स्वेज नहर में हुआ था सबसे लंबा ट्रैफिक जाम, 8 सालों बाद शुरू हुआ यातायात

साल 1967 में स्वेज नहर में 15 जहाज फंस गए थे, उनमें से एक डूब गया- सांकेतिक फोटो

साल 1967 में स्वेज नहर में 15 जहाज फंस गए थे, उनमें से एक डूब गया- सांकेतिक फोटो

साल 1967 में स्वेज नहर (Suez Canal) में 15 जहाज फंस गए थे, उनमें से एक डूब गया, जबकि बाकी जहाज अगले 8 सालों के लिए वहीं कैद हो गए. इस दौरान जहाज के कर्मचारी घर लौट गए लेकिन जहाज पर कीमती सामान बाकी रहा. फिर क्या हुआ?

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 30, 2021, 12:53 PM IST
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स्वेज नहर में तकरीबन हफ्तेभर से फंसे कार्गो को आखिरकार सोमवार को निकालने में सफलता मिली. ये एक बड़ी राहत मानी जा रही है क्योंकि इसके बीच रास्ते में फंसा होने के कारण जलमार्ग से दूसरे मालवाहक नहीं निकल पा रहे थे और रोज अरबों डॉलर का नुकसान हो रहा था. जलमार्ग जाम होने के कारण अब भी 400 से ज्यादा जहाज फंसे हुए हैं जो जल्द ही निकाल लिए जाएंगे. वैसे स्वेज नहर में जहाजों के फंसने का इतिहास काफी पुराना है.

स्वेज नहर का इतिहास क्या है

दुनिया के सबसे व्यस्त जलमार्गों में से एक स्वेज नहर लाल सागर और भूमध्य सागर को जोड़ने वाला जलमार्ग है. साल 1854 में इसे बनाने की शुरुआत हुई, जो 10 सालों में पूरी हो सकी. फ्रांस के राजनयिकों ने इसके निर्माण में अहम भूमिका निभाई. निर्माण पूरा होने के बाद इसके आधे शेयर फ्रांस के थे और आधे शेयर तुर्की, मिस्र और दूसरे अरब देशों के थे. बाद में इसका स्वामित्व मिस्र सरकार के हाथों में आ गया और अब उन्हीं के पास है.

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स्वेज नहर में इससे पहले कई बार रुकावटें आती रही हैं- सांकेतिक फोटो (flickr)

व्यस्ततम जलमार्गों में से एक

ये नहर लगभग 193 किमी लम्बी, 60 मीटर चौड़ी है और इसकी औसत गहराई लगभग 16.5 मीटर है. नहर आज दुनिया के व्यस्ततम जलमार्गों में से एक मानी जाती है, जिसके जरिए एक रोज में 24 कार्गो आ-जा सकते हैं. खासतौर पर इस रास्ते से सामान लाने-जाने के लिए पूर्वी देशों और यूरोपीय देशों की बीच दूरी एकदम से कम हो गई. यही कारण है कि इस बार सप्ताहभर तक मालवाहक जहाज के फंसने के कारण त्राहि-त्राहि मची हुई थी.

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इससे पहले भी कई बार रुकावटें आती रही हैं

स्वेज नहर में जहाज फंस भी चुके हैं और रास्ता बंद भी किया जा चुका है. सबसे पहले साल 1956 की जुलाई में ये नहर बंद की गई थी. तब हुआ ये था कि मिस्र ने नहर के अधिकार ब्रिटेन और फ्रांस से लेते हुए उसके राष्ट्रीयकरण का एलान कर दिया था. इसपर बाकी देश भड़क उठे थे और यहां तक कि युद्ध की नौबत आ गई थी. हालांकि बाद में समझौता हुआ और जलमार्ग वापस खोल दिया गया.

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जून 1967 में नहर रुकी थी, जब इजराइल का मिस्र, सीरिया और जॉर्डन से युद्ध छिड़ गया था- सांकेतिक फोटो

सिक्स डे वॉर के कारण रास्ता रुका 8 साल 

दूसरी बार जून 1967 में नहर रुकी थी. जब इजराइल का मिस्र, सीरिया और जॉर्डन से युद्ध छिड़ गया था. ये युद्ध 6 दिनों तक चला इसलिए इसे इतिहास में सिक्स डे वॉर के नाम से भी जाना जाता है. इस दौरान 15 मालवाहक जहाज नहर के रास्ते में फंस गए. इनमें से एक जहाज पॉजिशन गलत होने के कारण डूब गया. वहीं बाकी 14 जहाज एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 8 सालों तक रास्ते में खड़े रहे.

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इन देशों के जहाज फंसे थे

14 जहाजों के कारण स्वेज नहर भी 8 सालों तक बंद रही. 8 सालों के इस ट्रैफिक जाम में जिन देशों के जहाज फंसे थे, वे थे बुल्गेरिया, चेक गणराज्य (तब चेकोस्लोवाकिया), फ्रांस, पोलैंड, स्वीडन, वेस्ट जर्मनी, यूके और अमेरिका. इस दौरान इजरायल ने नहर के अलग हिस्से पर कब्जा कर लिया था और जहाज जहां खड़े थे, वहां से वापस नहीं निकल पा रहे थे. नतीजा ये हुआ कि इसके बाद दूसरे मालवाहक जहाजों को पुराने अफ्रीकी रास्ते से निकलना पड़ता था, जो ज्यादा लंबा, खर्चीला और खतरनाक भी था.

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जहाज मालिकों ने केवल जहाजों की निगरानी के लिए अलग से स्टाफ नियुक्त किया- सांकेतिक फोटो (nara.getarchieve)

जहाज की निगरानी के लिए खूब नियुक्तियां हुईं

इधर नहर में फंसे 14 जहाजों के कर्मचारी घर लौटने को बेताब थे. ऐसे में तीन महीने बाद उन्हें तो लौटने की इजाजत मिल गई लेकिन जहाज के सामान अकेले छोड़े नहीं जा सकते थे. तब जहाज मालिकों ने केवल जहाजों की निगरानी के लिए अलग से स्टाफ नियुक्त किए, जो बारी-बारी से कुछ महीने उनपर बिताने लगे.

जहाज पर मूवी थिएटर और पोस्ट ऑफिस भी

इस दौरान अकेलापन मिटाने के लिए क्रू स्टाफ ने अपने लिए एक एसोसिएशन भी बना लिया था, जिसे ग्रेट बिटर लेक एसोसिएशन कहा गया. वे आपस में खेलते थे, सॉकर मैच होता था. हर काम के लिए अलग-अलग जहाज का इस्तेमाल होता था. जैसे एक जहाज में सारे लोग केवल फिल्म देखने के लिए जमा होते थे तो किसी पर पोस्ट ऑफिस बनाया जा चुका था.

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किताब में है जिक्र 

इन तमाम बातों का उल्लेख केथ सेंकर की किताब स्ट्रेंडेड इन द सिक्स-डे वॉर (Stranded in the Six-Day War) में है. इसके अलावा साल 2004, 2006 और 2017 में जहाजों के फंसने के कारण यातायात बाधित हुआ था लेकिन ये कुछ-कुछ दिनों के लिए ही था. किसी भी ट्रैफिक जाम की तुलना साल 1967 से हुए अगले 8 सालों से नहीं हो सकी. आखिरकार 5 जून 1975 को स्वेज नहर दोबारा शुरू हो सकी.

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