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Coronavirus: 30% संक्रमितों में नजर ही नहीं आते लक्षण, संक्रमण रोकने को 21 दिन का लॉकडाउन अहम

News18Hindi
Updated: March 25, 2020, 2:44 PM IST
Coronavirus: 30% संक्रमितों में नजर ही नहीं आते लक्षण, संक्रमण रोकने को 21 दिन का लॉकडाउन अहम
जहां बिना लक्षणों के जांच नहीं हो रही, वहां लगातार कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं

कोरोना वायरस (coronavirus) की सबसे खतरनाक बात ये मानी जा रही है कि कई बार इससे संक्रमित शख्स (infected person) में कोई भी लक्षण सामने नहीं आते हैं. ऐसे में वह अनजाने में बिना इलाज के इंफेक्शन फैलाता जाता है.

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  • Last Updated: March 25, 2020, 2:44 PM IST
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कोरोना वायरस फैलने के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे भारत में 21 दिन के लिए लॉकडाउन की घोषणा कर दी है. अब सवाल ये उठता है कि उन्‍होंने 21 दिन का ही लॉकडाउन क्‍यों केिया? दरअसल, हाल में एक शोध में बताया गया था कि  COVID-19 से संक्रमित एक तिहाई लोगों में कोरोना वायरस का कोई लक्षण सामने नहीं आता है. ऐसे लोग अनजाने में संक्रमण फैलने के सबसे बडे कारण बन जाते हैं. वहीं, स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना के लक्षण 14 दिन तक सामने आ सकते हैं. इसीलिए संदिग्‍ध लोगों को 14 दिन के क्‍वारंटीन की एहतियात बरतने को कहा जा रहा है.

आसान शब्‍दों में समझें तो बिना लक्षणों वाला सं‍क्रमित व्‍यक्ति 14 दिन तक किसी भी व्‍यक्ति को संक्रमित कर सकता है.  ऐसे में अगर 21 दिन तक लोग घरों में रहने से या तो संक्रमित लोगों में लक्षण नजर आने लगेंगे या वो ठीक हो जाएंगे. अगर लक्षण स्‍पष्‍ट हो जाते हैं तो उन्‍हें आइसोलेट कर इलाज शुरू किया जा सकता है. साथ ही उनके संपर्क में आए लोगों को ढूंढकर उन्‍हें क्‍वारंटीन करना आसान होगा. बता दें कि अब तक दुनियाभर में इससे 4 लाख 20 हजार लोग संक्रमित हो चुके हैं. इनमें 19 हजार लोगों की मौत हो चुकी है.

South China Morning Post की रिपोर्ट के मुताबिक, हुबई प्रांत में कोरोना के अब तक 81 हजार से ज्यादा मामले आ चुके हैं. फरवरी के अंत तक इनमें से लगभग 43 हजार लोगों मेंं कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे या थे भी तो नहीं के बराबर. इसे asymptomatic लक्षण कहा जाता है. उन्हें  क्‍वारंटीन में रखकर लगातार निगरानी की गई, लेकिन उन्हें ऑफिशियल डाटा में शामिल नहीं किया गया.

वैज्ञानिक अभी आश्‍वस्‍त नहीं हैं कि asymptomatic लक्षण होने पर बीमारी कितनी तेजी से फैलती है. इसे यूं भी समझ सकते हैं कि बिना लक्षणों के बीमार व्यक्ति कितने लोगों में और कितनी तेजी से बीमारी फैलाता है, ये साफ नहीं हो सका है. कोरोना के मामले में इनक्यूबेशन पीरियड 1 से 14 दिनों का होता है. मतलब इतने दिनों के भीतर लक्षण सामने आ जाते हैं. हालांकि अलग-अलग देशों में ये पीरियड अलग-अलग दिनों में सामने आता है.



