जेल बंद थी, चारों ओर पुलिस का पहरा, फिर भी भाग निकला था दुनिया का सबसे बड़ा डॉन

जेल बंद थी, चारों ओर पुलिस का पहरा, फिर भी भाग निकला था दुनिया का सबसे बड़ा डॉन
दुनिया का सबसे खतरनाक डॉन अल चापो

लेकिन जेल की दीवारें उसे महज सवा साल के लिए ही कैद कर पाईं क्योंकि 11 जुलाई 2015 को वो फिर फरार हो गया. कई महीने फरार रहने के बाद 8 जनवरी 2016 को उसे उसके गृहनगर लॉस मेचिस से बहुत ही ड्रामाई अंदाज में गिरफ्तार किया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 4, 2019, 7:46 PM IST
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बॉलीवुड की फिल्म डॉन का डॉयलॉग ‘डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन है’ असली जिंदगी में अगर किसी डॉन पर फिट बैठता है तो वह अल चापो है. अल चेपो उस ड्रग कार्टेल का सरगना है जो जुर्म की दुनिया में सिनालोआ कार्टेल के नाम से मशहूर है. ये गिरोह दुनिया का सबसे खतरनाक अपराधी गिरोह है.

जब मेक्सिको में एलीट टीम के मरीन कमांडो का दस्ता अल चेपो को गिरफ्तार करने पहुंचा. मोस्ट वांटेड डॉन चार बैडरूम के एक फ्लैट में पनाह लिए हुए था. उसे गिरफ्तार करने पहुंचे दस्ते में 17 कमांडो शामिल थे. उन्होंने खामोशी से इमारत में दाखिल होने की कोशिश की. लेकिन दुश्मन पूरी तरह चौकस थे. अल चेपो के गार्ड्स ने कमांडो दस्ते पर फायरिंग झोंक मारी. अचानक हुए हमले में एक मरीन कमांडो जख्मी हो गया. जिसके बाद बाकी साथियों ने फौरन ही पोजिशन लेकर अपनी जान बचाई. अपने जख्मी साथी को देखकर बाकी कमांडोज चिल्लाने लगे कि हमारा एक साथी जख्मी हो गया है.

कमांडो दस्ते ने फ्लैट के दरवाजे को तोड़ दिया. लेकिन सभी साथी दरवाजे के बाहर ही पोजिशन लिए रहे. क्योंकि अंदर से लगातार गोलीबारी जारी थी. ऑपरेशन बेहद खतरनाक मोड़ पर था. कमांडो दस्ते को अपनी जान बचाते हुए दुश्मन को घेरना था. ऐसे वक्त में दरवाजे के अंदर झांकने के मतलब था अपनी मौत को दावत देना. लिहाजा एक कमांडो ने हेंड ग्रेनेड निकाला उसकी पिन खींची और दरवाजे के अंदर फेक दिया. दरअसल इस कमांडो को दरवाजे के उस पार जाना था उसने ये हेंड ग्रेनेड अपना रास्ता साफ करने के लिए ही फेंका था. जैसा उसने सोचा था वही हुआ. कुछ देर के बाद हेंड ग्रेनेड धमाके से फट गया. अंदर मौजूद दुश्मन जान बचाने के लिए पीछे हटे और कमांडो ने दौड़कर दरवाजे को पार कर लिया. इसी बीच उसने कमरे के अंदर फायरिंग भी झोंक मारी. उसका निशाना बिल्कुल सटकी बैठा और सामने मौजूद दुश्मन मौत की नींद सो गया. दोनों तरफ से फायरिंग लगातार जारी थी.



तकरीबन 15 मिनट के एनकाउंटर के बाद अंदर से गोलियों की आवाज बंद हो गई. इसके बाद कमांडो दस्ते ने पहले बाहर से ही अंदर की टोह लेने की कोशिश की. फिर एक-एक कर अंदर दाखिल हो गए. जब कमांडो दस्ता अल चापो के फ्लैट में दाखिल हुआ तो वहां आठ लाशें बिखरी पड़ी थीं. जबकि चार लोग जिंदा मौजूद थे. लेकिन वो शख्स कहीं दिखाई नहीं दिया. जिसकी गिरफ्तारी के लिए इस एनकाउंटर को अंजाम दिया गया था.
बहरहाल उस फ्लैट पर कमांडोज का कब्जा था. अल चापो के कई गुर्गों की खून से सनी लाशें फर्श पर मौजूद थीं. जबकि चार गुर्गे गिरफ्तार हो चुके थे. ऑपरेशन में शामिल जवान फ्लैट के चप्पे-चप्पे को खंगाल कर देख रहे थे लेकिन मोस्ट वांटेड अल चापो कहीं दिखाई नहीं दिया. दरअसल वो तो फरार हो चुका था. तकरीबन 90 मिनट तक फ्लैट की खाक छानने के बाद कमांडो दस्ते को वो रास्ता नजर आ गया जिससे अल चापो फरार हुआ था. जी हां, उस फ्लैट में एक चोर दरवाजा था जो सीधे एक सुरंग में खुलता था.

देखिए उसके जेल से गायब होने का वीडियो:


ये ऐसा चोर दरवाजा था जिसे आपने कुछ हॉलीवुड फिल्मों में ही देखा होगा. अल चापो के बेडरूम में एक लैंप लटक रहा था. उस लैंप को खींचने के बाद दीवार में एक चोर दरवाजा खुलता था. तकरीबन डेढ़ घंटे की खोजबीन के बाद कमांडो दस्ते को ये दरवाजा मिल पाया. जब ऑपरेशन में शामिल जवान सुरंग में दाखिल हुए तो वहां सिर्फ अंधेरे का राज था. तकरीबन एक किलोमीटर चलने के बाद ये सुरंग एक गटर पर जाकर खत्म हुई. सुरंग के बाहर निकलने के बाद कमांडो दस्ता अपनी नाकामी पर सिर पीट रहा था. क्योंकि वो शख्स एक बार फिर उसी छल के जरिये रफूचक्कर हो चुका था. जिसके जरिए वो कई बार जेल से बाहर आया था.

जी हां, अल चापो ऐसा मुजरिम है जो सुरंगों के खेल में माहिर है. अल चापो का गिरोह नशे का ज्यादातर कारोबार सुरंगो के जरिए ही इधर से उधर करता है. इस गिरोह ने मेक्सिको से लेकर अमेरिका तक सुरंगों का जाल बिछा रखा है. ये सरगना छह महीने पहले जब जेल से फरार हुआ था तब भी उसने एक सुरंग का सहारा लिया था. मेक्सिको की उस जेल को सबसे सुरक्षित जेल माना जाता था. जहां चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे. लेकिन सिनालोआ कार्टेल ने जेल से थोड़ी दूर एक कंस्ट्रक्शन साइट से सुरंग बनानी शुरू की और उसे अल चापो की बैरक के बाथरूम से जोड़ दिया. जिसके जरिए अल चापो बड़े आराम से जेल से फरार हो गया.

बहरहाल मेक्सिको के एलीट कमांडो की रेड के बावजूद अल चापो बड़े आराम से अपने घर से फरार हो चुका था. एनकाउंटर में शामिल कमांडो दस्ता अपनी नाकामी को लेकर मायूस था. लेकिन ये मायूसी जल्दी ही खत्म हो गई. क्योंकि थोड़ी ही देर बाद वायरलेस के जरिये मैसेज आया कि अल चापो को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसकी गिरफ्तारी भी बिल्कुल फिल्मी थी. ड्रग्स किंग अपने एक साथी के साथ सुरंग के जरिए घर से फरार हुआ और गटर का ढक्कन उठाकर बाहर निकल आया. बाहर निकलते ही दोनों ने एक कार चोरी की और शहर से बाहर के रास्ते पर भागने लगे. लेकिन उनकी किस्मत खराब थी इस कार ने धोखा दे दिया.

