एक अरब साल ज्यादा पुरानी हैं पृथ्वी की Tectonic Plates, जानिए क्या बदलेगा इससे

एक अरब साल ज्यादा पुरानी हैं पृथ्वी की Tectonic Plates, जानिए क्या बदलेगा इससे
पृत्वी की टैक्टोनिक प्लेट अब तक के अनुमान से एक अरब साल से भी ज्यााद पुरानी हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

शोध में पाया गया है कि पृथ्वी (Earth) की टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) पहले के अनुमान से एक अरब साल ज्यादा पुरानी हैं.

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नई दिल्ली:  हमारी धरती कांपने पर लोगों में डर ही नहीं फैलता है. कई देशों की अर्थव्यवस्था तक हिल जाती है.  जापान जैसे देश में सुनामी आ जाती है और वहां बर्बादी छा जाती है. वैज्ञानिकगण इन भूकंपों (Earthquake) का जिम्मेदार पृथ्वी की सतह बनाने वाली टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) को मानते हैं. वैज्ञानिकों को इन प्लेट्स की उम्र के  बारे में नई जानकारी मिली है जो भूकंप के बारे में हमारे अध्ययन पर असर डाल सकती है.

जितना समझा जा रहा था उससे ज्यााद पुरानी
लंबे समय से इन टेक्टोनिक प्लेट्स  का अध्ययन चल रहा है. ताजा शोध में पता चला है कि जितना पहले समझा जा रहा था, ये प्लेट्स उससे एक अरब साल ज्यादा पुरानी हैं. ये विशालकाय तख्ते या प्लेट्स पृथ्वी के दूसरी सतह मैन्टल के ऊपर स्थित हैं. इन्हीं के खिसकने और/या टकराने से भी भूंकप और ज्वालामुखी के फटने जैसी घटनाएं होती हैं.

क्या है यह शोध



नए शोध में पृथ्वी के जियोकैमिकल मॉडल में ऑर्गन तत्व को मापने के लिए प्रयोग किया गया है. साइंस एडवांस में प्रकाशित शोध के मुताबिक ऑर्गन वायुमंडल में बने रहने के लिहाज से बहुत ही भारी तत्व है. इसका उपयोग हमारे ग्रह के इतिहास के बारे में पता लगाने के लिए हो सकता है. दरअसल ऑर्गन गैस महाद्वीपीय खंड के विकास के दौरान एक खास प्रक्रिया में निकलती है. इस सबडक्शन प्रक्रिया के तहत एक प्लेट दूसरी प्लेट को धक्का देती है. यह टेक्टोनिक प्लेट गतिविधि का खास संकेत होता है. शोधकर्ताओं ने पाया है कि ऑर्गन का जमाव पैटेशियम के रेडियोएंक्टिव विकरण से पहचाना जा सकता है जो तब होता है जब कोई टेक्टोनिक गतिविधि होती है.



इस तरह का पहला मॉडल है यह 
इस अध्ययन के शोधकर्ताओं ने बताया कि उनका मॉडल पृथ्वी की सतह के विकास के प्रभाव का अध्ययन करने वाला अपनी तरह का पहला मॉडल है जिसमें  क्रस्टल रीसाइक्लिंग और रीवर्किंग दोनों शामिल हैं. शोधकर्ताओं का क्रिस्टल रीसाइक्लिंग, जिसमें सतह के टूटने के बाद वापस नीचे चली जाती है, और उसके पुनर्निर्माण पर ज्यादा ध्यान था. उनके मॉडल पता चला कि टेक्टोलिनक प्लेट का निर्माण 4.4 अरब साल पहले से हुआ था जो अब तक के अध्ययनों के अनुमान से काफी पहले का समय है.

Earth
भूगर्भीय स्तर पर शोध करना बहुत ही ज्यादा कठिन है.


आसान नहीं हैं भूर्गभीय इतिहास के बारे में जानना
भूगर्भीय इतिहास के बारे जानकारी हासिल करना आसान नहीं है. अभी वैज्ञानिक तो यह भी नहीं जान पा रहे हैं कि आज की टेक्टोनिक गतिविधियों में क्या हो रहा है. ऐसे में अरबों साल पहली की बात पता करना तो दूर की बात है, लेकिन ऑर्गन से मापन टेक्टोनिक गतिविधियों के समय के बारे में जानकारी हासिल करने का अभी तक का सर्वश्रेष्ठ तरीका है.

ऑर्गन से मिली मदद
येल यूनिवर्सिटी के प्लैनेटरी वैज्ञानिक जून कोरेनागा का कहना है कि ऑर्गन के विशेष गुणों की मदद से टेक्टेनिक गतिविधियों के इतिहास के बारे में पता लगाया जा सकता है. अभी तक के अध्ययन से पता चला था कि टेक्टोनिक प्लेट्स 3 अरब साल से ज्यादा पुरानी हैं. कुछ और अध्ययनों ने इस तारीख को करोड़ों साल पीछे खिसकाया है.

जीवन की शुरुआत के बारे में भी मिल सकती है जानकारी 
इस जानकारी से यह पता लगाने में भी मदद मिलेगी कि पृथ्वी पर जीवन कैसे शुरू हुआ. वैज्ञानिक अभी टेक्टोनिक प्लेट के बनने के सटीक समय के बारे में तो नहीं पता लगा सके हैं लेकिन यह निश्चित है कि वे 4.4 अरब साल से तो ज्यादा ही पुरानी होंगी.

Earth, Life on Earth
इस अध्ययन से कई दूसरे अध्ययनों पर भी गहरा असर होगा. (प्रतीकात्मक फोटो)


और क्या असर होगा इस पर आज पर
इस शोध का सीधा असर भूंकप के अध्ययनों पर पड़ सकता है. टेक्टोनिक प्लेट्स की उम्र में बदलाव से उनके विकास क्रम की अवधि में भी बदलाव आ जाएगा यानि कि टेक्टोनिक प्लेट्स की वजह से आने वाले बदलाव का अनुमान भी बदलेगा अब यह एक नए शोध का विषय है कि अब इन प्लेट्स की वजह से भूकंपों के आने की संभावना में कितना बदलाव होगा और यह जानकारी भूंकप का पूर्वानुमान लगाने में कितनी सहायक होगी.

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First published: May 31, 2020, 2:53 PM IST
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