देशभक्ति के मामले में भारत से आगे हैं पाकिस्तान के लोग, ये छोटा सा देश है सबसे आगे

देशभक्ति के मामले में भारत से आगे हैं पाकिस्तान के लोग, ये छोटा सा देश है सबसे आगे
प्रतीकात्मक तस्वीर

गैलप इंटरनेशनल नाम की संस्था ने पूरी दुनिया में एक सर्वे किया. इस सर्वे में लोगों से उनके देश के लिए लड़ने के जज्बे के बारे में पूछा गया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 18, 2019, 11:56 AM IST
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देशभक्ति उसके नागरिकों के किसी देश के लिए लड़ने के जज्बे को कहा जाता है. WIN/ Gallup International की एक रिपोर्ट के मुताबिक 64 देशों में किए गए इस सर्वे में 61 फीसदी लोगों ने कहा कि वे अपने देश के लिए लड़ेंगे. जबकि 27 फीसदी लोगों ने कहा कि वे ऐसा नहीं करेंगे. क्षेत्र के हिसाब से लोगों में देशभक्ति का स्तर बदलता रहता है. मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के लोगों में इस सर्वे में सबसे ज्यादा देशभक्ति पाई गई. यहां लोगों ने 83 परसेंट लोगों ने देश के लिए लड़ने की बात कही. वहीं पश्चिमी यूरोप में मात्र 25 परसेंट लोगों ने देश के लिए लड़ने की बात कही.

ऐसे में यह पाया गया कि जिन देशों ने हाल ही में संघर्ष (आंतरिक या बाहरी) का सामना किया है वहां के लोगों में देशभक्ति की भावना उन देशों के मुकाबले ज्यादा है, जहां ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है.

देशों के हिसाब से देशभक्ति की बात की जाए तो मोरक्को और फिजी 94% देश के लिए लड़ने वाले लोगों के साथ देशभक्ति की भावना में सबसे ऊपर हैं. यह बात खुद मोरक्को के लोगों के लिए भी भ्रम तोड़ने वाली थी क्योंकि उनके बहुत से नागरिक मानते थे कि दूसरे देश से प्यार नहीं करते.



मोरक्को और फिजी के बाद इन देशों में सबसे ज्यादा देशभक्त
इसके बाद सबसे ज्यादा देशभक्ति वाले देश पाकिस्तान और वियतनाम थे, जहां अपने देश के लिए लड़ने की बात 89% लोगों ने कही. बांग्लादेश के 86% लोगों ने यह बात कही. अजरबैजान के 85% लोगों ने, पपुआ न्यू गिनी के 84% लोगों ने, अफगानिस्तान और जॉर्जिया के 76% लोगों ने देश के लिए लड़ने की बात कही.

इस सर्वे के रिजल्ट में भारत, फिनलैंड, टर्की, फिलिपीन्स, थाईलैंड और आर्मेनिया सारे देशभक्ति के मामले में एक ही स्थान पर हैं. यहां के 72% लोगों ने देश के लिए लड़ने की बात कही है.

क्या है मोरक्को की देशभक्ति की वजह?
लूक कोलमैन के नाम के एक विशेषज्ञ मोरक्को के लोगों में इतनी देशभक्ति होने की वजह के बारे में बताते हैं कि इस देश में इतनी बड़ी यहूदी जनसंख्या होने के बावजूद भी देशभक्ति की भावना ज्यादा इसलिए है क्योंकि दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान यहां के तत्कालीन सुल्तान मोहम्मद V ने 2 लाख यहूदियों के छिपे होने की जगहों के बारे में नहीं बताया था और उनके इस कदम ने इतनी बड़ी यहूदी जनसंख्या की जान बचा ली थी.

इस सर्वे में 67% पुरुषों के मुकाबले 52% महिलाओं ने भी अपने देश के लिए लड़ने की बात कही. युवा लोगों (18-34 साल के) में 66% ने देश के लिए लड़ने की इच्छा जताई. जब धर्मों के हिसाब से अध्ययन किया गया तो जिन देशों में मुस्लिम आबादी ज्यादा है उन्होंने सबसे ज्यादा देश के लिए लड़ने की इच्छा जताई. यहां के 78% लोगों ने इसके लिए हामी भरी.

यह सर्वे कैसे किया गया था?
WIN/Gallup इंटरनेशनल सर्वे हर साल कराया जाता है. 2018 में इस सर्वे में 64 देशों ने भाग लिया था. इसके लिए दुनिया भर से 62,398 लोगों का इंटरव्यू किया गया था. इस सर्वे के लिए हर देश से करीब 1000 आदमियों और औरतों का सर्वे किया जाता है. इस सर्वे के लिए लोगों को इंटरव्यू ज्यादातर आमने-सामने से और कई बार फोन पर किया जाता है. इसके लिए फील्डवर्क सितंबर और दिसंबर, 2018 के बीच किया गया था.

ज्यादातर विकासशील देशों के लोगों ने विकसित देशों के मुकाबले लड़ने की कम इच्छा दिखाई. हालांकि इसमें अमेरिका (44%), स्विट्जरलैंड (39%), डेनमार्क (30%) और ब्रिटेन (27%) का स्कोर बहुत खराब नहीं रहा. सबसे खराब हालत जर्मनी, नीदरलैंड और जापान की रही. जिनका स्कोर क्रमश: 18%, 15% और 11% रहा.

अंतिम परिणाम इन देशों की बालिग जनसंख्या को ध्यान में रखकर दिए गए हैं.

दुनिया में सबसे ज्यादा देशभक्त 15 देश-

1. मोरक्को - 94
2. फिजी - 94
3. पाकिस्तान - 89
4. वियतनाम- 89
5. बांग्लादेश- 86
6. अजरबैजान- 85
7. पपुआ न्यू गिनी- 84
8. अफगानिस्तान- 76
9 जॉर्जिया- 76
10. भारत- 75
11. फिनलैंड- 74
12. टर्की- 73
13. फिलीपीन्स- 73
14. थाईलैंड- 72
15. आर्मेनिया- 72

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