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मुंबई में क्यों तीन घंटे तक उड़ने नहीं दिया गया था ट्रंप का प्राइवेट प्लेन

Sanjay Srivastava | News18Hindi
Updated: January 15, 2020, 1:11 PM IST
मुंबई में क्यों तीन घंटे तक उड़ने नहीं दिया गया था ट्रंप का प्राइवेट प्लेन
तब डोनाल्ड अपने प्राइवेट जेट से मुंबई पहुंचे थे लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पर उन्हें साढ़े तीन घंटे के लिए रोक दिया गया

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद बेशक भारत नहीं आए हों लेकिन इससे पहले वो अपने प्राइवेट जेट से एक बार भारत आ चुके हैं. तब मुंबई एयरपोर्ट पर उनके विमान को एयरपोर्ट अफसरों ने क्लियरेंस नहीं मिलने की वजह से साढ़े तीन घंटे रोककर रखा था. जानते हैं कौन सा वो दौरा, उसमें उनके विमान को फिर उड़ने की अनुमति मिली या नहीं

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  • Last Updated: January 15, 2020, 1:11 PM IST
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इस हेडिंग को पढ़कर हो सकता है कि आप एकबारगी हैरान हों कि अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप के प्लेन को कैसे मुंबई के एयरपोर्ट पर साढ़े तीन घंटे रोककर रखा जा सकता है. हालांकि ये बात सच है कि ट्रंप जब अपने प्राइवेट विमान से न्यू यॉर्क के मुंबई पहुंचे थे तो क्लियरेंस नहीं होने की सूरत में उनके बोइंग 757 को काफी देर तक उड़ने की अनुमति नहीं मिली थी. तब ट्रंप प्रेसीडेंट नहीं बल्कि बिजनेसमैन थे.

ये वाकया अगस्त 2014 का है. डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका की रिपब्लिकन पार्टी में प्रेसीडेंट कैंडीडेट के तौर पर अपनी दावेदारी पेश कर चुके थे. उसी दौरान वो दुनियाभर में अपने रियल्टी बिजनेस को भी बढ़ा रहे थे. भारत को वो इसके लिए काफी संभावनाओं वाला देश मान रहे थे.

भारत से उनके पास पुणे और मुंबई के दो अच्छे ऑफर थे. दो बड़े बिल्डर्स ने इन दोनों शहरों में ट्रंप टॉवर बनाने की पेशकश की थी. इसी सिलसिले में ट्रंप अपने आलीशान प्राइवेट प्लेन से उड़कर भारत आ पहुंचे. उनका प्लेन खासतौर पर न्यू यॉर्क से भारत के लिए उड़ा और 11 अगस्त को मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा.

मुंबई एयरपोर्ट पर खड़ा रहा विमान

यहां से ट्रंप के विमान को रात ठीक 09.00 बजे तुरंत पुणे के लिए उड़ान भरनी थी. लेकिन उनके विमान को उड़ने की अनुमति नहीं मिली. क्योंकि उनके पास पुणे के एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति नहीं थी. नतीजतन ट्रंप का विमान मुंबई एयरपोर्ट पर ही खड़ा रहा.

पुणे का लोहेगांव एयरपोर्ट इंडियन एयरफोर्स के अधीन है. यहां पर किसी भी विदेशी के प्राइवेट प्लेन को उतरने के लिए पहले से एयरफोर्स की अनुमति लेनी जरूरी होती है. ट्रंप को अंदाज ही नहीं था कि भारत में ये स्थिति भी आ सकती है.विमान में ही बैठे रहे ट्रंप और उनकी टीम
मुंबई मिरर में तब प्रकाशित हुई एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप का प्लेन एयरपोर्ट पर साढ़े तीन घंटे तक खड़ा रहा. ट्रंप और उनके सहायक विमान में ही बैठे रहे. ट्रंप के विमान के चालक दल की तमाम दलीलों के बावजूद एयरपोर्ट अफसरों का जवाब था बगैर अनुमति वो विमान को पुणे जाने की अनुमति नहीं देंगे.
ट्रंप इस पर काफी खीझे भी. इस बीच ट्रंप की सहायक टीम, अमेरिकी दूतावास और भारत स्थित उनके प्रोमोटर्स सक्रिय हुए. रात ठीक 12.30 बजे उनके विमान को एयरफोर्स मुख्यालय ने पुणे विमान ले जाने की अनुमति दी.

