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केरल के इन ईसाई समुदायों के बीच विवाद की ये है प्रमुख वजह

News18Hindi
Updated: October 28, 2019, 6:03 PM IST
केरल के इन ईसाई समुदायों के बीच विवाद की ये है प्रमुख वजह
केरल में पिरावोम चर्च पर जैकोबिट्स ने कब्जा करके ऑर्थोडाक्स के प्रवेश को रोक दिया.

केरल में एर्नाकुलम जिल की पिरावोम चर्च (Paravom Church) पर ईसाई की जैनोबिट्स समुदाय के लोगों ने कब्जा कर लिया और ऑर्थोडॉक्स समर्थक लोगों व उनके पादरियों को चर्च में प्रवेश से रोक दिया.

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  • Last Updated: October 28, 2019, 6:03 PM IST
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केरल (Kerala) में ईसाई धर्म (Christian) के दो समुदायों ऑर्थोडॉक्स (Orthodox) और जैकोबाइट (Jacobite) के बीच फिर से तनाव बढ़ गया है. राज्य के एर्नाकुलम जिल में पिरावोम चर्च पर कब्जे को लेकर दोनों ईसाई समुदाय एक दूसरे के आमने सामने आ गए हैं. दरअसल सोमवार को जैकोबाइट समुदाय के लोगों ने ऑर्थोडॉक्स समर्थकों को चर्च में प्रवेश करने से रोक दिया.

सौकड़ो की संख्या में जैकोबाइट समर्थक लोगों ने चर्च पर कब्जा कर लिया और ऑर्थोडॉक्स पादरियों को गिरजाघर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया. जैकोबाइट समर्थकों ने गिरजाघर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया है. तनाव पूर्ण हालात को देखते हुए प्रशासन ने विवादित इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है.

र्थोडॉक्स पादरियों को गिरजाघर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया.


पिरावोल चर्च पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद

दरअसल राज्य के इन दोनों ही समुदायों के बीच बहुत लंबे समय से पिरावोल चर्च पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में केरल की एक हजार गिरजाघरों तथा संपत्तियों पर नियंत्रण के अधिकार ऑर्थोडॉक्स को दिया था. जिसको लेकर वर्षों से दोनों समुदायों के बीच विवाद चल रहा है. वहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ऑर्थोडाक्स अभी तक गिरजाघर का नियंत्रण अपने हाथ में नहीं ले सका है.

हालिया विवाद पर ऑर्थोडॉक्स धड़े के पादरी थॉमस पॉल रामबन ने कहा कि अदालत ने पुलिस को आदेश लागू कराने का निर्देश दिया है. जबकि जैकोबाइट धड़े के अनुयायियों ने कहा कि वे उस धड़े को गिरजाघर का नियंत्रण नहीं लेने देंगे. जिला प्रशासन ने जैकोबाइट समर्थक लोगों के गिरजाघर और उसके परिसर में मौजूद होने को अवैध कहा है. साथ ही जैकोबाइटों को तुरन्त जगह खाली करने को कहा है.

सैकड़ों की संख्या में जैकोबाइट्स ने चर्च में घुस गए.

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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ऑर्थोडॉक्स का नियंत्रण
2017 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सितंबर 2019 को प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ऑर्थोडॉक्स समर्थकों ने पिरावोम वेलियापल्ली चर्च में प्रवेश किया था. प्रशासन ने दो दिन पहले ही चर्च को अपने नियंत्रण में ले लिया था. हालांकि कि प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान इलाके में तनाव बढ़ गया था.

हालांकि प्रशासन की मदद से आर्थोडॉक्स धड़े को गिरजाघर में प्रवेश मिल गया . इस दौरान गिरजाघर और पिरावोम शहर के आसपास के इलाकों में सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई थी. बावजूद इसके जैकोबोइट धड़े के हजारों अनुयाई इलाके में इकट्ठा हो गए और उन्होंने अपने पादरी की अगुवाई में सड़क के किनारे ही प्रार्थना की और विरोध प्रदर्शन भी किया.

ऑर्थोडॉक्स और जैकबाइट्स  विवाद
केरल में पिरावोम स्थित चर्च नियंत्रण को लेकर ईसाईयों दोनों समुदायों ऑर्थोडॉक्स और जैकबाइट्स के बीच तनाव बहुत पुराना है. विवाद तब और गंभीर हो गया जब ऑर्थोडॉक्स ग्रुप ने चर्च को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश की. लेकिन जैकोबाइट समर्थकों ने चर्च का नियंत्रण देने से इनकार कर दिया. इसके बाद इन दोनों समुदायों के बीच वर्चस्व की जंग बहुत लंबे समय तक चली.

सु्प्रीम कोर्ट ने चर्च पर ऑर्थोडॉक्स के पक्ष में फैसला सुनाया था.


अंतत: यह मामला देश की सर्वोच्च न्यायालय में पहुंचा. सुप्रीम कोर्ट ने 1934 के मलनकारा गिरजाघर दिशा-निर्देशों को आधार मानते हुए 2017 में अपना फैसला दिया. अदालत के फैसले के आधार पर राज्य के 1100 चर्चों का नियंत्रण ऑर्थोडॉ़क्स ईसाई समुदाय के पास चला गया.

ऑर्थोडॉक्स समुदाय को मिला पिरावोम वेलियापल्ली चर्च
सु्प्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से ऑर्थोडॉक्स समुदाय पिरावोम वेलियापल्ली चर्च पर नियंत्रण स्थापित करने का लगातार प्रयास कर रहा है. चर्च पर नियंत्रण को लेकर कई बार दोनों ही समुदायों के बीच संघर्ष भी हो चुके हैं. सैकड़ों की संख्या में लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है. बाद में केरल उच्च न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने के लिए मामले में हस्ताक्षेप किया.

न्यायालय ने स्थानीय पुलिस को ऑर्थोडाक्स को चर्च में नियत्रंण स्थापित करने में मदद करने का निर्देश दिया. दरअसल ऑर्थोडॉक्स समुदाय ने केरल हाई कोर्ट में याचिका डाली थी कि चर्च में धार्मिक सभाएं और प्रार्थना करने में उन्हें पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के दो साल बीत जाने के बावजूद ऑर्थोडोक्स को अपना अधिकार नहीं मिल सका है. वास्तव में राज्य सरकार के रवैये के चलते यह मामला अभी तक नहीं सुलझा सका है.

ऑर्थोडॉक्स और जैकोबाइट्स में भिन्नता
ईसाई धर्म की पुरानी परंपराओं पर विश्वास करने वाले लोगों को ऑर्थोडॉक्स कहा जाता है. ये समुदाय रोमन कैथोलिक चर्च की पुरानी मान्यताओं पर विश्वास करता है. धर्म की प्राचीन पद्यतियों के आधार पर वह अपनी पूजा और प्रार्थना करते हैं.

वहीं जैकबाइट्स समूह में प्रोग्रेसिव ईसाई माना जाता है. इन समुदाय के लोगो मुलत: सीरिया से संबंधित होते हैं. भारत के मालाबार तटीय क्षेत्र में इनकी अच्छी खासी तादात है. इनका चर्च पुरानी परंपराओं पर आधारित रोमन कैथोलिक चर्च से स्वायत्त रूप से काम करता है.

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First published: October 28, 2019, 6:03 PM IST
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