कैसे 5 घंटों में 132 कमरों के White House को नए राष्ट्रपति के लिए सजाया जाता है?

 हर नए राष्ट्रपति के आने से पहले वाइट हाउस की साफ-सफाई होती है- सांकेतिक फोटो (flickr)

हर नए राष्ट्रपति के आने से पहले वाइट हाउस की साफ-सफाई होती है- सांकेतिक फोटो (flickr)

वाइट हाउस (White House) में ऐसी तैयारी होती है कि नया राष्ट्रपति आए तो उसे अपनी किताबों और कपड़ों से लेकर टूथब्रश भी जगह पर मिले. डोनाल्ड ट्रंप (Doland Trump) के जाने पर जो बाइडन (Joe Biden) के लिए भी ये तैयारी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 13, 2020, 2:15 PM IST
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अमेरिका में हर नए राष्ट्रपति के आने से पहले वाइट हाउस की साफ-सफाई होती है. पुराने राष्ट्रपति का सामान हटता है और किचन से लेकर सेमिनार रूम तक नए राष्ट्रपति की पसंद के मुताबिक बनाया जाता है. ये सब कुछ केवल 5 घंटों के भीतर होता है. यानी इन्हीं 5 घंटों के भीतर विशालकाय राष्ट्रपति भवन को पूरी तरह से बदल दिया जाता है. जानिए, कैसे काम करता है ये सिस्टम और इस बार क्या है खास.

20 जनवरी को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन वाइट हाउस में आने वाले हैं. इससे पहले दिन तक मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भवन में बने रहेंगे. उनके शिफ्ट करते ही तेजी से राष्ट्रपति भवन की साफ-सफाई शुरू हो जाएगी. आमतौर पर पुराने राष्ट्रपति के जाने और नए राष्ट्रपति के भवन में आने के बीच केवल 5 ही घंटों का फर्क रहता है. इस समय में सारे बदलाव होते हैं.

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इस बारे में सीएनएन से बातचीत के दौरान Exploring the White House नाम की किताब की लेखिका केट एंडरसन बताती हैं कि कैसे इतने कम समय में लंबे-चौड़े वाइट हाउस की सफाई होती है. केट के मुताबिक इस सफाई को और ज्यादा खास इसलिए भी माना जाता है क्योंकि इसके लिए प्रोफेशनल हायर नहीं किए जाते. इससे सुरक्षा को खतरा हो सकता है इसलिए आम दिनों में वाइट हाउस में रहने वाला स्टाफ ही ये पूरी प्रक्रिया करता है.
5 घंटों में भवन से पुराने राष्ट्रपति का सामान हटता है और नए राष्ट्रपति का सामान आता है


5 घंटों में भवन से पुराने राष्ट्रपति का सामान हटता है और नए राष्ट्रपति का सामान आता है. ये ऐसा नहीं है, जैसे आमतौर पर हम अपने घरों की शिफ्टिंग के दौरान करते हैं कि शिफ्ट होने के बाद बक्से खोलकर सामान निकाला और जमाया जाता है. वाइट हाउस में तैयारी ऐसी होती है कि नया राष्ट्रपति आए तो उसे अपनी किताबों और कपड़ों से लेकर टूथब्रश भी जगह पर मिले. हरेक सामान नए राष्ट्रपति की पसंद और जरूरत को देखते हुए रखा जाता है. यानी ये प्रक्रिया काफी लंबी-चौड़ी है.

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इस बार सफाई की ये प्रक्रिया पहले से ज्यादा समय लेने वाली है क्योंकि कोविड-19 के कारण पूरे वाइट हाउस की 'डीप क्लीनिंग' होगी. इसकी एक वजह ये भी है कि ट्रंप खुद कोरोना संक्रमित हो चुके थे और साथ ही वे अपने स्टाफ को भी कभी मास्क पहनने को नहीं कहते थे. ऐसे में उम्रदराज राष्ट्रपति जो बाइडन के आने से पहले पूरे परिसर को डीप क्लीन किया जाएगा. इसके तहत परदे, अलमारियां, कार्पेट- सब बदला या साफ किया जाएगा. खिड़कियों के कांच सेनेटाइज होंगे और हैंडल से लेकर दरवाजे तक डीप क्लीन होंगे.

जो बाइडन के आने से पहले पूरे परिसर को डीप क्लीन किया जाएगा


ये प्रोसेस कई चरणों में होगी, जिसमें एक के बाद कई लेयर पर सफाई कर पक्का किया जाएगा कि वाइट हाउस पूरी तरह से साफ और संक्रमण-मुक्त है. 5 घंटे की तैयारी का एक दिलचस्प हिस्सा ये भी है कि वाइट हाउस में मौजूदा सामानों का एक कैटेलॉग तैयार होता है. इसे आने वाले राष्ट्रपति को भेजा जाता है कि वे अपने मुताबिक सामान हटवाएं या चुनें या फिर जोड़ें.

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वाइट हाउस का भीतरी हिस्सा इस तरह से डिजाइन किया हुआ है कि वो 18वीं सदी में आयरलैंड के किसी आलीशान बंगले जैसा दिखता है. बड़े, खुले हुए कमरों में सजावट भी सादी लेकिन काफी भव्य है. साल 1791 में प्रेसिडेंट जॉर्ज वॉशिंगटन के वास्तुविद जेम्स हॉबेन ने वाइट हाउस का डिजाइन तैयार किया था, जिसे बनने में 8 साल लग गए. 8 सालों बाद साल 1800 में प्रेसिडेंट जॉन एडम्स यहां पहली बार आए. साल 1812 में लड़ाई के दौरान प्रेसिडेंट हाउस को अंग्रेजों ने आग लगा दी, जिसके बाद जेम्स हॉबेन ने दोबारा इसपर काम किया.

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इसके बाद से अब तक इसमें काफी बदलाव हुए हैं.यहां 132 कमरे हैं, 35 बाथरूम हैं और 6 मंजिलें हैं. वाइट हाउस में 3 लिफ्ट भी हैं. अलग-अलग रंगों के कमरों को उनके रंगों के नाम से जाना जाता है- जैसे ब्लू रूम या वाइट रूम. सेंट्रल हॉल से सारे कमरे जुड़े हुए हैं. वैसे प्रेसिडेंट हाउस को वाइट हाउस नाम प्रेसिडेंट थियोडोर रुजवेल्ट ने साल 1901 में दिया था, जिसके बाद से यही नाम चल निकला.
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