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टेक्टोनिक प्लेट्स गतिविधियों के लिए खनिज के छोटे कण हैं जिम्मेदार, जानिए कैसे

टेक्टोनिक प्लेट (Tectonic plates) की गतिविधियों का कारण अभी तक वैज्ञानिकों का पता नहीं चल सका था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)
टेक्टोनिक प्लेट (Tectonic plates) की गतिविधियों का कारण अभी तक वैज्ञानिकों का पता नहीं चल सका था. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)

खनिजों के कण (Mineral Grains) कैसे टेक्टोनिक प्लेटों (Tectonic Plates) की विशालकाय गतिविधियों का कारण बन सकते हैं. इस शोध में यही समझाया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 20, 2021, 5:54 PM IST
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पृथ्वी (Earth) की ऊपरी परत वैसे तो एक सी दिखती है लेकिन वास्ताव में ये बहुत सी प्लेटों से मिलकर बनी है जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट (Tectonic plates) कहते हैं. ये प्लेट किसी ठोस चीज पर नहीं रखी हैं. एक पेस्ट जैसी नाजुक पदार्थ पर रखी हैं जिसकी वजह से इन विशाल प्लेटों में निम्नस्खलन (Subduction) गतिविधि होती रहती है. इन गतिविधियों कारण ही बड़े-बड़े  भौगोलिक बदलाव आते हैं. ताजा शोध के मुताबिक इन सभी बदलावों पीछे खनिज के छोटे छोटे कण जिम्मेदार हैं.

क्या होती है निम्नस्खलन की प्रक्रिया
निम्नस्खलन की प्रक्रिया तब होती है जब एक टेक्टोनिक प्लेट दूसरी प्लेट के नीचे आ जाती है और पृथ्वी की मैंटल में चली जाती है. इसी वजह से पर्वतों के निर्माण, भूकंप, ज्वालामुखी के आधार, भूगर्भीय कार्बन चक्र चलने जैसी बहुत सी विशाल गतिविधियां संचालित होती हैं. अभी तक वैज्ञानिक यह निश्चित नहीं कर सके थे आखिर निम्नस्खलन के पीछे क्या वजह होती है.

छोटे कण हैं जिम्मेदार
प्रोसिडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस में प्रकाशित येल यूनिवर्सिटी की एक पड़ताल से पता चलता है कि खनिजों के छोटे-छोटे कण लाखों सालों तक घटनाओं की ऐसी श्रृंखला में गतिमान होते हैं जिससे पृथ्वी के आंतरिक भाग में विशालकाय टेक्टोनिक प्लेट की बड़ी गतिविधियां तय होती है.



दूसरे ग्रहों में नहीं होता है ऐसा
डेविड बर्काविसाय और येल के अर्थ एंड प्लैनेटरी साइंसेस के प्रोफेसर फ्रेड्रिक विलियम बाइननिकी  ने बताया, “पृथ्वी में निम्नस्खलन की प्रक्रिया क्यों होती है जबकि दूसरे ग्रहों में ऐसा नहीं होता है. अभी तक रहस्य है. मैंटल परत की चट्टानें करोड़ों सालों से ठंडी होकर दो तरह के प्रभाव दिखाती है. या तो वे ठंडी और भारी होकर डूबना चाहती हैं या फिर वे ठंडी होने से साथ ही कठोरहो जाती हैं और डूबना नहीं चाहती है.

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महासागरों की गहराई में प्लेटों (Plates) पर अवसादों में खनिज के छोटे कण (Mineral grains) धीरे धीरे दूसरी प्लेटों के नीचे आते हैं और भूगर्भीय सक्रियता की वजह बनते हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


पृथ्वी पर हुई ये खास बात
जहां बाकी ग्रहों पर चट्टाने कड़ी हो गईं पृथ्वी पर किसी कारण से ये ठंडी नहीं हुई. यह मॉडल सुझाता है कि निम्नस्खलन पृथ्वी के महाद्वीपों और समुद्रों के निचले तलों के बीच के अंतर पर शुरू हुआ था. इस मॉडल ने दर्शाया कि टेक्टोनिक तनावों के कारण महासागरों की प्लेट के खनिज कम मिश्रित होने लगे जिसकी वजह से प्लेट खराब हुईं और सिकुड़ने भी लगीं.

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पथरीली परतों में विकृति
 करीब 10 करोड़ सालों तक यह प्रक्रिया मसासागरों की प्लोट को कमजोर करती रही जिससे वह मुड़ने और टूटने की स्थिति में आने लगी जिससे निम्नस्खलन की शुरुआत से उसका संबंध बन गया. येल की शोध वैज्ञानिक एल्वीरिया मुल्युकोवा ने बताया, “ग्रहों में टेक्टोनिकल प्लेट की वास्तविक बाधा यही है कि विशालकाय पथरीली परतें कितनी जल्दी विकृत हो सकती हैं.

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टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic plates) गतिविधियां केवल पृथ्वी (Earth) पर होती हैं जबकि दूसरे ग्रहों पर नहीं होती हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर: scr grab NASA)


मॉडल ने बताई वजह
मुल्युकोवा का कहना है कि पथरीली परतें तेजी से तभी विकृत हो सकती हैं जब छोटे महीन खनिज कण उन्हें ऐसा करने दें. हमारा मॉडल समझाता है कि इन कणों में ये बदलाव किस तरह से चट्टानों को नाटकीय तरह से कमजोर कर सकते हैं जिससे निम्नस्खलन पृथ्वी जैसे ग्रहों पर संभव हो पाता है.”

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दरअसल भूगर्भीय पैमाने पर होने वाले बदलाव हम इंसानों को प्रत्यक्ष नहीं दिखते उन्हें गहरे अध्ययन से ही पता लगाया जा सकता है. इस पैमाने पर पर्वतों का निर्माण भी समय कम होता है. इस लिहाज से यह एक अहम पड़ताल है जो पृथ्वी और दूसरे ग्रहों में एक और अंतर दर्शाती है.
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