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राजीव हत्या का वो दोषी, जिसने जेल में पढ़ाई की और हासिल किया गोल्ड मेडल

News18Hindi
Updated: May 21, 2020, 11:44 AM IST
राजीव हत्या का वो दोषी, जिसने जेल में पढ़ाई की और हासिल किया गोल्ड मेडल
राजीव गांधी हत्या केस में दोषी पाया गया पेरारिवलन

राजीव गांधी के हत्यारों में एक पेरारिवलन जब गिरफ्तार किया गया, तब वो केवल 19 साल का था. पिछले 29 सालों से वो जेल में है. वो प्रतिभाशाली छात्र था. जेल में ही उसने पहले इंटर किया फिर कम्प्युटर इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया. हालांकि वो लगातार खुद को निर्दोष कहता रहा है

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राजीव गांधी के हत्यारों में एक एजी पेराारिवलन 29 सालों से जेल में है. वो तब केवल 19 साल का था जब उसे 11 जून 1991 में उसके घर से पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. बाद में वो भी अदालत की सजा में दोषी साबित हुआ. वो एक प्रतिभाशाली इंजीनियरिंग छात्र था. गिरफ्तारी के बाद जेल में ही उसने पढ़ाई की. इसमें एक परीक्षा में वो गोल्ड मेडलिस्ट भी रहा.

पेरारिवलन इस समय 49 साल का होने वाला है. हालांकि उसका लगातार यही कहना रहा है कि वो राजीव गांधी की हत्या के बारे में कुछ नहीं जानता था. उसे तो केवल एक बैटरी का इंतजाम करने को कहा गया था. लिहाजा उसने वही किया था.

मामूली बैकग्राउंड से ताल्लुक 
पेरारिवलन को लोग अरिवु के नाम से भी जानते हैं. तमिलनाडु में उसका नाम घर - घर में जाना जाता है. हालांकि उसके पेरेंट्स अब भी उसके निर्दोष होने की अदालती लड़ाई लड़ रहे हैं. हालांकि राजीव गांधी के सारे हत्यारों को पहले मौत की सजा सुनाई गई थी, जो अब आजीवन कारावास में बदल चुकी है.



अरिवू के पिता एक स्कूल में टीचर थे. वो एक छोटे कस्बे जोलारपेट का रहना वाला था. जब सीबीआई ने उसे गिरफ्तार किया तो ये उसके परिवार के लिए बहुत बड़ा झटका था.



पेरारिवलन को जब सीबीआई ने गिरफ्तार किया, तब उसकी उम्र 19 साल थी


जेल में ही एमसीए किया 
जेल में आने के बाद उसने 12वीं क्लास का एग्जाम दिया, जिसमें वो 91.33 फीसदी नंबर लेकर पास हुआ. अब तक जेल में जिन लोगों ने ये एग्जाम दिया है, उसमें वो टापर है. इसके बाद उसने तमिलनाडु ओपन यूनिवर्सिटी के एक डिप्लोमा कोर्स में गोल्ड मेडल हासिल किया. इसके बाद भी उसकी पढ़ाई रुकी नहीं बल्कि उसने इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी से पहले बैचलर इन कम्प्युटर अप्लीकेशन (बीसीए) किया और फिर एमसीए.

जेल में म्युजिक बैंड भी चलाता है
जेल में रहकर वो अपने जेल के साथियों के साथ एक म्युजिक बैंड चलाता है. मीडिया में उसके बारे में जो रिपोर्ट छपती रहती हैं, उसके अनुसार वो खुशमिजाज रहने वाला शख्स है.

उसने खरीदी थी बैटरी जो विस्फोट में काम आई
पेरारिवलन के पेरेंट्स पेरियार के अनुयायी हैं. उस पर अदालत में जो आऱोप साबित हुआ, वो ये था कि उसने वो 09 वोल्ट की बैटरी खरीदी थी, जिसके जरिए राजीव गांधी की पेराम्बदूर की रैली में धमाका किया गया. सीबीआई का दावा है कि वो राजीव गांधी की हत्या करने वाले मास्टरमाइंड लोगों के संपर्क में था. उसके पास उनके एक-दो मैसेज भी आए थे.

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First published: May 21, 2020, 11:17 AM IST
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