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क्या सुलझ गया है सूर्य पर दिखने वाले चमकीले बिंदुओं का रहस्य

सोलर ऑर्बिटर की तस्वीरों के अध्ययन से वैज्ञानिक सौर धब्बों (Sunspots) के रहस्य को सुलझाने के करीब आ गए हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

सोलर ऑर्बिटर की तस्वीरों के अध्ययन से वैज्ञानिक सौर धब्बों (Sunspots) के रहस्य को सुलझाने के करीब आ गए हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

सूर्य की सतह (Solar Surface) पर दिखाई देने वाले सौर धब्बों (Sunspots) ने वैज्ञानिकों को तभी से उलझा रखा है जबसे ये धब्बे दिखाई दे रहे हैं. सोलर डॉट्स कहे जाने वाले ये धब्बे उभर कर एक ही मिनट से भी कम समय के लिए दिखते हैं और फिर गायब हो जाते हैं. नासा और ईसा (ESA) के सौर ऑर्बिटर से मिली हालिया तस्वीरों के अध्ययन में इन चमकीले बिंदुओं का संबंध सूर्य से चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) से होने की संभावना पाई गई.

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    पृथ्वी पर ऊर्जा का प्रमुख स्रोत हमारे सौरमंडल (Solar System) का सूर्य केवल एक आग का गोला भर नहीं है. इसकी सतह पर ही कई तरह की प्रक्रियाएं चल रही होती हैं जो सामान्य रूप से दिखाई नहीं देती हैं.  सूर्य की सक्रिय सतह (Surface of the Sun) पर ध्यान से देखने पर कुछ छोटे-छोटे धब्बे (Sunspots)  दिखाई देते हैं. वैज्ञानिक लंबे समय से इस धब्बों के स्रोतों को जानने का प्रयास कर रहे हैं जो अचानक उभरते हैं और एक ही मिनट के भीतर गायब भी होते हैं. वैज्ञानिकों को लगता है कि उन्होंने सोलर डॉट्स कहे जाने वाली इस परिघटना के स्रोत का रहस्य का पता लगा लिया है.

    चुंबकीय “शरारतों” का नतीजा?
    ये धब्बे सौर सतह पर वहां होते हैं जहां प्लाज्मा के छल्ले बनते हैं. नए अध्ययन से पता चला है कि ये धब्बे चुंबकीय “शरारतों” का नतीजा हो सकते हैं. वैज्ञानिकों को लगता है कि अगर ऐसा है तो इसमें हैरानी की कोई बात नहीं होनी चाहिए. क्योंकि सूर्य की सभी अजीब घटनाओं के पीछे कहीं ना कहीं सूर्य के चंबकीय क्षेत्र की भूमिका जरूर होती है.

    चुंबकीय क्षेत्र की भूमिका
    नए अध्ययन की पड़ताल सुझा रही हैं कि सूर्य को जितना हम जानते समझते हैं वह उससे कहीं ज्यादा जटिल है. सूर्य के इन चमकीले धब्बों का विश्लेषण हमें सौर गतिकी पर चुंबकीय क्षेत्र और उसके प्रभाव के बारे में ज्यादा जानकारी दे सकता है. ये चमकीले बिंदु नासा और यूरोपीय स्पेस एजेंसी के संयुक्त अभियान के तौर पर भेजे गए सौर ऑर्बिटर की भेजी गई तस्वीरों में दिखे हैं.

    हर जगह नहीं दिखते ये धब्बे
    ये तस्वीरें साल 2020 की हैं जब सूर्य ने अपने नए सौर चक्र में प्रवेश किया ही था और अपनी सक्रियता बढ़ा ही रहा था. 20 मई  2020 को इस यान ने चुंबकीय अभिवाह (magnetic flux) के कुछ इलाकों की तस्वीरें भेजी थी जिनमें सूर्य के फोटोस्फियर से चुंबकीय फंदे निकलते दिखाई दे रहे हैं.

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    सोलर ऑर्बिटर (Solar Orbiter) ने ये तस्वीरें साल 2020 में भेजी थीं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: ESA)

    क्या जानते हैं इसके बारे में हम
    सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र एक जटिल चीज है. यह सूर्य के आंतरिक हिस्सों के डायनामो प्रक्रियाओं के कारण पैदा होता है. यह विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र पैदा करने वाला द्रव्य के संवाहन और चालन की गतिविधि के कारण  होता है. हम अभी यह नहीं जानते कि वास्तव में यह काम कैसे करता है लेकिन इससे बहुत सारी सक्रिय और जटिल चुंबकीय रेखाएं जरूर निकलती हैं.

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    चंबकीय रेखाओं के प्रभाव
    सूर्य के धब्बे वे इलाके है जहां चुंबकीय क्षेत्र विशेष रूप से शक्तिशाली होते हैं. वहीं  सौर ज्वाला और कोरोना द्रव्य उत्प्रेक्षण चुंबकीय रेखाओं के कटने और जुड़ने से पैदा होते हैं. सूर्य का 11 साल का सौर चक्र मैग्नेटिक फील्ड के पलटाव या उत्क्रमण के कारण होता है इसकी वजह से सूर्य के चुंबकीय ध्रुव अपने जगह की अदला बदली कर लेती हैं.

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    सूर्य के ये चमकीले धब्बे प्लाज्मा (Plasma) के फंदों के आसपास बनते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    प्लाज्मा में छिपे थे
    खगोलभौतिकविद संजीव तिवारी की अगुआई में लॉकीहीड मार्टिन सोलर एंड एस्ट्रोफिजिक्स लैबोरेटरी के वैज्ञानिकों की टीम ने चरम पराबैंगनी वेवलेंथ की तस्वीरों इन चुंबकीय अभिवाह (Flux) के इलाकों के का बारीकी से अध्ययन किया. उन्होंने पाया कि छोटे गोल चमकीले धब्बे सौर प्लाज्मा में एक तरह से छिपे हुए थे.

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    एस्ट्रओफिजिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में शोधकर्ताओं ने एक घंटे में करीब 170 बिंदुओं का अवलोकन किया जो औसतन 675 किलोमीटर के व्यास के थे और उनकी चमक आसपास के प्लाज्मा की तुलना में 30 प्रतिशत अधिक थी. और ये केवल 50 सेकेंड में ही गायब हो जाते थे. अब वैज्ञानिक इन धब्बों के स्रोत की इस जानकारी के आगे विस्तार से इसके कारण जानन के का प्रयास करेंगे.

    Tags: Nasa, Research, Science, Space

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