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    क्या सुदूर ग्रहवासी भी खोज रहे होंगे पृथ्वी पर जीवन, ऐसा क्यों कह रहा है शोध

    बाह्यग्रहों (Exoplanet) को भी पृथ्वी (Earth) का अध्ययन करने का मौका मिलता है यही इस शोध ने बताया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: @ESO)
    बाह्यग्रहों (Exoplanet) को भी पृथ्वी (Earth) का अध्ययन करने का मौका मिलता है यही इस शोध ने बताया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: @ESO)

    बाह्यग्रहों (Exoplanet) के अध्ययन को एक अलग नजरिया देते हुए इस शोध में बताया गया है कि जिस तरह से हम बाह्यग्रहों का अध्ययन कर रहे हैं उसी तरह से वहां से भी पृथ्वी (Earth) का अध्ययन किया जा सकता है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 24, 2020, 8:18 AM IST
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    अभी तक कई अंतरिक्ष अनुसंधान (Space Research) संबंधी शोधों में आपने पृथ्वी (Earth) के बाहर जीवन (life) या उसके संकेतों (Signs) की खोज के बारे में ही सुना होगा. लेकिन अब तक किसी ने भी विज्ञान फंतासी (Science) के अलावा किसी शोध में इस बात का जिक्र नहीं किया कि सुदूर कुछ ग्रह (Exoplanets) ऐसे भी हो सकते हैं जो हमारी पृथ्वी पर जीवन या उसके संकेतों की तलाश कर सकते हैं.

    बाह्यग्रहों की सूची
    पिछले कुछ समय से अंतरिक्ष अनुसंधानकर्ता उन बाह्यग्रहों की सूची बना रहे हैं जो अपने तारों का चक्कर लगाते हैं और वहां से पृथ्वी का अवलोकन किया जा सकता है. यानि कि दूसरे सौरमंडल  के ऐसे ग्रह जहां जीवन के होने की अधिक से अधिक संभावना हो सकती है.

    हजार से ज्यादा हमारे सूर्य के जैसे
    इस व्यापक शोध से 1004 ऐसे तारों का पता चला है जो कि हमारे सूर्य की ही तरह हैं और उनके खुद के ग्रह हैं जो उनका चक्कर लगा रहे हैं. शोध यह भी बताता है कि इन ग्रहों में हमारी पृथ्वी पर जीवन तलाश करने की क्षमता हो सकती है.



    वहां से पृथ्वी का अवलोकन
    इस अध्ययन की प्रमुख लेखिका  और कॉर्नेल यूनिवर्सटी की खगोलविज्ञान की प्रोफेसर लीसा कैल्टेन्गर का दावा है कि यदि शोधकर्ता इन ग्रहों से पृथ्वी का अवलोकन करेंगे तो वह इस हल्के नीले बिंदु के वायुमंडल में जीवन के संकेत जरूर पाएंगे.

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    बाह्यग्रहों (Exoplanet) में जीवन या उनके संकेत (Signs of life) मिलने की ज्यादा संभावना होती है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


    इन आंकड़ों का किया अध्ययन
    काल्टेन्गर ने लेहिग यूनिवर्सिटी के भौतिकी के प्रोफेसर जोशुआ पैपर के साथ नसा के टेस और यूरोप के गीगा अंतरिक्ष यान के आंकड़ों का विश्लेषण किया और उन ग्रहों की गणना की जहां से पृथ्वी को उनके बाह्यग्रह के तौर अध्ययन किया जा सकता है.

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    कितनी दूर हैं ये तारे
    इस अध्ययन के मुताबिक ये तारे 326 प्रकाशवर्ष दूर स्थित हैं. खगोलविदों ने ऐसे तारों के सिस्टम को पृथ्वी से उनकी चमक देखकर उन्हें खोजा है जो कि केवल बाइनाकुलर्स और टेलीस्कोप से देखा जा सकते हैं.

    बाह्यग्रहों का ढूंढने का तरीका
    वहीं बाह्यग्रहो  को खोजने का तरीका थोड़ा अलग है, जहां इन तारों की चकम में फर्क आ जाता है जब उस तारे का कोई ग्रह तारे और पृथ्वी के बीच में आ जाता है. आमतौर पर केवल कुछ ही बाह्यग्रह पृथ्वी से देखे जा सकते हैं. जबकि हमारे पड़ोस के ज्यादा कर तारे हमारी पृथ्वी को सूर्य के सामने आते देख उसका पता लगा सकते हैं.

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    बाह्यग्रहों (Exoplaents) को सीधे टेलीस्कोप (Telescope) से देख पाना बहुत ही मुश्किल है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: NASA)


    इन ग्रहों को भी मिलता है यह मौका
    इन 1004 तारों में से कम से कम 508 तारे ऐसे हैं जो अपने ग्रहों को करीब 10 घंटे का ऐसा अवलोकन समय देते हैं जब हमारी पृथ्वी उस ग्रह और हमारे सूर्य के बीच में आ जाती है. इस दौरान वे पृथ्वी पर जीवन के संकेत देख सकते  हैं.  इसके अलावा इन तारों में से ज्यादाकर लाल ड्वार्फ तारे हैं जो कुछ छोटे और तुलनात्मक रूप से ठंडे हैं.

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    शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि उनका शोध भविष्य में दूसरे ग्रहों पर जीवन या उसके संकेतों की खोज करने में मददगार होगा. कई खगोलविद अगले साल प्रक्षेपित होने वाले नासा के जेम्स वेब टेलीस्कोप से पास के बाह्यग्रहों के वायुमंडल का अध्ययन करने का इंतजार कर रहे हैं.
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