लाइव टीवी

16 साल की लड़की ने दुनिया के बड़े नेताओं को कहा 'हाऊ डेयर यू' और रोने लगी

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: September 24, 2019, 10:15 PM IST
16 साल की लड़की ने दुनिया के बड़े नेताओं को कहा 'हाऊ डेयर यू' और रोने लगी
ग्रेता तुनबैर यूएन क्लायमेट समिट में अपने भाषण के बाद पूरी दुनिया में हीरो बन गई है

न्यूयॉर्क के यूएन क्लाइमेट समिट में जब 60 देशों के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद थे, तब एक स्वीडिश लड़की महफिल लूट ले गई. कभी उसने इस समिट में डांट लगाई, कभी गुस्सा दिखाया, आंख से आंसू भी टपकाए लेकिन दिल जीत लिया

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2019, 10:15 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली.  न्यूयॉर्क (NewYork)के यूनाइडेट नेशंस के क्लायमेट समिट (UN climate summit) में जब 60 देशों के नेता जलवायु पर चर्चा के लिए इकट्ठा थे, तब 16 साल की एक लड़की ने अपने तेवरों से पूरी दुनिया को हक्का-बक्का कर दिया. उसने जो बोला, जैसे बोला, उसके बाद पूरी दुनिया उसकी दीवानी हो गई. यूएन (UN)में उसने दुनियाभर के बड़े बड़े नेताओं को एक बार नहीं बल्कि कई बार हाऊ डेयर यू (How dare you) कहकर धिक्कारा. पिछले 24 घंटे से उसका छोटा सा वीडियो पूरी दुनिया में करोड़ों लोग देख चुके हैं. वो ट्विटर पर लगातार ट्रेंड में है. आप भी अगर इस भाषण को सुनेंगे तो उसके दीवाने हो जाएंगे.

उसने दो टूक कहा-

"आपने युवा पीढ़ी को धोखा दिया है"
"हम आपको कभी माफ नहीं करेंगे"

"आपने केवल हवा हवाई बातें कीं, कभी आप गंभीर नहीं रहे"
"आपने हमारा बचपन छीना है"
"हम सब तेजी से विलुप्त होने की कगार पर हैं और आप मनी की बात कर रहे हैं""ग्रीन हाऊस गैसों के उत्सर्जन से  निपटने में आप नाकाम रहे हैं"

इस 16 साल की लड़की का नाम है ग्रेता तुनबैर (Greta Thunberg ). ये स्वीडिश लड़की दुनियाभर में क्लायमेट चेंज को लेकर दुनिया की सबसे बड़ी युवा एक्टिविस्ट बन गई है. यूएन क्लायमेट समिट में पेश होने से पहले वो लगातार दुनियाभर में अपने भाषण से लोगों को झकझोरती रही है.


लेकिन 23 सितंबर को उसका भाषण दरअसल दिल की उस आवाज का प्रतिनिधित्व है, जो दुनिया में हर ओर से आ रही है. उस भाषण में वो कभी संजीदा नजर आई तो कभी वो गुस्से में दिखी. उसकी आंखों में आंसू आए और बेबसी-बेचैनी झलकी. लेकिन सबकुछ कहा विनम्रता के साथ. पूरे भाषण के दौरान उसके चेहरे पर छाई मासूमियत भी देखते ही बनती थी.

ये भी पढ़ें-क्यों सुर्खियों में आई 16 साल की ये लड़की, ओबामा-ट्रंप तक इसके सामने फेल

सबसे बड़ी बात कि जब उसके भाषण के दौरान यूएन समिट में सन्नाटा छाया रहा. बड़े-बड़े नेताओं ने ध्यान से उसकी बात सुनी. ऐसा पहले शायद ही कभी यूएन की किसी असेंबली में नजर आया हो..और ये भी यूएन असेंबली में दिए गए किसी भाषण ने इतने बड़े पैमाने पर लोगों का ध्यान खींचा हो.

कई बार नेताओं को 'हाउ डेयर यू' कह कर धिक्कारा
ग्रेता ने अपने भाषण के दौरान कम से कम चार से पांच बार नेताओं को 'हाउ डेयर यू' (आपकी हिम्मत कैसे हुई) (How dare you) कहकर धिक्कारा. भाषण खत्म होने के बाद जब तालियां बजनी शुरू हुईं तो देर तक बजती रहीं. माना जा रहा है ग्रेता के निशाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ज्यादा रहे होंगे, क्योंकि उन्होंने पिछली यूएन क्लायमेट समिट को बहुत हिकारत की नजर की देखकर उस पर प्रतिकूल टिप्पणियां की थीं. पिछले दिनों ट्रंप ने उससे मिलने की इच्छा भी जाहिर की थी लेकिन उसने ये कहकर मिलने से मना कर दिया कि ऐसा करना समय की बर्बादी होगी.