वैज्ञानिक अभी पक्का नहीं हैं कि चुपचाप या asymptomatic ढंग के लक्षण होने पर बीमारी कितनी तेजी से फैलती है


World Health Organisation (WHO) ने ऐसे सारे लोगों को भी एक श्रेणी में रखा है जिनमें लक्षण तो नहीं हैं लेकिन जो वायरस से संक्रमित हैं. साउथ कोरिया ने भी अपने देश में यही नियम लागू किया. लेकिन चीन की सरकार ने 7 फरवरी को जो गाइडलाइन निकाली, उसमें उन्हीं मरीजों को कन्फर्म मरीज माना गया, जिनमें कोरोना के लक्षण दिख रहे थे. यूएस, ब्रिटेन और इटली में तो जिन लोगों में लक्षण नहीं हैं, उनका टेस्ट ही नहीं किया जा रहा है. हांगकांग में एयरपोर्ट पर ही सबका टेस्ट किया जा रहा है चाहे उनमें लक्षण हों या नहीं. इसमें ध्यान देने की बात ये है कि अमेरिका और इटली जैसे देश, जहां बिना लक्षणों के जांच नहीं हो रही, वहां लगातार कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं.

इसके बाद से WHO की पहले की उस रिपोर्ट पर सवाल उठ रहे हैं, जिसके अनुसार asymptomatic यानी जिनमें लक्षण नहीं हैं, उनसे बीमारी फैलना कम ही होता है. European Union की स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार खुद WHO ने माना कि चीन में कोरोना के 1 से 3 प्रतिशत मामलों के लिए वही मरीज जिम्मेदार रहे.

जापान के वैज्ञानिकों के एक दल ने इसपर स्टडी की. इसके अगुआ Hiroshi Nishiura के अनुसार बहुत से ऐसे मामले हैं, जिनमें बीमार लोग बिना जांच के रह रहे हैं और बीमारी फैल रही है. इधर साउथ कोरिया में 20 प्रतिशत लोग बिना लक्षणों के भी कोरोना पॉजिटिव थे. सरकार ने उन सभी को अस्पताल में रखा और इलाज दिया. उन्हें तभी छोड़ा गया जब वे टेस्ट में निगेटिव आ गए. Korea Centres for Disease Control and Prevention के डायरेक्टर Jeong Eun-kyeong कहते हैं कि कोरिया में बिना लक्षणों वाले मरीज दूसरे देशों से काफी ज्यादा नजर आ रहे हैं क्योंकि यहां पर जांच भी सबकी हो रही है.

शिप जापान में हफ्तों क्वेरेंटाइन में रही क्योंकि इसके सभी 712 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले


बिना लक्षणों के बावजूद बीमार हो चुके और बीमारी फैला रहे मरीजों का एक बहुत अच्छा उदाहरण Diamond Princess क्रूज शिप भा है. ये जापान में हफ्तों क्वेरेंटाइन में रही क्योंकि इसके सभी 712 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले, इनमें से 334 लोग वे थे जिनमें बीमारी के कोई भी लक्षण नहीं दिख रहे थे. इटली में भी 44 प्रतिशत मरीजों में कोई लक्षण नहीं हैं, जो वायरस के फैलने की वजह बने.

चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और हांगकांग की संयुक्त स्टडी के नतीजे डराने वाले हैं. ये बताते हैं कि 23 जनवरी को वुहान के बंद होने से पहले वही लोग बीमारी फैलाने की वजह बने जिनमें कोई लक्षण नहीं थे. इसकी वजह से लगभग 79 प्रतिशत लोग गंभीर रूप से वायरस की चपेट में आ गए. इस बारे में University of Hong Kong में संक्रामक बीमारियों के एक्सपर्ट Benjamin Cowling कहते हैं कि बिना किसी लक्षण के भी लोग कोरोना पॉजिटिव हो सकते हैं और यही लोग दूसरे स्वस्थ लोगों तक वायरस ले जाते हैं.

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First published: March 25, 2020, 12:48 PM IST
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