इंसानों से पहले एक छोटा सा रोवर चांद पर भेजेगा नासा, जानिए उसकी अहमियत

इंसानों से पहले एक छोटा सा रोवर चांद पर भेजेगा नासा, जानिए उसकी अहमियत
नासा अगले साल आइरिस नाम का एक मिनी रोवर चंद्रमा पर भेज रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अपने आर्टिमिस अभियान (Artimis Mission) के तहत नासा साल 2024 में दो लोगों को चांद (Moon)पर भेज रहा है. उससे पहले वह एक मिनी रोवर (Mini rover) भेजेगा जो उसके अभियान में मदद करेगा.

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वस्तुओं और उपकरणों (Equipments) को बहुत छोटे आकार में करने के बहुत फायदे हैं तो इसकी काफी चुनौतियां भी हैं. नैनोटेक्नोलॉजी ने इसमें बहुत तरक्की की है. हालांकि अंतरिक्ष (Space) में अभी हमने इस दिशा में ज्यादा कुछ नहीं किया है, क्यूबसेट (Cubesat) जैसे छोटे आकार के सैटेलाइट ने हमारे अंतरिक्ष विज्ञान में काफी बदलाव किए हैं. अब इसी दिशा में एक और अहम कदम उठाया जाने वाला है. नासा (NASA) अब एक मिनी रोवर (Mini Rover) चंद्रमा पर भेजने वाला है.

नासा के चंद्रमा के अभियान का अहम हिस्सा है ये
नासा साल 2024 तक दो इंसानों को चंद्रमा पर भेजने की तैयारी कर रहा है, लेकिन इससे भी अहम उसके लिए चांद पर बेस तैयार करने की योजना है जिसका उपयोग वह अगले दशक में मंगल पर इंसान भेजने के लिए करेगा. लेकिन उससे पहले साल 2021 में ही नासा का लूनार डिलिवरी मिशन होगा.  इसके लिए नासा एक छोटा सा रोवर चांद पर भेजेगा जिसका नाम आइरिस (Iris) है. अपने किस्म का पहला क्यूबरोवर होगा जो बहुत छोटा और सरल डिजाइन का होगा.

2023 तक छोटे क्यूबसैट भी भेजने की तैयारी में है नासा
इसके पहले एक बहुत छोटे सैटेलाइट जिन्हें क्यूबसैट कहा जाता है को पृथ्वी की कक्षा में भेजने के बनाए जाते हैं और वे काफी कम खर्चीले होते हैं. नासा इस तरह के छह क्यूब सैट सौर तूफान के अध्ययन के लिए साल 2023 में प्रक्षेपित करने की तैयारी में भी लगा है. मिशन ऑफ अपोर्चिनिटी के तहत इस अभियान को चुना गया है, लेकिन उससे पहले नासा क्यूबरोवर को चांद पर पहुंचाने की तैयारी कर रहा है.



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नासा 2024 मेें चांद पर इंसान पहुंचाने की तैयारी कर रहा है जिसके साथ कई और अभियान भी जुड़े हैं.


कब चांद पर भेजा जाएगा यह रोवर
नासा के इस अभियान में उसके साथ पेनसिलवेनिया की एक कंपनी एस्ट्रोबोटिक और पीट्सबर्ग्स की कार्नेगी मेलोन यूनिवर्सिटी शामिल हैं. इस प्रजोक्ट की प्रक्षेपण का समय साल 2021 तय हुआ है. यह नासा के संपूर्ण आर्टिमिस प्रोग्राम का हिस्सा है. आर्टिमिस नासा का वह नया प्रोग्राम  जिसके तहत नासा साल 2024 तक एक पुरुष और एक महिला एस्ट्रोनॉट को चांद पर उतारेगा.  लेकिन आइरिल रोवर उससे पहले ही चांद पर पहुंचा दिया जाएगा.

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तो क्या काम है आइरिस रोवर का चांद पर
नासा के बयान के मुताबिक आइरिस रोवर एक जूते के डिब्बे के आकार का है जिसका वजन करीब 2.3 किलोग्राम है. यह चार पहियों पर चलेगा. अगर सब ठीक रहा तो यह करीब 50 मीटर तक का सफर करेगा. जो एक फुटबाल के मैदान की चौड़ाई के बराबर है. इससे इंजीनियरों को चांद की धूल भरी खास सतह पर चलने के लिए अहम जानकारी मिलेगी. रोवल लैंडिंग साइट से काफी दूर जाएगा और वहां से वह अध्ययन कर सकेगा कि लैंडिंग का चांद की सतह पर क्या असर होता है.

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नासा आर्टिमिस अभियान के तहत दो लगोों को साल 2024 में चंद्रमा पर भेजेगा. (प्रतीकात्मक फोटो)


अगले महीने मंगल पर पर्सिवियरेंस रोवर के लिए तैयार नासा
इसी बीच अगले महीने नासा मंगल पर अपने पर्सवियरेंस रोवर भेजने के लिए तैयार है. यह प्रक्रिया अंतिम चरणों में पहुंच चुकी है. नासा का यह रोवल अगले साल 18 फरवरी को चांद की सतह पर उतरेगा. इससे पहले नासा मंगल पर क्यूरोसिटी रोवर भी भेज चुका है. साल 2012 में प्रक्षेपित किया गया यह रोवर अब भी मंगल पर काम सुचारू रूप से काम कर आंकड़े भेज रहा है. लेकिन पर्सवियरेंस अब नासा के लिए मिट्टी के नमूने भी जमा करेगा जिसे पृथ्वी पर लाने की तैयारी चल रही है.

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नासा का इरादा चांद पर ऐसा बेस बनाने का है जिससे अगले दशक में वह अपने मंगल यात्रियों का चांद से मंगल भेज सके यानि पहले यात्री चंद्रमा पर जाएंगे और फिर उसके बाद वहां से मंगल पर जाएंगे.  इतना ही नहीं ये यात्री मंगल से सीधे पृथ्वी पर भी नहीं आएंगे. वे लौटते समय भी पहले चांद पर आएंगे और फिर पृथ्वी पर आएंगे.
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