दुनियाभर में दिलचस्पी से सुना जा रहा है ये भाषण 
ग्रेता का ये भाषण दुनियाभर में लगातार ट्रेंड कर रहा है. ट्विटर पर "हाउडेयरयू" लगातार ट्रेड कर रहा है. इस वीडियो को दुनियाभर में करोड़ों लोग देख चुके हैं. लाखों लोग शेयर कर चुके हैं. किसी भी भाषण पर दुनिया ने पिछले एक दो दशकों में शायद ही दिलचस्पी दिखाई हो.  इस भाषण से पूरी दुनिया को ये भी महसूस हुआ कि जिस क्लायमेट चेंज को हम सभी आमतौर पर अनदेखा करते रहे हैं, वो किस तरह युवाओं के मन को झकझोर रहा है.

ये भी पढ़ें - कुछ धर्म क्यों हमेशा करते हैं प्याज खाने से परहेज की बात

एक साल से लिया है स्कूल से ब्रेक 
ग्रेता एक साल पहले तक स्टॉकहोम के एक स्कूल में पढ़ती थी. जब वो अपनी गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल गई तो उसे महसूस हुआ कि स्कूल से ज्यादा जरूरी है पर्यावरण को बचाना. अगर पर्यावरण ही नहीं बचेगा और लोग ही नहीं रहेंगे तो पढाई किस काम की.

15साल की उम्र में ग्रेता तुनबैर ने स्कूल से ब्रेक लिया और पूरी तरह जलवायु परिवर्तन की लड़ाई में कूद पड़ी


उसने स्कूल से ब्रेक लिया और स्टॉकहोम स्थित स्वीडिश पार्लियामेंट के सामने नारे लिखे कार्डबोर्ड लेकर बैठ गई. कार्ड बोर्ड पर उसने लिखा, "जलवायु के लिए स्कूल से हड़ताल स्कूल". साथ ही उसने अपने स्कूल साथियों से दो तरह की अपील की, "फ्यूचर फॉर फ्राइडे" और "स्कूल स्ट्राइक फॉर क्लायमेट" यानि हर शुक्रवार को स्कूल छोड़ें और जलवायु के लिए सड़कों पर आकर प्रदर्शन करें.

तीन हफ्तों में ही दिखने लगा आंदोलन का असर 
असर दिखने लगा. पहले दो हफ्तों में स्टॉकहोम में स्कूली बच्चों ने शुक्रवार के दिन स्ट्राइक करके सड़कों पर इकट्ठा होना और फिर पार्लियामेंट के इर्दगिर्द इकट्ठा होकर प्रदर्शन करना शुरू किया. फिर ये आंदोलन स्वीडन के दूसरे शहरों तक पहुंचा. तीन महीने के अंदर ये यूरोप के तमाम देशों के साथ दुनियाभर में फैल गया. इस साल के मार्च तक पूरी दुनिया में ग्रेता एक कौतुहल के तौर पर सामने आ चुकी थी.

उसने पहली बार पोलैंड में यूएन जलवायु कांफ्रेंस में भाषण दिया. साफ कहा, "दुनियाभर के नेता ज्यादा मेच्योर" (not mature enogh) नहीं हैं. इसके बाद उसने यूरोपियन पार्लियामेंट से लेकर फ्रांस की संसद, हाउस ऑफ कॉमंस लंदन में संबोधित किया. ग्रेता की बातें बहुुत साफ हैं कि अब हम दुनिया को बचाने में देर नहीं कर सकते. देर तो पहले ही हो चुकी है.

ओबामा समेत तमाम बड़े नेताओं से मिल चुकी है
ग्रेता दुनियाभर के बड़े-बड़े नेताओं से मिल चुकी है, जिसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव तक शामिल हैं. टाइम ने उसे 2019 की सौ असरदार लोगों में जगह दी. उसका नाम नोबेल प्राइज के लिए नोमिनेट किया जा चुका है. स्वीडन में "वूमन ऑफ द ईयर" से नवाजा जा चुका है. इसके अलावा ना जाने कितने अवार्ड उसे मिल चुके हैं.

ग्रेता की बातों में दृढता है और एक ऐसा अंदाज कि वो अपनी बात दुनिया को मनाने में सफल होती नजर आ रही है


16 साल की इस जोशीली और अपनी धुन की पक्की ग्रेता की मां ओपेरा सिंगर हैं तो पिता एक्टर. जब वो आठ साल की थी तब पहली बार उसने क्लायमेट चेंज के दुष्प्रभावों के बारे में सुना. 11 साल की उम्र में ये बात फिर उसके सामने आई. तो इस बारे में इतना सोचने लगी कि डिप्रेशन में चली गई. जब डिप्रेशन से निकली तो ठान लिया कि अब तो कुछ करके ही रहना है. कहना चाहिए कि पहली बार दुनिया अगर ये महसूस कर रही है कि जलवायु परिवर्तन प्रमुख मुद्दा बनना चाहिए और कई देश इसे लेकर बड़े कदम उठाने की घोषणा कर चुके हैं तो यकीन मानिए कि इसके पीछे ये 16 साल की लड़की ही है.

ये भी पढ़ें - मैं प्याज हूं, कम मत समझिए मेरी सियासी हैसियत!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए नॉलेज से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 24, 2019, 9:05 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर