ब्रिटेन का सबसे धनी हिंदुजा परिवार, जिनके यहां काम करते हैं हजारों अंग्रेज

हिंदुजा परिवार लंदन के ऐसे इलाके में रहता है, जो न केवल सबसे ऐतिहासिक है बल्कि सबसे खूबसूरत और महंगा भी. उनके पड़ोस में रहता है ब्रिटेन का राजसी परिवार

News18Hindi
Updated: May 13, 2019, 8:51 PM IST
News18Hindi
Updated: May 13, 2019, 8:51 PM IST
लंदन के प्रतिष्ठित संडे टाइम्स ने ब्रिटेन के सबसे धनी लोगों की लिस्ट प्रकाशित की है, जिसमें हिंदुजा परिवार फिर टॉप पर है. पिछले कुछ वर्षों में हिंदुजा परिवार का वैभव और हैसियत लंदन में लगातार बढ़ी है. दशकों पहले भारत से गए इस हिंदू परिवार के वैभव और दौलत को लेकर लंदन में तमाम कहानियां कही-सुनी जाती हैं. हजारों अंग्रेज ब्रिटेन में फैले उनके व्यापारिक संस्थानों में कर्मचारी हैं.

ब्रिटेन की इकोनॉमी का एक बड़ा हिस्सा इस परिवार के असर से प्रभावित होता है. केवल उनके ऑफिसों में ही नहीं बल्कि उनके आलीशान घर के पर्सनल स्टाफ में भी अंग्रेज शामिल हैं, जो उनका हुक्म बजाते हैं.



दरअसल हिंदुजा परिवार की असली धमक ब्रिटेन और खासकर लंदन ने तब महसूस की, जबकि उन्होंने वर्ष 2006 में सबसे मोटी बोली लगाकर किंग जार्ज पंचम का वो आलीशान आशियाना खरीद लिया, जो  चार छह मंजिला इमारतों को जोड़ने वाली खास जार्जियन शैली की बिल्डिंग है. वेस्टमिंस्टर इलाके में ये सबसे शानदार लंबी चौड़ी बिल्डिंग है.

इतनी दौलत के साथ हिंदुजा ब्रदर्स फिर बने ब्रिटेन के सबसे अमीर

पांच साल तक होता रहा बंगले का रेनोवेशन
फोर्ब्स मैगजीन के अनुसार हिंदुजा परिवार ने 67,000 मीटर में फैले भवन को 500 मिलियन डॉलर (352 करोड़ रुपए) में खरीदा. इस बंगले के लिए बोली दुनिया के कई धनी लोगों ने लगाई थी लेकिन इसमें कामयाब हिंदुजा परिवार हुआ.

लंदन के वेस्टमिंस्टर इलाके में हिंदुजा परिवार का आइकोनिक ऐतिहासिक बंगला, जिसे कार्लटन हाउस कहा जाता है
खरीदे जाने के बाद 5 साल इसका सौंदर्यीकरण होता रहा. 2011 में हिंदू रीति-रिवाजों से पूजा-अर्चना के बाद हिंदुजा परिवार इसमें रहने पहुंचा. इस बंगले के रेनोवेशन में ही 100 से 150 मिलियन डॉलर का खर्च आया होगा.

पडोस में रहता है ब्रिटेन का राजसी परिवार
इस किले को कार्लटन हाउस टैरेस के नाम से जाना जाता है. इसके ठीक बगल में बकिंघम पैलेस है, जिसमें ब्रिटेन का राजपरिवार रहता है. कुल मिलाकर ये ऐसा इलाका और इमारत है, जो ब्रिटेन में खासी अहमियत रखता है.

इसे 18वीं सदी में बनवाया गया था. इसमें 25 बेडरूम हैं. ये सफेद रंग का जार्जियन शैली का घर है. इस घर की देखरेख और तमाम व्यवस्थाओं के लिए लंबा चौड़ा स्टाफ है, जिसमें ज्यादातर अंग्रेज कर्मचारी हैं, जो बिल्डिंग की सुरक्षा से लेकर गार्डन और हाउसकीपिंग, किचन आदि कामों को देखते हैं.

लंबे चौड़े कार्लटन हाउस का नजारा, ये बिल्डिंग चार छह मंजिला इमारतों को साथ जोड़ती है


वेस्टमिंस्टर इलाके की सबसे खूबसूरत बिल्डिंग
कहा जाता है कि वेस्टमिंस्टर इलाके में जितनी भी पुरानी बिल्डिंग्स है, उनमें सबसे बेहतरीन रेनोवेशन इसी भवन का हुआ है, इसके अतीत के गौरव से कोई छेड़छाड़ नहीं करते हुए इसे और खूबसूरती दी गई है.

