां Mediterranean diet को तवज्जो दी जाती है जो कि दिल की सेहत के लिए काफी फायदेमंद है. इसमें ऑलिव ऑयल के साथ वे सारी चीजें खाने में शामिल होती हैं, जो ओमेगा-3 से भरपूर हैं, जैसे मछली, सीफूड, ऑलिव, सब्जियां और फल. मेडिटरेनियन डाइट साल 1960 में दिल की बढ़ती बीमारियों को ध्यान में रखकर शुरू हुई थी, जिसकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई. अब यूरोप के कई देश इसे लेते हैं. यहां तक कि University College London में साल 2018 में हुई एक रिसर्च बताती है कि इस डायट को लेने पर अवसाद का खतरा बहुत कम हो जाता है.

Mediterranean diet दिल की सेहत के लिए काफी फायदेमंद है


तीसरे नंबर पर आइसलैंड रहा, जहां कि लोगों का औसत जीवनकाल 91.44 प्रतिशत है. यहां भी मेडिटरेनियन डाइट को ही तवज्जो दी जाती है, जिसमें खाने में ऑलिव ऑइल, ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर चीजें और फिश शामिल हैं. साथ ही स्पोर्ट एक्टिविटी यहां हर उम्र और जेंडर के लिए निर्धारित है. स्विमिंग इसमें कॉमन स्पोर्ट है. लेकिन कोरोना ने इसे भी गिरफ्त में ले लिया, यहां अब तक 58 मामले आ चुके हैं.

91.38 प्रतिशत के सात जापान को चौथा नंबर मिला. इस देश का खाना healthiest माना जाता है. दूसरे विकसित देशों से अलग यहां के लोग बाहर खाने कम ही पसंद करते हैं. यहां अधिकतर लोग घर पर भाप में पका खाना या ग्रिल्ड फूड लेते हैं. बैठकर आराम से खाना खाना और खूब पैदल चलना भी यहां के लोगों की सेहत का राज है. यहां पर साल 2005 में शुकु आईकु नियम लागू हुआ. शुकु का मतलब खाना, खाने की आदत और आईकु का अर्थ है बौद्धिक, नैतिक और शारीरिक एजुकेशन. इस नियम के तहत बच्चों में अच्छे खाने और सीखने की आदत को बढ़ावा दिया जाता है. WHO के अनुसार जापानी कंपनियों में साल में एक बार तमाम कर्मचारियों को अपनी कमर की नाप देनी होती है. जिनकी नाप ज्यादा होती है, उन्हें कंपनी कसरत के लिए अलग से वक्त और वेतन देती है. या खुद ही इंतजाम करती है. वहीं कोरोना वायरस के मामले में ये स्वस्थ देश 502 केसेज के साथ 10वें स्थान पर आ चुका है.

लगभग सारे स्वस्थ माने जाने वाले देश कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं


90.93 प्रतिशत के साथ स्विटरजरलैंड पांचवे नंबर पर रखा गया. अपने प्राकृतिक सौंदर्य और झीलों के लिए ख्यात इस देश के लोग इतने सेहतमंद हैं क्योंकि वे पहाड़ चढ़ते हैं ताकि अपने घर पहुंच सकें. यानी ज्यादातर स्विस घर पहाड़ियों या ऊंचाई पर बने हैं. यहां के अधिकतर खेल पहाड़ों के इर्दगिर्द सिमटे हुए हैं जैसे सर्दियों में स्कीइंग तो गर्मियों में क्लाइंबिंग. अमेरिका में बर्फबारी के दौरान पहाड़ सुनसान हो जाते हैं, वहीं ये देश पूरे सालभर अपनी पहाड़ियों का इस्तेमाल करता है. कोरोना के मामले में ये मुल्क जापान के ठीक पीछे खड़ा है. यहां अब तक 332 मामले आ चुके हैं और 2 मौतें भी हो चुकी हैं.

इनके बाद स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, नॉर्वे और इजरायल को क्रमशः छठवें से दस स्थान मिला. इन सारे ही देशों में एक बात कॉमन दिखी कि ये भले ही अल्कोहल कंजप्शन के लिए जाने जाएं लेकिन यहां पर उसे संतुलित करने के लिए सही आहार और फिजिकल एक्टिविटी पर खास जोर है. सातवें स्थान पर आए देश ऑस्ट्रेलिया के समुद्र के पास होने की वजह से यहां पर फल-सब्जियों-अनाज का आयात काफी मुश्किल है. ऐसे में ऑस्ट्रेलियन लोगों ने अपने ही देश में उपज रहे प्लांट बेस्ड खाने को अपनी मुख्य डाइट बना डाला. इसके अलावा यहां पर खेलकूद कल्चर में शामिल है. ज्यादातर ऑस्ट्रेलियन्स तैराकी, रग्बी, हाइकिंग, बाइकिंग और चलने जैसी एक्सरसाइज रोजाना करते हैं. इससे वजन भी कंट्रोल रहता है और कार्डियोवस्कुलर बीमारियों का डर घट जाता है.

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