चीन से आने वाले वे दस सामान, जिसका इस्तेमाल हर भारतीय करता है

चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग.
चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग.

हम अपनी रोजाना की जिंदगी में ज्यादातर चीन के सामानों का इस्तेमाल करते हैं, क्या वाकई हम उन पर पाबंदी लगा सकते हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 19, 2019, 4:52 PM IST
  • Share this:
भारत अपने रोजाना की जरूरत का 80 फीसदी सामान चीन से मंगाता है. कहा जा सकता है कि भारतीय बाजार चीन के लिए हब हैं. औसत भारतीय सुबह सोकर उठने से लेकर रात सोने तक ना जाने कितने चीन निर्मित सामानों का इस्तेमाल करता है. दोनों देशों के बीच इस साल मार्च 2019 तक 90 बिलियन डॉलर के व्यापार की बात कही जा रही है. इसमें चीन का भारत को निर्यात 76 बिलियन डॉलर का है. इसी से समझा जा सकता है कि भारतीय बाजार किस तरह चीनी सामानों से पटे रहते हैं.

दीवाली पर लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों और सजावटी झालरों तक और होली पर पिचकारी से लेकर रंगों तक सबकुछ अब चीन से ही आ रहा है. भारतीय व्यापारी भी अब आमतौर पर चीन से सामान लगाकर उस पर अपना देसी ठप्पा लगाने का काम ज्यादा कर रहे हैं. यहां तक भारत अब चीन से भारी मशीनरी भी मंगाने लगा है. ये भी कहना चाहिए कि अगर चीन से आने वाले सामान रुक जाएं तो भारतीय जनजीवन पर बहुत व्यापक असर पड़ सकता है.

दिल्ली से ज्यादा है यूपी और बिहार के वोटों की कीमत, जानें क्यों?



पिछले दो दशकों में भारत में इंडस्ट्रीज बंद ज्यादा हुई हैं. भारत के व्यापारियों के लिए ये ज्यादा मुफीद हो गया है कि वो बजाए भारत में सामान बनाने या खरीदने के उसे चीन से मंगाएं. ये उनके लिए ना केवल ज्यादा मुनाफे वाला है बल्कि काफी सस्ता भी पड़ता है.
आइए जानते हैं कि चीन से भारत को सबसे ज्यादा आने और खपत होने वाले सामान कौन से हैं.

1. इलेक्ट्रॉनिक सामान और उपकरण
- बड़े पैमाने पर स्मार्ट फोन, टीवी किट, डिस्प्ले बोर्ड, एसडी कार्ड, मेमोरी कार्ड, लैपटॉप, पेन ड्राइव, साउंड रिकॉर्डर्स के साथ एलईडी बोर्ड चीन से भारत को आते हैं. इसमें वायरलेस और कम्युनिकेशन उपकरण भी हैं. इनका सालाना कारोबार 21.1 बिलियन डॉलर (2016 का आंकड़ा)

ज्यादातर भारतीयों के हाथ में चीन के बने स्मार्टफोन हैं


2. मशीनरी
- पहले भारत में आमतौर पर मशीनरी सामान जर्मनी, फ्रांस और यूरोपीय देशों से आते हैं लेकिन अब वो ज्यादातर चीन से आते हैं. इसमें हर तरह की मशीनों, मशीनों से जुड़े सामान, रेल के सामान, न्यूक्लियर रिएक्टर, बॉयलर, पॉवर जेनरेशन उपकरण और मशीनरी पार्ट शामिल हैं. इसमें वाहन और कार एसेसरीज भी हैं.

3. आर्गनिक केमिकल्स
- हर तरह के आर्गनिक केमिकल्स और उनके एलिमेंट्स तथा खाद और खाद से जुड़े तत्व शामिल हैं.

न करें ऐसे चुनावी पोस्ट वरना फेसबुक-ट्विटर लेंगे ऐसे एक्शन

4. प्लास्टिक
- प्लास्टिक के रोजाना घर से लेकर आफिस तक में इस्तेमाल किए जाने वाले सामान बड़े पैमाने पर चीन से ही आ रहे हैं

5. आयरन और स्टील मशीनरी
- स्टील के साथ लोहे से बनी बड़ी से लेकर छोटी मशीनें पिछले कुछ बरसों में बड़े पैमाने पर चीन से आने लगी हैं

जो भारी मशीनरी पहले भारत में यूरोप या अमेरिका से आती थी, वो अब चीन से आ रही है


6. चश्मे, मेडिकल और सर्जिकल उपकरण
- सस्ते मेडिकल उपकरण और आपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होने वाली उपकरण और चीजें पहले यूरोप और अमेरिका से भारत आते थे लेकिन अब उसमें बड़ी संख्या में ऐसे सामान पड़ोसी देश से आते हैं

7. फर्नीचर
- बाजार में जितने फर्नीचर अब नजर आते हैं, वो सभी चीन से आ रहे हैं. इसमें सस्ते से लेकर महंगे सामान भी हैं. अब बहुत से भारतीय जब अपने लग्जरी घर बनवा रहे होते हैं तो फर्नीचर के लिए चीन जाकर उनके आर्डर देकर आते हैं.

हमारे रोजाना की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाले सामानों में बहुत से अब चीन से बनकर ही आते हैं, बेशक उन पर देसी कंपनी अपना ठप्पा लगा दे


8. खेल के सामान और खेल उपकरण

9. खिलौने 

10. जूते-चप्पल

चूंकि भारत का उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा ही चीन के सामानों पर निर्भर हो चुका है, इसलिए ये सोचना वाकई कठिन है कि अगर चीन से आने वाले सामानों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई तो क्या होगा.

कांग्रेस ने 70 सालों में क्यों तीन बार बदले चुनाव चिन्ह
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज