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  • TINY 24000 YEAR OLD ZOMBIES ROTIFERS BURIED UNDER SIBERIAN PERMAFROST REVIVED CLONED VIKS

वैज्ञानिकों ने 24000 साल पहले से बर्फ में जमे सूक्ष्मजीव किए जिंदा, बनाए क्लोन

वैज्ञानिकों ने पहली बार किसी जीव को इतने लंबे समय तक बर्फ में जमे रहने के बाद जिंदा (Revive) किया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

रूस (Russia) के साइबेरिया (Siberia) इलाके में वैज्ञानोकों ने सूक्ष्मजीवी चक्रधर (Rotifers) जिंदा किया जो वहां 24 हजार सालों से बर्फ में जमा था और उनके क्लोन भी बना दिए.

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    जीवविज्ञान ने वैसे तो बहुत उन्नति कर ली है, लेकिन वैज्ञानिक मरे हुए प्राणी को जिंदा नहीं कर सके हैं. एक हैरान करने वाली उपलब्धि के तहत रूसी वैज्ञानिकों ने हजारों साल पहले मर कर आर्किट क्षेत्र (Arctic Region) में जमे जीव कि ‘जिंदा’ (Revive) किया है. साइबेरिया की बर्फ (Siberian Permafrost) में यह बहुकोशिकीय जीव साफपानी में 5 करोड़ साल पहले पाया जाता था. आज के समय में इस तरह जीव बर्फ में जम कर केवल 10 साल तक ही जिंदा रह सकता है.

    जिंदा कर क्लोन भी बनाया
    यह जीव 24 हजार साल पहले मर कर बर्फ में जम गया था. इसके बाद अब रूसी वैज्ञानिकों ने ना केवल इस जमे हुए जीव को जिंदा किया बल्कि प्रयोगशाल में उसके क्लोन तक बनाने में सफलता हासिल कर ली. ये जॉम्बी जैसे जीव ब्डैलॉइड रोटिफर्स या चक्रधर हैं जिन्हें पहिए वाला जानवर भी कहा जाता है क्योंकि इनके मुंह के पास छोटे बालों की वृताकार छल्ला होता है.

    5 करोड़ साल पहले और आज के चक्रधर
    रोटिफर या चक्रधर बहुकोशिकीय सूक्ष्मजीवी होते हैं जो साफ पानी के वातावरण में ही रह सकते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि ये जीव 5 करोड़ साल पहले पाए जाते थे. इस दौरान उन्होंने वातावरण के अनुसार खुद को ढालने और जीवित रहने के नए तरीके सीख लिए थे. अभी तक इससे पहले शोधकर्ताओं ने पाया है कि आधुनिक रोटिफर्स केवल -20 डिग्री सेल्सियस तक केवल दस साल तक खुद को जिंदा रख सकते हैं.

    इस युग में थे पुरातन चक्रधर
    वैज्ञानिकों ने अब इन चक्रधरों को फिर से जिंदा किया है जो साइबेरिया के जमा देने वाली ठंड में  प्लेइस्टोसीन युग के आखिरी समय में जम गए थे. इस युग का समय 26 लाख साल से लेकर 11700 साल पहले का हुआ करता था. एक बार बर्फ पिघल जाए तो उसके बाद ये चक्रधर जीव अलैंगिक प्रजनन करना शुरू कर देते थे जिससे उनके क्लोन बनने लगते हैं.

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    साइबेरिया (Siberia) में ये सूक्ष्मजीव हजारों सालों से बर्फ में जमे पड़े थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)


    इस तरह का सबसे लंबा मामला
    यह अध्ययन करंट बायोलॉजी में प्रकाशित हुआ है. इसमें बताया गया है कि ये नमूने उत्तर पूर्वी साइबेरिया में पाए गए थे.  रेडियोकार्बन डेटिंग पद्धति से पता चला है कि ये 24 हजार साल पहले जम गए थे. यह अब तक का सबसे पुराना मामला है जिसमें चक्रधर जमी हुई अवस्था से वापस जिंदा हुए हों.

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    वैज्ञानिकों ने पता लगाई इनकी वंशावली
    शोधकर्ताओं ने नमूनों में पाए गए एक मेटाजीनोम  में रोटिफर एक्टिन जीन सीक्वेंसेस की पहचान कर अपनी पड़ताल की पुष्टि की. उन्होंने मॉर्फोलॉजिकल और मॉलीक्यूलर मार्कर का उपयोग कर पता लगाया कि  चक्रधर या रोटिफर एडिनेटा वंश के हैं. प्रयोगों से पता चला है कि यह धीमी ठंडक और जमावट में कम से कम सात दिन तक जमे रह सकते हैं.

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    यह पहली बार नहीं है जब किसी सूक्ष्मजीव (Microorganisms) को वैज्ञानिकों ने फिर जिंदा किया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)


    चक्रधरों की खासियतें
    शोधकर्ताओं ने बताया कि ये सूक्ष्मजीव अपने मैटबॉलिज्म को रोककर कुछ प्रकार के चापेरोन प्रोटीन जैसे यौगिक जमा कर लेते हैं जो उन्होंने क्रिप्टोबायोसिस जैसी प्रक्रिया से निकलने में मदद करते हैं जब हालात बेहतर हो जाते हैं. रोटिफर में एक खास प्रणाली ऐसी भी होती है जिसमें वे डीएनए को सुधार सकते हैं टऔर अपनी कोशिकाओं को प्रतिक्रिया करने वाली ऑक्सीजन प्रजातियों वाले हानिकारक अणुओं से रक्षा कर पाते हैं.

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    यह कोई पहली बार नहीं है कि इस तरह से पुराने जीव को फिर से जिंदा किया जा सका है.  पिछले साल ही वैज्ञानिकों ने सूक्ष्मजीवों को जिंदा किया ता जो गहरे समुद्र के तल में सुसुप्त अवस्था में डायनासोर के युग से पड़े थे. इससे वैज्ञानिकों को यह पता चला था कि पृथ्वी की बहुत से पुरातन जीवों में करोड़ों साल बाद बिना भोजन आदि के नष्ट हुए बिना पड़े रहने की क्षमता है.