फिर पुणे में भी आई एक मुश्किल 
हालांकि इसके बाद भी एक मुश्किल पुणे में भी आनी थी. आधे घंटे की उड़ान के बाद जब ट्रंप का विमान वहां उतरा. तो ये कुछ ज्यादा ऊंचा था. इसमें लगाने लायक सीढ़ियां एयरपोर्ट पर नहीं थीं. तब कुछ देर की मशक्कत के बाद अस्थायीई सीढ़ियों की व्यवस्था की गई. तब ट्रंप विमान से उतरे. ये ट्रंप का पहला भारतीय दौरा था.

इंडियन एयरफोर्स के मुख्यालय की अनुमति मिलने के बाद ही मुंबई एयरपोर्ट से साढ़े तीन घंटे के बाद उनका विमान उड़ान भर सका


प्रेसीडेंट बनने के बाद नहीं आए भारत
हालांकि अमेरिका का प्रेसीडेंट बनने के बाद से वो भारत नहीं आए हैं. हालांकि मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद रिपब्लिक डे पर मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आने का न्योता दिया था लेकिन भारत आने की इच्छा जाहिर करने के बाद भी वो नहीं आ पाए थे. अलबत्ता उनकी बेटी इवांका ट्रंप जरूर भारत आईं. यहां उन्होंने कुछ प्रोग्राम्स में भी हिस्सा लिया.

वर्ष 2014 में डोनाल्ड ट्रंप पुणे में ट्रंप टॉवर के भारतीय प्रोमोटर्स के साथ


कैसा है ट्रंप का प्राइवेट बोइंग जेट
अब बात ट्रंप के खास प्राइवेट जेट की. ट्रंप ने 2011 में माइक्रोसाफ्ट के को-फाउंडर पॉल एलेन से ये बोइंग 757 विमान खरीदा था. उन्होंने ये विमान करीब 700 करोड़ में खरीदा. फिर अपने तरीके से डिजाइन कराया. इस विमान में यूं तो यात्री क्षमता करीब 180 से 200 लोगों की है. लेकिन इस विमान 43 लोग आरामदायक तरीके से बैठ सकते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप के विमान में अंदर का नजारा और आरामदायक सीटें


विमान दुनिया के महंगे प्राइवेट विमानों में एक 
इसके अलावा इस विमान में ट्रंप का खास बेडरूम, वीडियो कांफ्रेंस रूम, गेस्ट रूम और डायनिंग रूम है. ट्रंप ने वर्ष 2015-16 में अमेरिका में प्रेसीडेंट चुनाव का कैंपेन इसी विमान के जरिए किया था. इसे दुनिया के सबसे महंगे प्राइवेट जेट के रूप में गिना जाता है. साथ ही ये सबसे तेज चलने वाले विमानों में भी है. ये एक घंटे में करीब 500 मील चलता है.

डोनाल्ड ट्रंप के प्राइवेट जेट के बाथरूम में सोने के नल और वॉशबेसिन हैं. कई और जगह भी सोने की प्लेटें लगी हुई हैं


ट्रंप के प्राइवेट विमान में सोने की टोटियां 
इस विमान में रोल्स रॉयस का पॉवरफुल टर्बो इंजन है. अगर ये एक घंटे की उड़ान भरता है तो उस पर करीब 07-08 लाख रुपए खर्च होते हैं. इसमें अंदर सुनहरा इंटीरियर है. कई जगह सोने की प्लेटें और टोटियां लगी हुई हैं. इसकी अंदर की शान अगर एकदम अलग ही है तो ये भी कहना चाहिए कि दुनिया में जितने मौजूदा राष्ट्रप्रमुख हैं, उसमें ट्रंप शायद अकेले शख्स होंगे, जिनके पास अपना प्राइवेट बोइंग जेट है. वो इसे प्यार से टी-बर्ड यानि ट्रंप बर्ड कहते हैं.

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First published: January 14, 2020, 9:04 PM IST
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