इस भवन में हर कोना और हर कमरा इतना वैभवपूर्ण है कि देखने वाला देखता ही रह जाता है. हर हिस्सा समृद्धि और भव्यता की कहानी कहता है. पहले बेसमेंट में स्विमिंग पूल, जिम, 12 सीटों वाला प्राइवेट थिएटर है, जहां पूरा परिवार बॉलीवुड फिल्में देखता है. इमारत के टॉप फ्लोर को पेंटहाउस में बदला गया है.

रोजाः रमजान में भूखे रहने का क्या होता है शरीर पर असर

1979 में लंदन आए थे हिंदुजा भाई
इस घर में श्रीचंद हिंदुजा और उनके छोटे भाई गोपीचंद और उनके परिवार रहते हैं. ये दोनों भाई 1979 में अपने कारोबार को ईरान से लंदन ले गए थे. उसके बाद यहां आकर उन्होंने खासी तरक्की की. कारोबार कई क्षेत्रों में कई गुना बढ़ गया.

कार्लटन हाउस का शानदार गोल्डेन रूम, जहां की हर चीज सुनहरी है


जहां पहले रहते थे
हिंदुजा के पास लंदन में वो शानदार इमारत भी है, जहां वो पहले रहते थे, जिसमें कभी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल रहा करते थे. ये चार मंजिला खूबसूरत इमारत 25,000 वर्ग मीटर में फैली है. वो इमारत मौजूदा कार्लटन हाउस से महज कुछ दूरी पर है.

जब हिंदुजा भाई लंदन आए थे तो उन्होंने ओल्ड वार आफिस व्हाइटहाल को अपना आफिस बनाया था. अब इस बिल्डिंग में वो लग्जरी होटल बनाने वाले हैं.

38 देशों में ऑफिस, डेढ़ लाख से ज्यादा बड़ी टीम
इस परिवार के व्यवसाय- तेल, ऑटोमोबाइल, हेल्थ केयर, आईटी, आयरन, प्रॉपर्टी, बैंकिंग समेत कई सेक्टर्स में हैं. 38 देशों में उनके ऑफिस फैले हैं. 1.5 लाख से ज्यादा लोग उनकी कंपनियों में काम करते हैं.

क्या टूटने जा रहा है पाकिस्तान, सेना है हैरान परेशान

1917 में इस ग्रुप की नींव कराची में रहने वाली सिंधी व्यवसायी परमानंद हिंदुजा ने डाली थी. फिर वो अपना कारोबार मुंबई ले आए. फिर विदेशी कारोबार के लिए उन्होंने ईरान का रुख किया, जहां उनकी कंपनी को कुछ बड़े प्रोजेक्ट हासिल हुए थे.

वो डायनिंग रूम जहां 36 लोग एक साथ बैठ सकते हैं


लंबे समय तक हिंदुजा ग्रुप का मुख्यालय ईरान में रहा. इस्लामिक क्रांति ने ऐसे हालात पैदा किए कि उन्हें 1979 में लंदन आना पड़ा. अब ये परिवार यहीं रच बस गया है.

एक भाई स्विटजरलैंड तो एक भारत में 
चार भाइयों के परिवार में दो छोटे भाइयों में से एक प्रकाश स्विट्जरलैंड में बिजनेस हितों को देखते हैं तो भारत के बिजनेस की कमान अशोक के हाथों में है. इस परिवार की संपत्ति लगभग दो लाख करोड़ रुपए (22 बिलियन पाउंड) आंकी गई है.

जिनेवा लेक के सामने बड़ा बंगला, सुपर याट
रिपोर्ट्स कहती हैं कि स्विट्जरलैंड में रहने वाले प्रकाश का लंबा चौड़ा बंगला जिनेवा लेक के ठीक सामने है. उनके पास अपनी सुपर याट है, जिसका नाम उनकी मां के नाम पर परम जमुना याट है.

मुंबई की जान है 'ह्यूमंस ऑफ बॉम्बे', जिसे PM मोदी तक दे चुके हैं इंटरव्यू 

माना जाता है कि इस परिवार के पास और भी सुपर याट के साथ-साथ प्राइवेट जेट हैं, लेकिन इसे जाहिर नहीं किया जाता.

छोटे भाई प्रकाश हिंदुजा की सुपरयाट परम जमुना


दुनियाभर में फैले हिंदुजा ग्रुप के कारोबार को अब तीसरी पीढ़ी भी मुस्तैदी से संभाल रही है, साथ ही चौथी पीढ़ी भी अब इससे जुड़ने लगी है.

आपकी मौत का दिन-तारीख बता देगी ये 'मशीन', शोध में हुआ दावा

इस परिवार की सबसे बड़ी खासियत इसका अब भी भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ा रहना है. कल्याणकारी कामों में भी हिंदुजा परिवार पीछे नहीं. मुंबई का बड़ा हिंदुजा अस्पताल इसी परिवार का है. हां, बोफोर्स सौदे के समय हिंदुजा परिवार पर जरूर विवादों के छींटे पड़े थे लेकिन बाद में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया.
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर

News18 चुनाव टूलबार

चुनाव टूलबार