सुरंग के अन्दर खड़ी अल पाचो की मोटर साइकिल


दरअसल कार में गैस खत्म हो गई. जिसकी वजह से इन्हें उस कार को वहीं छोड़ना पड़ा. इसके बाद इन्होंने दूसरी कार चोरी की लेकिन इनकी बदकिस्मती से उस कार के मालिक को पता चल गया. उसने फौरन ही पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद पुलिस ने उस कार को ट्रेस कर लिया. बस फिर क्या था पुलिस की टीम ने अल चापो को उसके गुर्गे के साथ धर दबोचा.

बहरहाल अल चापो एक बार फिर उसी जेल में पहुंच चुका है जहां से वो फरार हुआ था. लेकिन इस बार जेल प्रशासन उसे कोई भी मौका देने के मूड में नहीं है. यही नहीं अल चापो के लिए जेल के हालात भी बदल चुके हैं. पिछली बार जब वो इस जेल में बंद था तो उसे बाहर से खाना मंगाने की इजाजत थी. लेकिन इस बार उसे साधारण कैदियों वाला खाना ही खाना पड़ेगा. इसके अलावा दो सिक्योरिटी गार्ड्स चौबीस घंटे उसके बैरक के बाहर मौजूद रहेंगे. जेल प्रशासन ने तय कर लिया है कि एक लम्हे के लिए भी उसे नजरों से ओझल नहीं होने देना है. आपको बता दें सिनालोआ गिरोह मेक्सिको का सबसे खतरनाक गिरोह है.

एक सुरंग की जांच करते पुलिस वाले


वैसे तो इस गिरोह का मुख्य धंधा नशे की सप्लाई है. लेकिन ये गिरोह मनी लॉन्ड्रिंग, जिस्म फरोशी और कई तरह के संगीन अपराधों में भी शामिल है. दूसरे अपराधी गिरोह सिनालोआ गिरोह से बचकर अपना धंधा करते हैं. इस गिरोह से आजतक जो भी टकराया उसे इतनी बेरहम मौत दी जाती है कि देखने वालों की रूह कांप जाए. मेक्सिको के सिनालोआ शहर को इस गिरोह का हेडक्वार्टर माना जाता है. लेकिन इसके धंधे अमेरिका के कई शहरों में भी धड़ल्ले से चलते हैं. अल चापो इस गिरोह का सरगना है. उसे सबसे पहले 1993 में गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद तकरीबन आठ साल जेल में काटने के बाद वो 19 जनवरी 2001 को फरार हो गया.

अमेरिका और मेक्सिको में मोस्ट वांटेड होने के बावजूद वो तीन साल तक जुर्म की दुनिया पर बादशाहत कायम किए रहा. फिर फरवरी 2014 को अमेरिका और मेक्सिकों प्रशासन के संयुक्त ऑपरेशन के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. लेकिन जेल की दीवारें उसे महज सवा साल के लिए ही कैद कर पाईं क्योंकि 11 जुलाई 2015 को वो फिर फरार हो गया. कई महीने फरार रहने के बाद 8 जनवरी 2016 को उसे उसके गृहनगर लॉस मेचिस से बहुत ही ड्रामाई अंदाज में गिरफ्तार किया गया. आपको बता दें मेक्सिको के 31 राज्यों में से 17 राज्यों में सिनालोआ कार्टेल ही जुर्म का बादशाह है. अमेरिका के कई राज्यों में पहुंचने वाली नशे की खेप इसी गिरोह के जरिये पहुंचाई जाती है. इनमें प्रमुख हैं एरिजोना, कैलिफोर्निया, टेक्सास, शिकागो और न्यूयॉर्क. अब अल चापो को अमेरिका के हवाले कर दिया गया है.

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