हमारी गैलेक्सी के केंद्र का सुपरमासिव ब्लैक होल क्यों घूम रहा है धीमा

सुपरमासिव ब्लैकहोल (Super massive black hole) की घूमने की गति (Spin) संबंधी जानकारी ने काफी कुछ बता दिया.
सुपरमासिव ब्लैकहोल (Super massive black hole) की घूमने की गति (Spin) संबंधी जानकारी ने काफी कुछ बता दिया.

मिल्की वे (Milky Way) गैलेक्सी (Galaxy) के केंद्र में स्थित ब्लैक होल (Black hole) के बारे में पता चला है कि वह तेज गति से नहीं घूम (Spin) रहा है और न ही जेट उत्सर्जन (jet emission) कर रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2020, 6:44 AM IST
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हमारे शोधकर्ताओं के लिए अध्ययन के लिहाज से हमारी गैलेक्सी (Galaxy) मिल्की वे (Milky Way) के केंद्र में स्थित ब्लैक होल (Black Hole) है, ज्यादा पसंद है. इसको लेकर नए शोध ने खुलासा किया है कि यह बहुत तेज गति से नहीं घूम (Spin) रहा है जो इस बात का प्रमाण है कि वह जेट (Jet) से पदार्थ का उत्सर्जन (Emission) नहीं करने वाला है. इसते लिए शोधकर्ताओं ने इस ब्लैकहोल के आसपास के पिंडों का अध्ययन किया.

ब्लैकहोली की दो विशेषताएं
हार्वर्ड एंड स्मिथसनियन के सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स और नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर इंटरडिसिप्लिनरी एक्स्प्लोरेशन एंड रिसर्च इन एस्ट्रोफिजिक्स के वैज्ञानिकों का यह शोध एस्ट्रोफिजक्स जर्नल लैटर्स में प्रकाशित हुआ है. Sgr A* जैसे सुपरमासिव ब्लैकहोल जो हमारी मिल्कीवे गैलेक्सी के केंद्र में हैं, दो विशेषताओं से पहचाने जाते हैं. एक उनका भार और दूसरी उनकी स्पिन या घुमाव, इनकी ग्लैक्सी के निर्माण और विकास में अहम प्रभाव होता है.

ब्लैकहोल का प्रभाव
इस अध्ययन में सहलेखक डॉ एनी लोएब का कहना है कि ब्लैक होल बहुत ही ज्यादा तादात में ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं जिससे गैलेक्सी की गैस कम होती है और तारों के निर्माण का इतिहास को आकार मिलता है. वैज्ञानिक जानते हैं कि गैलेक्सी के केंद्र में स्थित ब्लैक होल का उनकी गैलेक्सी पर गहरा प्रभाव होता है लेकिन उनका घुमाव या स्पिन को नापना आसान काम नहीं होता है.



आसपास के पिंड
लोएब का कहना है कि ब्लैकहोल पास के तारों की कक्षा के आधार पर घूमते हैं और उस घुमाव को प्रत्यक्ष मापना बहुत ही मुश्किल होता है. Sgr A* के मिल्की वे के निर्माण और विकास में क्या भूमिका है, इसे समझने के लिए बोएब और डॉ गियाकोमो फ्रैगीवन ने तारों की कक्षाओं के साथ Sgr A*  के सबसे पार से तारे एस स्टार का अध्ययन किया.

Balck Hole, Jet Emission
तेज गति से घूमने वाले ब्लैक होल (Black Hole) ही जेट उत्सर्जन (Jet Emission) करते हैं.. (तस्वीर: NASA_JPL-Caltec)


घूमने की गति को रोकने वाले कारक
इसके साथ ही शोधकर्ताओं ने पास के तारों का भी अध्ययन किया. ये सभी वस्तुएं प्रकाश की गति के कुछ प्रतिशत में चलायमान थी जो ब्लैकहोल की घूमने की गति को रोकने का काम कर रही थीं.

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धीमी गति का निष्कर्ष
शोधकर्ताओं ने बताया, “हमने निष्कर्ष निकाला कि हमारी गैलेक्सी का सुपरमासिव ब्लैक होल धीमी गति से घूम रहा है. इसका हमारी गैलेक्सी के केंद्र की गतिविधियों को पकड़ पाने की क्षमता पर गहरा असर होता है और साथ ही टेलीस्कोप से इवेंट होराइजन के भविष्य में होने वाले अवलोकनों पर भी.

यह वजह है धीमी गति की
एस स्टार दो मुख्य तलों पर बना लगा है. शोधकर्ताओं ने दर्शाया कि Sgr A* का यदि ज्यादा घुमाव होता तो अपने जन्म के समय के तारों की कक्षाओं के मुख्य तल अब तक विकृत हो गए होते. शोधकर्ताओं ने  एस तारों के जरिए बताया कि Sgr A* का घुमाव उसकी अधिकतम सीमा का 10 प्रतिशत से भी कम होना चाहिए. ऐसा नहीं होता तो इन तारों की कक्षाओं के सामान्य तल उसी तरह से पंक्तिबद्ध नहीं होते जैसा कि वे जीवन की शुरुआत से रहे हैं.

Black Hole, Spin
ब्लैक होल (Black Hole) की घूमने की गति (Spin) को मापना बहुत ही मुश्किल काम होता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


जेट का उत्सर्जन
इस अध्ययन से शोधकर्ताओं को यह भी पता चला कि Sgr A* का जेट उत्सर्जन नहीं होगा. जेट बहुत ही तेजी से घूमने वाले ब्लैक होल से निकलते हैं. इसके ब्लैकहोल के इवेंट होराइजन संबंधी आंकड़े इस बारे में और प्रकाश डालेंगे.

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यह शोध इस साल भौतिकी के लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा के कुछ दिन पहले ही प्रकाशित हुआ है जिसका एक हिस्सा वैज्ञानिक रिनहार्ड गेनजेल और एंड्रा गेज को उनके उस शोध के लिये मिला जिसमें दोनों ने यह दर्शाया था कि Sgr A* एक ब्लैक होल है. शोधकर्ताओं का कहना है कि उस शोध में भार पर जोर दिया गया था जबकि इस शोध में घुमाव पर ध्यान दिया गया है.
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