दूसरे ग्रहों पर जाकर प्राणियों की तरह खुद का विकास कर सकेंगे रोबोट

नए तरह के ये रोबोट (Robot) खुद ही फैसला करेंगे की उनमें क्या बदलाव होना है (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

नए तरह के ये रोबोट (Robot) खुद ही फैसला करेंगे की उनमें क्या बदलाव होना है (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

पृथ्वी (Earth) से बाहर इंसानी बस्ती (Human colony) बसाने के लिए शोधकर्ता ऐसे रोबोट (Robots) बना रहे हैं जो हालात के मुताबिक आर्टिफीशियल उद्भव (Artificial Evolution) का उपयोग कर खुद में बदलाव कर सकें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 5:50 PM IST
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अंतरिक्ष अनुसंधान (Space Research) में पृथ्वी (Earth) के बाहर इंसानों (Humans) को बसाने के लिए शोध हो रहे हैं. पृथ्वी और मंगल (Mars) पर इंसान पहुंचाने के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं. इसके साथ ही अंतरिक्ष में रोबोट (Robots) पहुंचाने की मांग भी बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है. इस लिहाज से रोबोट उद्योग (Robot Industry) का भविष्य बहुत ही बढ़िया माना जा रहा है. दूसरे ग्रहों पर मानव के बसने के लिए बहुत से रोबोट काम आ सकते हैं. इन हालातों के लिए खास तौर पर रोबोट तैयार किया जा रहे हैं.

बहुत उपयोगी साथी

दूसरे ग्रहों पर इंसानों को बसाने के लिए रोबोट बहुत उपयुक्त साथी हो सकते हैं. ऐसे रोबोट मजबूत, खुद को हालातों के मुताबिक ढाल लेने योग्य और उन्हें पुनः उपयोग के योग्य बनाने के लायक होना चाहिए क्योंकि उन्हें पृथ्वी के वातावरण के बहुत ही प्रतिकूल हालातों में जाना होगा. द कन्वर्सेशन में प्रकाशित अपने लेख में शोधकर्ताओं ने बताया है कि वे ऐसे ही रोबोट पर काम कर रहे हैं.

ऑटोनोमस रोबोट इकोसिस्टम
शोदकर्ताओं ने रोबोटिक्स और कम्प्यूटर वैज्ञानिकों के साथ मिलकर ऐसे रोबोट बना रहे हैं  जो 3डी प्रिंटर से बनते हैं और स्वतः संकलित हो जाते हैं. ये रोबोट बदलते हालात के मुताबिक तेजी से खुद को ढाल सकते हैं. इस तरह से ऑटोनोमस रोबोट इकोसिस्टम का निर्माण कर रहे हैं. इनसे भविष्य में ऐसी जगहों पर इंसानों के घर विकसित करने में मदद मिलेगी जो आज इंसानों के नजरों तक से नजर नहीं आती.

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इस तरह रोबोट (Robots) ग्रहों (Planet) के हालातों के मुताबिक खुद ही फैसला करेंगे कि उनका आकार प्रकार कैसा होगा.. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

बहुत सारे इंसानी काम कर सकते हैं रोबोट



आज पृथ्वी पर रोबोटिक्स बहुत ही आगे निकल चुकी है. आज के अति सक्षम रोबोट ट्रकों में सामान लाद सकते हैं, सामान ले जाने के बक्से बना सकते हैं, फैक्ट्रियों में सामान इधर उधर ला लेजा सकते हैं और ऐसे बहुत सारे काम कर सकते हैं जो इंसान कर सकते हैं.

मुश्किल हालातों के लिए चुनौती

इतनी तरक्की के बाद भी बाह्यग्रहों या गहरे समुद्र जैसे वातावरणों के लिए रोबोट बनाना वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के लिए एक बहुत ही चुनौती भरा काम है. इन रोबोट का आदर्श आकार क्या होगा. क्या उनके लिए चलना ठीक होगा या रेंगना, उनके पर्यावरण को समझने के लिए किन उपकरणों की जरूरत होगी, ऐसे कई सवालों के जवाब ढूंढना होगा.

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वैज्ञानिक सिद्धांत ने सुझाया समाधान

शोधकर्ताओं के अनुसार इन सारे सवालों का जवाब प्रकृति ने उन्हें दे दिया है. डार्विन के विकास के सिद्धांत की वजह से जहां लाखों प्रजातियां अपने वातावरण के प्रति सटीक तरह से ढली हैं.  हालांकि जैविक विकास में करोड़ों साल लगे थे, कम्प्यूटर के अंदर आर्टिफीशियल उद्भव (Artificial Evolution) मॉडलिंग उद्भव प्रक्रियाएं (Modelling evolution processes) कुछ ही घंटों यहां तक कि मिनटों में हो सकती हैं.

मानवीय निगरानी को खत्म करने की जरूरत

फिलहाल आर्टिफीशियल उद्भव में मानवीय निगरानी की बहुत जरूरत होती है. इस वजह से रोबोट और इंसान के बीच का फीडबैक लूप बन जाता है. जरूरत इस लूप को खत्म करने की है. यानि रोबोट ऐसे होने चाहिए जिससे उनकी डिजाइन, निर्माण, संकलित, परीक्षण सभी प्रक्रियाएं  स्वतः हो सकें वह भी बिना मानवीय दखल या निगरानी के.

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ऐसे रोबोट (Robots) के लिए मानवीय निगरानी (Human Monitoring) की जरूरत पूरी तरह से खत्म हो जाएगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

खुद फैसले लेकर बदलाव

ऐसे रोबोट अपने वातावरण को भांपते हुए, मिसाल के तौर पर, यह तय कर सकें कि उन्हें पैरों का उपयोग करना चाहिए या फिर पहियों का या दोनों का ही. और यह सब न केवल सॉफ्टवेयर में हो बल्कि हार्डवेयर तक में हो सके वास्तविक समय और वास्तविक हालात में. इसके लिए शोधकर्ता एटोनोमस रोबोट इवोल्यूशन प्रोजेक्ट का उपयोग कर रहे हैं.

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ऐसे रोबोट थ्रीडी निर्माण के जरिए पैदा होंगे जिनकी एक डिजिटल क्लोनिंग होगी. यह डिजाइन के लिए एक हार्डवेयर-सॉफ्टवेर  विकास संरचना होगी. जहां बन चुके रोबोट वास्तविक हालात के मुताबिक आवश्यक बदलाव की सूचना एकत्र करेंगे, डिजिटल क्लोन अपने सॉफ्टवेयर कार्यक्रम में तेजी से  बदलाव करेंगे और उसी रोबोट का नया संस्करण तैयार हो जाएगा.

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