जानिए सूर्य की खामोशी के बारे में क्या कहते हैं ESA के सोलर ऑर्बिटर के आंकड़े

सोलर ऑर्बिटर (Solar Orbiter) ने सूर्य के अवलोकन के तीन महीने के आंकड़े (Data) भेजे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
सोलर ऑर्बिटर (Solar Orbiter) ने सूर्य के अवलोकन के तीन महीने के आंकड़े (Data) भेजे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

सूर्य (Sun) इस समय अपने 11 साल के चक्र के शांत दौर (Quiet Phase) में हैं, यूरोपीय स्पेस एजेंजी (ESA) के सोलर ऑर्बिटर (Solar Orbiter) ने सूर्य के अवलोकन के ताजा आंकड़े भेजे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 1, 2020, 6:58 PM IST
  • Share this:
अंतरिक्ष में कई ग्रहों के अनुसंधानों के लिए बहुत से यान उपकरणों से सुसज्जित कर अंतरिक्ष में भेजे गए हैं. इनमें से एक यान यूरोपीय स्पेस एजेंसी (ESA) ने इसी साल फरवरी में सूर्य (Sun)के अध्ययन के लिए भेजा है. सोलर ऑर्बिटर (Solar Orbiter) का लक्ष्य सूर्य का अध्ययन करना है और वह अपना काम इस साल जून से कर रहा है. इसके ताजा आंकड़ों से इस बात की पुष्टि हुई है कि सूर्य अपने शांत दौर (quiet phase) में जा चुका है. इससे वैज्ञानिकों को यह भी पता चला है कि सूर्य की यह स्थिति कितना खतरा है.

दस उपकरण लगे हैं
इस ऑर्बिटर में दस खास तरह के उपकरण लगे हैं जो सूर्य के गतिविधियों से संबंधित आंकड़े जमा कर रहे हैं. इनमें से तीन उपकरणों के आंकड़े वैज्ञानिकों को मिल चुके हैं. सूर्य पृथ्वी पर जीवन का आधार है, उसमें होने वाले बदलावों पर वैज्ञानिक की नहीं आम लोगों की भी दिलचस्पी रहती है.

सूर्य की सतह पर सक्रियता
सूर्य की सतह पर लगातार नाभकीय संलयन प्रतिक्रिया (nuclear fusion reaction) होता रहता है. इसी गतिविधि के कराण सूर्य पर धब्बे (Sunspots) जैसे दिखाई देते हैं इस गतिविधि का एक चक्र होता है जिसमें कभी सूर्य की सतह पर गतिविधि या सक्रियता कम ज्यादा होती है. फिलहाल सूर्य की स्थिति मंदी है और यही कारण है कि सूर्य की सतह पर धब्बे एक तरह से गायब ही हो गए हैं.



हर 11 साल में एक बार
सूर्य की सतह पर पड़ी मंद गतिविधियों का मतलब यह नहीं है कि सूर्य ने काम करना बंद दिया है. लेकिन इसमें चिंता की कोई बात इसलिए नहीं है क्योंकि सूर्य के मूल कार्य में इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है. बल्कि इसकी उम्मीद ही थी क्योंकि ऐसी स्थिति सूर्य में हर 11 साल बाद आती है जिसमें सूर्य से लपटों और तरंगें कभी कम तो कभी ज्यादा निकलती है जिन्हें सौर ज्वाला, सौर पवनें आदि कहते है. जैसे ही  वाले सालों में ये सूर्य की सक्रियता बढ़ेगी,  सूर्य के धब्बों की गतिविधियां भी तेज हो जाएंगी.

Magnetic Field, Sun, Solar activity
सूर्य (Sun) की सक्रियता के कारण मैग्नेटिक फील्ड (Magnetic Field) में भी कई गतिविधियां देखने को मिलती हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


क्या होता सूर्य की सक्रियता से
सूर्य की अतिसक्रियता की स्थित में अंतरिक्ष का मौसम खराब हो जाता है जिसेमं सूर्य से बहुत ही अधिक मात्रा में ऊर्जा और पदार्थ सूर्य से निकलता है. इससे सौर ज्वाला और मास कोरनल इजेक्शन्स यानि सूर्य की सतह से बड़ी मात्रा में हानिकारक विकरण और तरंगें निकलती हैं. इसकी वजह से पृथ्वी पर संचार और रेडियो तरंगों संबंधी गतिविधियां प्रभावित होती हैं.

NASA ने ISS के लिए तैयार किया 2.3 करोड़ के टॉयलेट्स, जानिए कितने हैं खास

मैग्नेटोमीटर ने दिए खास आंकड़े
सूर्य की इन गतिविधियों का संबंध मैग्नेटिक फील्ड से है. सोलर ऑर्बिटर में एक खास मैग्नेटोमीटर नाम का उपकरण है जिसमें मैग (MAG) कहते हैं. मैग ने अभी तीन महीने के आंकड़े दिए हैं जिसमें उसने मैग्नेटिक फील्ड के करोड़ों वेक्टर (दिशा और ताकत) का मापन किया है.

शुक्र की कक्षा में भी उड़ चुका है ऑर्बिटर
ऑर्बिटर अब तक शुक्र ग्रह की कक्षा के अंदर भी उड़ चुका है जहां से उसने सूर्य के आंकड़े जमा किए जो अब तक सूर्य संबंधी जमा किए आकड़ों में सबसे नजदीकी आंकड़े हैं.  आने वाले सालों में यह सूर्य के और नजदीक जाएगा.

 Sun, Space, Research,Satellite,
अब तक सूर्य (Sun) के इतने पास कोई भी सैटेलाइट (Satellite) नहीं गया था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


और यह जानकारी भी
अभी तक सूर्य की मैग्नेटिक भूमध्यरेखा भौगोलिक भूमध्यरेखा के समकक्ष ही है. इससे सोलर ऑर्बिटर को भूमध्यरेखा के पास के उत्तरी मैग्नेटिक फील्ड का अवलोकन करने का मौका मिल गया है. सूर्य की अतिसक्रियता की स्थिति में सूर्य की मैग्नेटिक भूमध्य रेखा सिमट जाती है जिसकी वजह से मैग्नेटिक फील्ड की ध्रुवीयता लंबे समय तक अवलोकित नहीं की जा सकती है.

क्या है यह ‘Mini Moon’ जो तेजी से आ रहा है पृथ्वी की कक्षा में

इसके अलावा मैग ने सूर्य से निकलने वाले प्रोटोन और इलेक्ट्रॉन की बारिश का भी अवलोकन किया है. सोलर ऑर्बिटर से वैज्ञानिकों का बहुत उम्मीदें हैं. इससे सूर्य के साथ साथ उन्हें अंतरिक्ष के मौसम के बारे में भी जानकारी मिल सकेगी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज