Explained: कैसे आतंकियों की बीवियां इजरायली जेलों से स्पर्म बाहर ले जा रही हैं?

फिलिस्तीनी आतंक खुद को बनाए रखने के लिए स्पर्म स्मगलिंग का सहारा ले रहा है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)

फिलिस्तीनी आतंक खुद को बनाए रखने के लिए स्पर्म स्मगलिंग का सहारा ले रहा है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)

चॉकलेट के पैकेट, सिगरेट लाइटर, पेन, कुकीज यहां तक कि बारीक चीरे लगाकर ताजे फलों में स्पर्म भरकर इजरायली जेलों (sperm smuggling through Israel jail) से बाहर जा रहे हैं. ये फिलिस्तीनी आतंक है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 15, 2020, 3:37 PM IST
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इजरायली जेलों में बंद फिलिस्तीनी आतंकियों की बीवियों ने वंश बढ़ाने का नया तरीका खोज निकाला है. वहां से कैंडी रैपर जैसी चीजों में स्पर्म भेजे जा रहे हैं. इसके बाद मेडिकल प्रक्रिया से गुजरकर औरतें गर्भवती हो रही हैं. ये एक तरह से फिलिस्तीनी आतंक का नया चेहरा है, जो खुद को बनाए रखने के लिए स्पर्म स्मगलिंग का सहारा ले रहा है.

इस स्मगलिंग को समझने के लिए एक बार इतिहास में जाना होगा. इजरायल और फिलिस्तीन के बीच लड़ाई और विवाद के बारे में तो हम लगातार सुनते रहे हैं. इसकी जड़ में दो धार्मिक सोच वाले समूहों के बीच एक क्षेत्र को लेकर लड़ाई है.

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इजराइल और फिलिस्‍तीन के बीच झगड़े की असली जड़ है पश्चिम एशिया का वह इलाका जहां यहूदी अपना हक जातते थे, यह वह इलाका था जहां सदियों पहले यहूदी धर्म का जन्म हुआ था. यही वो जमीन थी जहां ईसाई धर्म का जन्म हुआ. बाद में इस्लाम के उदय से जुड़ा इतिहास भी यहीं लिखा गया. यहूदियों के दावे वाले इसी इलाके में मध्यकाल में अरब फिलिस्तीनियों की आबादी बस चुकी थी.
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच लड़ाई और विवाद के बारे में हम लगातार सुनते रहे हैं- सांकेतिक फोटो (Pixabay)


साल 1922 से ये इलाका ब्रिटिश हुकूमत के कब्जे में था. बाद में दूसरे विश्व युद्ध के दौरान यहां यहूदियों का जनसंहार हुआ. युद्ध खत्म होने और शांति के बाद यहूदियों के नाम पर अपना एक देश बना. इसके तहत इजरायल को दो हिस्सों में बांट दिया गया, एक यहूदियों के लिए और दूसरा अरब राज्य. हालांकि इसमें भी एक समस्या थी जेरूसलम. यहां यहूदी और मुस्लिम दोनों ही थे. इस इलाके को इंटरनेशनल तौर पर चलाने के बात हुई.

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हालांकि इसके तुरंत बाद ही कई अरब देशों ने इजरायल पर हमला कर दिया. लड़ाई में इजरायल ने दुश्मन देशों को बुरी तरह से हराया और गाजा पट्टी इलाके पर भी कब्जा कर लिया. इसके बाद ही फिलिस्तीन आतंक की शुरुआत हुई. ये समूह मानता है कि इजरायल कोई देश ही नहीं है और उसे अरब मुल्क बना देना चाहिए.

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दोनों के बीच लगातार लड़ाइयां चलती रही हैं और वे एक-दूसरे का ज्यादा से ज्यादा नुकसान करना चाहते हैं. इसी कड़ी में इजरायल बहुत से आतंकियों को जेलों में बंद किए हुए है. इन जेलों में कैदियों को अपनी पत्नियों से मिलने की इजाजत नहीं. बता दें कि अधिकतर इंटरनेशनल जेलों में कैदियों को वैवाहिक मुलाकात की अनुमति रहती है. इस दौरान ही कई पत्नियां गर्भवती हो जाती है. इजरायल में डर से ही ये इजाजत नहीं मिली. इसकी एक वजह ये भी है कि फिलिस्तीनी आतंकी पत्नियों के जरिए आतंक के लिए कुछ मंगवा या भेज सकते हैं.

इजरायल बहुत से फिलिस्तानी आतंकियों को जेलों में बंद किए हुए है- सांकेतिक फोटो (Pixabay)


वैवाहिक मुलाकात न होने पर भी वंश बढ़ाने के लिए कैदियों ने तरीका खोज ही निकाला. वे स्पर्म स्मगलिंग करवा रहे हैं. चॉकलेट के पैकेट, सिगरेट लाइटर, पेन, कुकीज यहां तक कि बारीक चीरे लगाकर ताजे फलों में स्पर्म भरकर बाहर भेजे जा रहे हैं. ये इस तरह से होता है कि इजरायली जेलों में बंद कैदियों को उनकी पत्नियां तोहफे में खाने की चीजें दे सकती हैं.

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कैदी के लिए तोहफा कब आ रहा है, इसकी सूचना पहले से ही कैदी तक पहुंचा दी जाती है. जैसे ही उनतक तोहफा पहुंचता है, वे पहले से तैयार रहते हैं और स्पर्म को एकाध बाकी तोहफे के बीच डालकर बाहर निकाल लिया जाता है. यहां से वो सीधा इंफर्टिलिटी क्लिनिक पहुंचाया जाता है ताकि संरक्षित हो सके और फिर आगे की प्रोसेस होती है.

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आमतौर पर ये इंफर्टिलिटी क्लिनिक ईरान से संबंधित होते हैं. बता दें कि फिलिस्तीनी आतंकियों को लगभग सारे ही अरब देशों और खासकर ईरान का काफी साथ मिला है क्योंकि वे इजरायल के कट्टर दुश्मन हैं और किसी भी तरीके से उसे खत्म करना चाहते हैं. स्पेशलिस्ट डॉक्टर इसे कलेक्ट करते हैं और फिर पूरी प्रक्रिया से इसे पत्नी में डालते हैं. टॉपिक.काम की रिपोर्ट के मुताबिक खुद लैब टैक्नीशियन और डॉक्टर इस स्पर्म को देखकर उन्हें- हीरोज ऑफ द फ्यूचर जैसे शब्द कहते हैं.

गर्भवती होने के लिए आई महिलाएं इसे इजरायल के खिलाफ विद्रोह की तरह देखती हैं- सांकेतिक फोटो (pickpik)


स्पर्म के जरिए IVF के लिए डॉक्टर बहुत कम फीस लेते हैं. वे खुद और गर्भवती होने के लिए आई महिलाएं इसे इजरायल के खिलाफ विद्रोह की तरह देखती हैं. महिलाएं पति के स्पर्म से ही प्रेग्नेंट हुई हैं, इसके लिए कागजी कार्रवाई भी होती है ताकि वे समाज में किसी मुश्किल का सामना न करें.

इस तरीके से अब तक जेल में बंद 71 कैदियों के स्पर्म से उनकी पत्नियां गर्भवती हो चुकी हैं. ऐसा नहीं है कि इजरायली अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं. खबर पड़ने पर वे लगातार कैदियों को इसकी सजा भी देते हैं. उन्हें महीनों के लिए अंधेरी कोठरी में डाल दिया जाता है. ये जानकारी फिलिस्तीन अथॉरिटी मिनिस्टर Issa Qaraqe ने दी, हालांकि इजरायल ने इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
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