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क्या दुनिया से मिट जाएगा हांगकांग का वजूद! चीन लिख रहा अत्याचार की नई कहानी

News18Hindi
Updated: May 22, 2020, 8:05 AM IST
क्या दुनिया से मिट जाएगा हांगकांग का वजूद! चीन लिख रहा अत्याचार की नई कहानी
चीन ने हांगकांग को लेकर विवादित कानून पास कर दिया है.

चीन (China) हांगकांग (Hong Kong) की सुरक्षा के नाम पर नया कानून लाने वाला है. ये कानून देशद्रोह, अलगाव और तोड़फोड़ रोकने के नाम पर लाया जा रहा है. लेकिन लोकतंत्र समर्थकों का कहना है कि इस कानून के साथ हांगकांग का अस्तित्व खत्म हो जाएगा.

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लोकतंत्र समर्थक आंदोलनों के दमन का चीनी इतिहास पुराना है. लोकतंत्र की वजह से ही ताइवान चीन के निशाने पर है. हांगकांग के लोकतंत्र समर्थकों पर चीन लंबे समय से अत्याचार करता आया है. अब चीन की सरकार कोशिश में है कि हांगकांग की आवाज पूरी तरह से खत्म कर दी जाए. दरअसल चीन अब हांगकांग की सुरक्षा के नाम पर नया कानून लाने वाला है. ये कानून देशद्रोह, अलगाव और तोड़फोड़ रोकने की आड़ लेकर लाया जा रहा है लेकिन इसका वास्तविक मकसद कुछ और है. हांगकांग के लोकतंत्र समर्थकों का कहना है कि चीन इस कानून का सहारा लेकर उनकी आवाज खत्म कर देना चाहता है.

चीन के इस कदम के आलोचकों का कहना है कि इससे हांगकांग की सीमाई स्वायत्ता समाप्त हो जाएगी. आलोचकों का कहना है कि इस कानून के जरिए चीन एक देश, दो नियम के प्रावधान को खत्म कर देगा.

बीजिंग की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि बीते साल हुए हांगकांग में हुए बड़े लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के बाद से सुरक्षा उपायों के मद्दनेजर इस कानून को लाने की तैयारी शुरू कर दी गई थी. चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के प्रवक्ता Zhang Yesui ने कहा कि देश में स्थिरता बनाए रखने के लिए ये कानून बेहद जरूरी है.







लेकिन चीन के ये दावे खोखले हैं क्योकि हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों पर उसकी बर्बर कार्रवाई पूरी दुनिया के सामने है. हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक लेजिस्लेटर Dennis Kwok ने कहा है कि इस कानून के साथ हांगकांग का अस्तित्व खत्म हो जाएगा. बीजिंग सरकार ने हांगकांग के लोगों के साथ किए गए सभी वादे तोड़ दिए हैं. चीनी सरकार अपने हर वादे से पीछे हट गई है.

दरअसल हांगकांग के मिनी कॉस्टिट्यूशन का आर्टिकल 23 कहता है-हांगकांग में चीन की सरकार के खिलाफ षड्यंत्र, राष्ट्रद्रोह, अलगाव की कोशिश की मनाही होगी. लेकिन ये आर्टिकल हांगकांग में कभी लागू नहीं किया गया. क्योंकि लोगों को भय था कि इसे लागू करते ही उनकी स्वायत्ता खत्म हो जाएगी. इस आर्टिकल के आधार पर चीन अपनी मनमानी कार्रवाई को अंजाम दे सकेगा. साल 2003 में एक बार इसे लागू करने की कोशिश की गई थी लेकिन तब हांगकांग में 5 लाख लोग विरोध में सड़क पर आ गए थे. जबरदस्त विरोध को देखते हुए तब चीनी सरकार द्वारा फैसला टाल दिया गया था.



अब नेशनल पीपुल्स कांग्रस में कानून पास करके चीनी सरकार इस आर्टिकल को प्रभावी कर सकेगी. केंद्रीय सरकार द्वारा कानून लागू कर दिए जाने के बाद हांगकांग की लोकल बॉडी को इसे मानना पड़ेगा. माना जा रहा है कि ये कानून अगले हफ्ते चीन की संसद से पास हो जाएगा.

बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में थे हांगकांगवासी
दरअसल बीते साल जिस लोकतंत्र समर्थक आंदोलन ने चीन को मुश्किल में डाल दिया था, हांगकांग में एक बार फिर वैसा प्रोटेस्ट करने की तैयारी चल रही है. कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन की वजह से इस प्रोटेस्ट की तैयारियां थोड़ी धीमी पड़ी हैं. लेकिन माना जा रहा है कि इस बार हांगकांग में और भी बड़ा लोकतंत्र समर्थक आंदोलन होगा. चीन इसी वजह से घबराया हुआ है. हांगकांग की बैपटिस्ट यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर केनेथ चैन का कहना है कि चीन का ये कदम टिपिकल कम्युनिस्ट स्टाइल है. दरअसल हांगकांग की लिबरल जड़ों को चीन बर्बाद कर देना चाहता है. इसी वजह से ये कानून लाया जा रहा है.

(Donald Trump)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोले-कड़ा विरोध करेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के इस कदम के बारे में कहा है कि अभी तक हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. लेकिन अगर चीन इस तरह का कोई दमनकारी कदम उठाने की कोशिश करेगा तो हम इस कठोर विरोध करेंगे.

हांगकांग पर निगाह रख रहे मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि चीन का ये कानून अंत नहीं शुरुआत है. इस कानून के साथ हांगकांग में चीन का असली खेल शुरू होगा. लोकतंत्र समर्थकों पर इतनी बड़ी कार्रवाई होगी जैसी पहले कभी नहीं हुई. दरअसल पूरे लोकतांत्रिक आंदोलन की बुनियाद को ही कुचल कर रख दिया जाएगा. हांगकांग का मिनी कांस्टीट्यूशन बनाने में मदद करने वाले बैरिस्टर मार्टिन ली का कहना है कि चीन ने सारे वादे तोड़कर कर रख दिए हैं.

'हांगकांग किसी से डरता नहीं'
वहीं हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के प्रमुख चेहरे और पूर्व छात्रनेता जोशुआ वॉन्ग ने कहा है कि हम लोग सड़कों पर प्रदर्शन करते रहेंगे. हांगकांग किसी से डरता नहीं है.

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First published: May 22, 2020, 8:05 AM IST
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