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    जानिए कैसे वैज्ञानिकों ने Black Hole को तारा निगलते हुए देखा

    ब्लैकहोल (Black Hole) में तारे (Star) के समाने की पूरी घटना को अवलोकित किया गया. (प्रतीकात्मक तस्वीर: ESO)
    ब्लैकहोल (Black Hole) में तारे (Star) के समाने की पूरी घटना को अवलोकित किया गया. (प्रतीकात्मक तस्वीर: ESO)

    ब्लैकहोल (Black Hole) के तारे (Star)को निगलने वाली घटनाएं वैसे तो पहले भी होती रही है, लेकिन वैज्ञानिक (Scientists) पहली बार इस पूरी प्रक्रिया को शुरू से अवलोकित करने में सफल रहे हैं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 14, 2020, 3:29 PM IST
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    ब्लैकहोल (Black Hole) के अंदर की किसी भी घटना हमें कुछ पता नहीं पाता, लेकिन उसके आसपास की घटनाएं हमें काफी कुछ बता देती हैं. ब्लैक होल में पदार्थ की समाने की घटनाएं भी बहुत कम दिखाई देने वालों में होती है. लेकिन खगोलविदों ने ऐसे लम्हे को पकड़ा है जिसमें एक सुपरमासिव ब्लैकहोल (Supermassive Black Hole) एक सूर्य (Sun) के आकार के तारे (star) को खा रहा है. यूरोपीय साउदर्न ऑबजर्वेटरी (ESO) ने इस तस्वीर को विस्तार से जानकारी के साथ जारी किया गया.

    प्रकाश उत्सर्जन की खास प्रक्रिया
    यूरोपीय साउदर्न ऑबजर्वेटरी (ESO) के टेलीस्कोप का उपयोग करते हुए शोधकर्ताओं ने पृथ्वी से 215 प्रकाश वर्ष दूर स्थित ब्लैकहोल से निकलने वाले प्रकाश की ज्वाला की टाइडल डिस्रप्शन इवेंट (tidal disruption event) नाम की प्रक्रिया का अवलोकन किया. इसी प्रक्रिया के तहत तारों का पदार्थ ब्लैकहोल में समाता है.

    एक विज्ञान फंतासी सी लगती है घटना
    शोधकर्ताओं ने देखा एक तारे को तब टूट कर अलग होते देखा जब ब्लैकहोल उस तारे को निगल रहा था. इस अध्ययन के प्रमुख लेखक और बर्मिंघम यूनिवर्सटी में रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के रिसर्च फैलो और प्राध्यापक मैट निकोल ने कहा, “ब्लैक होल का तारे को निगलना एक विज्ञान फंतासी की कहानी का हिस्सा लगता है, लेकिन टाइडल डिस्रप्शन इवेंट वास्तव में यही है.”



    कैसे होता है यह
    जब कोई तारा सुपरमासिव ब्लैकहोल के पास आता है तो वह ब्लैकहोल के प्रचंड गुरुत्व के प्रभाव में आ जाता है. ऐसे में तारा फट जाता है और उसका पदार्थ एक तार या धागे की तरह खिंचने लगता है इस प्रक्रिया को स्पेगिटिफिकेशन (spaghettification) कहते हैं.



    गुरुत्व की प्रबल का असर
    यह अध्ययन मंथली नोटिसेस ऑफ द रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी जर्नल में प्रकाशित हुआ है. मार्सेली एस्ट्रोफिजिक्स लैबोरेटरी के शोधकर्ता स्टीफेन बासा का कहना है कि जब ये बल तारों की सामाग्री को बांधे रखने वाले बल से ज्यादा हो जाता हैं तो तारा अपने हिस्से खाने लगता है जो तेजी से ब्लैकहोल में समाने लगते हैं.

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    महीनों तक चलने वाली प्रक्रिया
    यह असाधारण बर्ताव एक तीव्र विद्युतचुंबकीय उत्सर्जन पैदा करता है जो कई महीनों तक चलता है जबकि पदार्थ पूरी तरह से ब्लैकहोल में न समा जाए. बासा ने कहा कि टाइडल डिस्रप्शन इवेंट के बाद आधा तारा बचा रहता है और केवल आधा गायब हो जाता है.

    पहली बार नहीं हुई है यह घटना लेकिन
    इस तरह की घटना पहले भी अवलोकित की जा चुकी है, लेकिन प्रचंड प्रकाश भी रास्ते में आने वाली धूल और अवशेषों के कारण ठीक से दिखाई नहीं दे पाता है. चूंकि खगोलविदों ने उन्हें इस घटना के कुछ समय बाद ही देखा, वे यह भी पता लगाने में कामयाब हो सके कि कैसे अवशेष इसके दिखने में बाधा बन जाते हैं.

    Pixabay
    ब्लैकहोल (Black Hole) पास के तारे (Star) ही नहीं पास की गैलेक्सी (Galaxy) की सामग्री भी खींच लेते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


    छह महीने की पूरी प्रक्रिया का अवलोकन
    शक्तिशाली टेलीस्कोपों का उपयोग करते हुए शोधकर्ताओं ने इस छह महीने की प्रक्रिया का अवलोकन किया जिसमें प्रकाश की ज्वाला की चमक बढ़ती गई और छह महीने के बाद धीरे धीरे फीकी पड़ती गई.

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    निकोल का कहना है कि अवलोकन बताते हैं कि इस घटना में शामिल तारे का भार हमारे सूर्य के जितना ही था, लेकिन ब्लैकहोल भी काफी विशाल है जिसका भार लाखों गुना ज्यादा है. शोधकर्ताओं का मानना है कि इस घटना का अवलोकन वैज्ञानिकों को सुपरमासिव ब्लैकहोल के आसपास होने वाली घटनाओं को बेहतर समझने में मददगार होगा.
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