अजीबोगरीब कस्बा, जहां पेट की सर्जरी के बाद ही मिलती है एंट्री

अंटार्कटिका के इस कस्बे में जाने के लिए सर्जरी से गुजरना होता है
अंटार्कटिका के इस कस्बे में जाने के लिए सर्जरी से गुजरना होता है

जहां दुनियाभर के मुल्कों में एंट्री के लिए पासपोर्ट (passport) और वीजा (visa) जरूरी है, वहीं अंटार्कटिका के इस कस्बे में जाने के लिए (icy town of Antarctica where a particular surgery is required) सर्जरी से गुजरना होता है.

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हर देश या प्रांत में रहने के कुछ न कुछ कायदे हैं, पासपोर्ट (passport) या कोई पहचान पत्र (identity card) या कोई और कानूनी शर्त पूरी करनी होती है. वहीं दुनिया का एक हिस्सा ऐसा भी है जहां रहने के लिए एक सर्जरी से गुजरना होता है, वो है अपेंडिक्स हटाने (appendix removal) की सर्जरी. जी हां, अंटार्कटिका (Antarctica) के गांव विलेस लास एस्ट्रेलास (Villas Las Estrellas) में लंबे समय तक रहने की इच्छा रखने वालों के लिए यही शर्त होती है कि उन्हें अपने अपेंडिक्स का ऑपरेशन करवाना होगा.

हजारों किलोमीटर दूर अस्पताल
लगभग 100 लोगों से बसे इस गांव का ये कायदा इसलिए है क्योंकि यहां से सबसे करीब का अस्पताल भी King George Island में लगभग 1000 किलोमीटर दूर है, जहां पहुंचने के लिए बर्फ से ढंकी पहाड़ियां और खतरनाक रास्तों से गुजरना होता है. वहां पर भी केवल कुछ ही डॉक्टर हैं और उनमें भी कोई सर्जन नहीं. ऐसे में अगर देर-सबेर किसी को अपेंडिक्स का दर्द उठ जाए तो जान जाने का डर रहता है. पहले भी यहां इक्का-दुक्का मामले आ चुके हैं. यही वजह है कि यहां अपेंडिक्स को गैरजरूरी अंग मानते हुए उसके रिमूवल पर जोर दिया जाता है.

यहां से सबसे करीब का अस्पताल भी लगभग 1000 किलोमीटर दूर है

ये हैं रहने की शर्तें


बता दें कि अपेंडिक्स आंत का एक टुकड़ा है. इसे डॉक्टरी भाषा में एपिन्डिसाइटिस कहते हैं. इसका एक सिरा खुला और दूसरा बंद होता है. ये मूलतः एक अवशेषी अंग है यानी जिसकी शरीर को कोई जरूरत नहीं. कई बार खाने का कोई कण इसमें फंसकर सड़ने लगता है और ये अंग संक्रमित हो जाता है. संक्रमण ज्यादा दिनों तक बना रहे तो अपेंडिक्स फट सकता है और जानलेवा हो सकता है. यही वजह है कि विलास लास एस्ट्रेलास में रहने से पहले इस अवशेषी अंग को निकलवाना जरूरी है.

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खतरनाक हो सकता है मां बनना
यहां रहने की एक और शर्त है, हालांकि इसपर कोई लिखित आदेश नहीं है. यहां परिवार के साथ रहनेवाले वैज्ञानिकों और मिलिट्री बेस वालों को सलाह दी जाती है कि परिवार की औरतें गर्भवती न हों क्योंकि ऐसे में मेडिकल सुविधा का अभाव खतरनाक हो सकता है. यहां रहने वालों में अधिकतर लोग वैज्ञानिक या उनके परिवार हैं. साथ ही चिली के एयर फोर्स या नेवी के अधिकारी भी यहां तैनात रहते हैं. ये कुछ हफ्तों या महीनों की बजाए कई-कई सालों तक यहां रहते हैं. जाने से पहले वे अपेंडिक्स की सर्जरी करवा लेते हैं ताकि जानबूझकर किसी इमरजेंसी की स्थिति न आए.

इस जगह का तापमान हमेशा माइनस में रहता है (Photo-pixabay)


क्या-क्या सुविधाएं
यहां पर एक छोटे-मोटे गांव की तरह तमाम सुविधाएं हैं जैसे राशन की दुकान, फल-सब्जियां, बैंक, स्कूल, पोस्ट ऑफिस और प्राथमिक चिकित्सालय. हालांकि यहां का स्कूल बच्चों को केवल प्राथमिक शिक्षा ही दे पाता है. अस्पताल ही हालत और भी खराब है और यहां पर सिर्फ छोटी-मोटी बीमारियों या जख्मों का इलाज हो पाता है. इसकी वजह ये है कि विषम हालातों के कारण कोई भी डॉक्टर यहां स्थायी तौर पर या लंबे वक्त के लिए रहने को तैयार नहीं होता है.

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नहीं है कोई पब्लिक ट्रांसपोर्ट
घनी आबादी से बहुत दूर लगभग सालभर बर्फ में ढंके इस इलाके में आसपास जाने के लिए ट्रकों या राफ्टिंग बोट का इस्तेमाल करना होता है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसी कोई सुविधा यहां नहीं है. वैसे यहां का तापमान माइनस 2.3 सेल्सियस रहता है जो कि अंटार्कटिका के लिहाज से काफी गर्म माना जा सकता है. फिर भी सालभर इतनी ठंडी जगह में रहना अपने-आप में चुनौती है. यही वजह है कि अपने घरों को सुंदर बनाने के लिए यहां के रहने वाले काफी कोशिश करते हैं. बिल्डिंगों में खूबसूरत तस्वीरें हैं, आमतौर पर ये तस्वीरें किसी न किसी वैज्ञानिक या फौजी की होती हैं.
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