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जानिए पाकिस्तान में कैसे होते हैं हिंदुओं पर अत्याचार, फिर मजबूरी में लेते हैं भारत में शरण

News18Hindi
Updated: December 9, 2019, 2:09 PM IST
जानिए पाकिस्तान में कैसे होते हैं हिंदुओं पर अत्याचार, फिर मजबूरी में लेते हैं भारत में शरण
पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों का प्रदर्धन

पाकिस्तान में हिंदू लगातार कम होते जा रहे हैं. उसकी सबसे बड़ी वजह धार्मिक आधार पर उनके साथ वहां होने वाले अत्याचार हैं, जिसकी वजह से बड़े पैमाने पर हर साल हिंदू वहां से भागकर भारत आ रहे हैं. अब भारत सरकार उनको नागरिकता देने के कानून में शिथिलता बरतने जा रही है

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  • Last Updated: December 9, 2019, 2:09 PM IST
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लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 (Citizenship Amendment Bill 2019) पेश होने वाला है. फिर इस बिल को इसी हफ्ते संसद के उच्‍च सदन राज्यसभा (Rajya Sabha) में भी रखा जाएगा. सरकार ये बिल पड़ोसी देशों में हिंदू और सिख अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचार और फिर उनके भारत पलायन करने की दृष्टि से बना रही है, जिससे भारत में शरण लेने पर उन्हें राहत मिल सके और देर-सबेर नागरिकता भी.

ये विधेयक दोनों सदनों में पारित होने के बाद नागरिकता क़ानून 1995 के प्रावधानों को बदल देगा. अगर यह क़ानून बन गया तो अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से भारत आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई अवैध प्रवासियों को नागरिकता मिलने का रास्ता खुल जाएगा.

विधेयक में प्रावधान है कि ग़ैर-मुस्लिम समुदायों के लोग अगर भारत में छह साल गुज़ार लेते हैं तो वे आसानी से नागरिकता हासिल कर पाएंगे. पहले ये अवधि 11 साल थी.

मौजूदा क़ानून के तहत भारत में अवैध तरीक़े से दाख़िल होने वाले लोगों को नागरिकता नहीं मिल सकती है और उन्हें वापस उनके देश भेजने या हिरासत में रखने के प्रावधान हैं. हालांकि इस बात पर विवाद हो रहा है कि ये विधेयक भारतीय संविधान की मूल भावना के खिलाफ है.

हर साल पांच हजार से ज्यादा हिंदू परिवार भागकर भारत में शऱण लेते हैं.


प्रस्तावित नागरिकता संशोधन विधेयक के क़ानून बनने पर हिंदू अवैध प्रवासियों को तो भारतीय नागरिकता मिलने का रास्ता खुल जाएगा लेकिन मुसलमान इसके दायरे से बाहर रहेंगे.

हर हाल 5000 से ज्यादा हिंदू पाकिस्तान से भागकर शरण लेते हैं पाकिस्तान अखबार डॉन का कहना है कि पाकिस्तान से तकरीबन 5000 हिंदू परिवार भागकर भारत आते हैं. हालांकि ये संख्या पिछले कुछ बरसों में काफी बढ़ गई हैं. आमतौर पर ये शरणार्थी राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश में शरण लेते हैं. वर्ष 2018 में भारत सरकार ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए 12,732 मुसलमानों और सिखों को नागरिकता दी. इससे पहले 2017 में 4712 को शरण दी गई. 2016 में 2298 हिंदू और सिख शरणार्थियों को शरण मिली.

ये अत्याचार हिंदुओं पर होते हैं 
आइए जानते हैं कि पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ किस तरह के अत्याचार होते हैं.

- हिंदू बच्चों को दाखिला नहीं मिल पाता
- प्रवासी भारतीयों को पाकिस्तान में तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है
- पाकिस्तान में हिंदुओं के बलपूर्वक धर्म बदलवाने की घटनाएं बहुतायत में हैं
- हिंदू लड़कियों के लिए पाकिस्तान में रहना मुश्किल होता जा रहा है

पाकिस्तान में रोजाना की जिंदगी में हिंदुओं को तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है लेकिन हाल के बरसों में हिंदू महिलाओं का अपहरण कर उनका जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है और फिर उनकी शादी मुस्लिमों से कराई जा रही हैं. ये घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं- उनका अपहरण करके जबरदस्ती मुसलमानों से शादी करा दी जाती है


- हिंदुओं और सिखों से जबरदस्ती जजिया टैक्स वसूला जाता है
- हिंदू कर्मचारियों की हालत भी बहुत बेहतर नहीं
- स्कूलों की किताबों में पाठ्यक्रम ऐसा है जो हिंदुओं के प्रति विद्वेष ज्यादा फैलाता है
- हिंदुओं से उनकी बड़े पैमाने पर जमीन छीनी जा चुकी है
- हिंदुओं को ना तो अच्छी नौकरी मिल पाती है और ना ही बैंक से लोन
- स्कूलों में अल्पसंख्यक बच्चों को कुरान पढ़ना अनिवार्य है

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पिछले दिनों हिंदुओं के धर्मांतरण को रोकने की कोशिश के लिए एक बिल लाया गया लेकिन ये पास नहीं हो पाया.

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First published: December 9, 2019, 1:50 PM IST
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