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बेटा ही नहीं आसाराम बापू भी रेप मामले में भोग रहा है सजा, कई सालों से सलाखों के पीछे

बेटा ही नहीं आसाराम बापू भी रेप मामले में भोग रहा है सजा, कई सालों से सलाखों के पीछे

आसाराम बापू (फाइल फोटो)

आसाराम बापू (फाइल फोटो)

जानें क्या है आसाराम की असुमल हरपलानी से यहां तक पहुंचने की कहानी. कैसे पाकिस्तान से आया एक बेरोजगार करोड़ों-अरबों के धार्मिक साम्राज्य का मालिक बन गया

    सूरत कोर्ट ने धर्म प्रवचनकर्ता आसाराम बापू के बेटे नारायण साईं को साध्वी मामले में दोषी ठहराया है. केवल बेटा ही नहीं बल्कि आसाराम खुद रेप मामले में दोषी साबित होने के बाद जोधपुर जेल में सजा काट रहा है. पिछले साल 25 अप्रैल को जोधपुर की विशेष अदालत ने उसे दोषी करार दिया था. विशेष अदालत उसे आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है. उसने हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की है. जिस पर सुनवाई जारी है.

    आसाराम पर तो बेटे से कहीं ज्यादा आरोपों में मुकदमे चल रहे हैं, जिसमें कुछ खासे गंभीर हैं. वो दो बच्चों की नरबलि, सूरत की दो बहनों के बलात्कार और नौ गवाहों पर जानलेवा हमलों में तीन की हत्या जैसे गंभीर आरोपों में फंसा हुआ है. हालांकि उसके समर्थक अब भी यही मानते हैं कि उसे जानबूझकर फंसाया गया है. जोधपुर जेल में आने के बाद वो दो बार पेरोल के लिए आवेदन कर चुका है, लेकिन कोर्ट ने दोनों बार इसे खारिज कर दिया.

    असली नाम असुमल हरपलानी
    आसाराम की कहानी भी गजब की है. उसका असली नाम असुमल हरपलानी है. जन्म 1941 में पाकिस्तान के सिंध में हुआ. बंटवारे के बाद उसका परिवार अहमदाबाद आ गया. पहले उसने छोटे मोटे काम किए, लेकिन 20 साल की उम्र में अध्यात्म की राह पकड़ ली. लीलाशाह को गुरु माना. यहीं से उसका नाम आसाराम हो गया.

    आसाराम बापू के बेटे नारायण साईं ने कैसे खड़ी की 5000 करोड़ की संपत्ति

    पहला आश्रम मोटेरा में
    साल 1972 में आसाराम ने अहमदाबाद से लगभग 10 किलोमीटर दूर मोटेरा कस्बे में अपना पहला आश्रम शुरू किया. उसके खिलाफ हत्या, बलात्कार और हत्या के प्रयास के साथ-साथ आश्रमों के लिए ज़मीन हड़पने के आरोप हैं.

    आसाराम का परिवार जब पाकिस्तान से भागकर अहमदाबाद आया था, तब उन्होंने कई छोटे मोटे काम किए


    400 से ज्यादा आश्रम 
    आसाराम के दुनियाभर में 400 से ज्यादा आश्रम और चार करोड़ अनुयायी हैं. शुरुआत में चंदा इकट्ठा करके आसाराम ने अपने कार्यक्रमों में मुफ्त भोजन की सुविधाएं शुरू की थीं. कहीं-कहीं ग्रामीण इलाकों में वो मुफ्त देशी दवाएं भी बांटता था. जिससे उसे बड़े पैमाने पर अनुयायी बनाने में सफलता मिली.

    नेताओं से भी थे संपर्क
    हालांकि आसाराम ने बाद के सालों में अपने राजनीतिक संपर्क भी मजबूत किए. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, नितिन गडकरी, दिग्विजय सिंह, कमल नाथ और मोतीलाल वोरा जैसे लोग उसके आश्रमों में जाते रहते थे. इसी कड़ी में शिवराज सिंह चौहान, उमा भारती, रमन सिंह, प्रेम कुमार धूमल और वसुंधरा राजे के नाम भी आते हैं. बाद में जब उसके खिलाफ आरोप लगने शुरू हुए तो नेताओं ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी.

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    नामी वकील की सेवाएं लेते थे
    आसाराम के केस देश के सबसे महंगे वकील लड़ते रहे हैं. इन वकीलों में राम जेठमलानी, राजू रामचंद्रन, सुब्रमण्यम स्वामी, सिद्धार्थ लूथरा, सलमान ख़ुर्शीद, केटीएस तुलसी और यूयू ललित जैसे नाम शामिल हैं.

    आसाराम का परिवार जब पाकिस्तान से भागकर अहमदाबाद आया तो उन्होंने शुरू में कई छोटे मोटे काम किए


    2013 में शिकायत दर्ज हुई, जिसने खराब दिनों की शुरुआत की
    जिस मामले ने उन्हें सींखचों के पीछे पहुंचाया वो 20 अगस्त 2013 में दिल्ली के कमला नेहरू बाजार थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट थी. इसमें एक नाबालिग ने आरोप लगाया था कि 15 अगस्त 2013 की रात को राजस्थान के जोधपुर स्थित मणाई आश्रम में आसाराम ने उसके साथ रेप किया.

    इसके बाद पुलिस आसाराम के खिलाफ सक्रिय हो गई. उन्होंने छिपकर पुलिस को झांसा देने की कोशिश की, लेकिन आखिरकर 31 अगस्त 2013 को गिरफ्तार कर लिया गया. तब से वो जेल में ही है. इसी मामले में उसे सजा भी सुनाई गई है.

    यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं कक्षा के नतीजे सबसे पहले देखने के लिए यहां क्लिक करें.undefined

    Tags: Ahmedabad, Asaram, Asaram bapu, Hindu, Jodhpur Central Jail

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